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Charkhi Dadri News: पानी की गुणवत्ता का पता लगाने में अफसर लापरवाह, मात्र 72 जांच रिपोर्ट भेजीं

Mon, 29 May 2023 12:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Mon, 29 May 2023 12:04 AM IST
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Officer careless in ascertaining the quality of water, sent only 72 investigation reports
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की प्रयोगशाला।
चरखी दादरी। जल जीवन मिशन के तहत प्री-मानसून केमिकल टेस्टिंग के लिए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी प्रयोगशाला में मात्र 72 सैंपल ही आए हैं। जबकि 31 मई तक पानी के अलग-अलग 504 स्रोतों से सैंपल लेने के बाद जांच रिपोर्ट ऑनलाइन अपलोड कर केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय को भेजनी है। ऐसे में इस बार जिले से महज 14.28 प्रतिशत सैंपल की ही रिपोर्ट अब तक अपलोड हो पाएगी। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है पानी की गुणवत्ता का पता लगाने के लिए संबंधित अधिकारी और कर्मचारी कितने गंभीर हैं।
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बता दें कि जल जीवन मिशन के तहत केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय को जमीनी और नहरी पानी की रिपोर्ट भेजनी होती है। यह रिपोर्ट प्री-मानसून और पोस्ट मानसून दोनों की भेजनी होती है ताकि पानी की गुणवत्ता का पता चल सके। अगर दोनों की रिपोर्ट फेल आ जाए तो विभाग की ओर से लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए पानी के उस स्रोत को बंद कर दिया जाता है। अगर एक रिपोर्ट नेगेटिव हो तो उसमें विभाग की ओर से क्लोरिन की मात्रा को बढ़ाकर ठीक करने का प्रयास किया जाता है। ऐसे में जल स्त्रोत से सैंपल लेना बेहद जरूरी है क्योंकि ये सीधा लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा है।
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जिले में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग एवं सिंचाई विभाग के लगभग 504 पानी के स्रोत निर्धारित हैं। प्रति वर्ष इन सभी स्रोतों के सैंपल की केमिकल टेस्ट कर रिपोर्ट केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय को भेजनी होती है। इस बार जिम्मेदारों का रवैया उदासीन रहा। यही कारण रहा कि जिले के 432 जल स्त्रोत से इस बार सैंपल नहीं लिए जा सके। इस लापरवाही का खामियाजा जिलावासियों को भुगतना पड़ सकता है। हालांकि अगर अभी भी तेजी से काम किया जाए तो अधिकारियों और कर्मचारियों के पास 72 घंटे का समय अभी शेष है। सैंपल रिपोर्ट अपलोड करने की अंतिम तिथि 31 मई है।
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- दो महीने में आए मात्र 72 सैंपल
प्री मानसून केमिकल टेस्टिंग का कार्य अप्रैल माह में शुरू हो चुका है और यह टेस्टिंग 31 मई तक चलेगी। इस दौरान कर्मचारियों को कुओं, नहरों, बोर और अन्य स्रोत पर जाकर पानी के सैंपल लाने हैं। विभाग इस बार सैंपलिंग में बिल्कुल दिलचस्पी नहीं दिखा रहा। केंद्रीय मंत्रालय को रिपोर्ट भेजने के तीन दिन शेष रह गए हैं और दो माह में महज 72 सैंपल ही आए हैं।




- इन 12 पैरामीटर पर होती है जांच
कैमिकल टेस्टिंग के दौरान पानी की 12 पैरामीटर पर जांच होती। इनमें मुख्यत: एलक्लेनिटी, क्लोराइड, हार्डनेस, टीडीएस, पीएच, फ्लोराइड, आयरन, अमोनिया, नाइट्रेट, निटरेट, फास्फेट, क्लोरिन की मात्रा जांची जाती है। टीडीएस की मात्रा 500 मिलीग्राम प्रति लीटर पैमाना निर्धारित है। अगर टीडीएस की मात्रा इससे अधिक होगी तो सैंपल फेल माना जाएगा।


कैमिकल जांच के लिए अब तक 72 सैंपल आए हैं, जिनकी जांच कर रिपोर्ट ऑनलाइन केंद्रीय मंत्रालय को भेज दी गई है। 31 मई तक सैंपल लिए जाने हैं।
सुधीर कुमार, कार्यवाहक रसायन वैज्ञानिक, प्रयोगशाला (जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी)
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