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ओडिसा एक विशाल संस्कृति वाला प्रदेश : प्रो. गणेशीलाल
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चरखी दादरी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरह हमें वासुदेव कुटुम्बकम की भावना रखकर अपने राष्ट्र की सेवा करनी चाहिए। सबका साथ, सबका विकास जैसे मूलमंत्र से ही हम भारत को विश्व शिरोमणि बना सकते हैं। ओडिसा के राज्यपाल प्रो. गणेशीलाल ने पूर्व चेयरमैन राजेंद्र सांगवान के निवास पर ये शब्द कहे।
राज्यपाल गणेशीलाल यहां व्यक्तिगत कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि ओडिसा के लोग गरीब होते हुए भी दिल से अमीर हैं। उन्होंने कहा कि संघ के कार्यक्रमों में अकसर मेरा दादरी आना होता था। जननी जन्मभूमि स्वर्ग से भी महान होती है। चरखी दादरी आकर मैं बहुत अपनत्व महसूस करता हूं। यह नगरी मेरे परिवार की तरह है।
उन्होंने कहा कि ओडिसा एक विशाल संस्कृति वाला प्रदेश है, जहां समुद्र, नदियां, खनिज पदार्थ, शास्त्रीय ओडिसी नृत्य, संगीत आदि हर एक विधा प्रचुर मात्रा में है। भारत के सबसे बड़े चार धाम में से एक भगवान जगन्नाथ की नगरी पुरी भी ओडिसा में ही है। उड़ीसा में भगवान जगन्नाथ की महिमा घर-घर में है। बाल्यकाल से ही बच्चों में जगन्नाथ प्रभु की भक्ति के संस्कार डाल दिए जाते हैं। इसके अलावा देवियों की 52 शक्तिपीठ भी ओडिसा में है। देवी कामाख्या, काली देवी असम, कोलकता में है तो विमला व तारणी देवी की शक्तिपीठ ओडिसा राज्य में स्थापित हैं।
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प्रो. गणेशीलाल ने कहा कि ओडिसा के लोग अपने मेहमान का दिल खोलकर स्वागत करते हैं। अग्रि मिसाईल को लांच करने व सुखोई विमान बनाने का काम यहीं होता है। उन्होंने खुले मन से दादरीवासियों को ओडिसा राज्य आने का निमंत्रण दिया। इस मौके पर अरविंद मित्तल, पूर्व एसपी राजपाल सिंह, जीतराम गुप्ता, भाजपा जिलाध्यक्ष सतेंद्र परमार, पूर्व एचसीएस राजीव अहलावत, रविंद्र सिलगर, रविंद्र सिंह गुप्ता, नरेश गर्ग, राजीव अरोड़ा, विरेंद्र टीनू, अशोक गुप्ता, विजय कानेजर, विष्णु मित्तल, पूर्व चेयरमैन कृष्ण मकड़ानिया, विमल, राकेश, पदमसिंह, कैलाश गोयल, रामकुमार रिटोलिया, पूर्व चेयरमैन जंगबीर सिंह, अनिरूद्ध मित्तल, नितिन खंडेलवाल, विनोद कानेजर, हरिराम खुडानिया, आनंद विजारणिया, डॉ. सुनील जांगड़ा, डॉ. राजेश शर्मा व प्रदीप आदि उपस्थित रहे।
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राज्यपाल गणेशीलाल यहां व्यक्तिगत कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि ओडिसा के लोग गरीब होते हुए भी दिल से अमीर हैं। उन्होंने कहा कि संघ के कार्यक्रमों में अकसर मेरा दादरी आना होता था। जननी जन्मभूमि स्वर्ग से भी महान होती है। चरखी दादरी आकर मैं बहुत अपनत्व महसूस करता हूं। यह नगरी मेरे परिवार की तरह है।
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उन्होंने कहा कि ओडिसा एक विशाल संस्कृति वाला प्रदेश है, जहां समुद्र, नदियां, खनिज पदार्थ, शास्त्रीय ओडिसी नृत्य, संगीत आदि हर एक विधा प्रचुर मात्रा में है। भारत के सबसे बड़े चार धाम में से एक भगवान जगन्नाथ की नगरी पुरी भी ओडिसा में ही है। उड़ीसा में भगवान जगन्नाथ की महिमा घर-घर में है। बाल्यकाल से ही बच्चों में जगन्नाथ प्रभु की भक्ति के संस्कार डाल दिए जाते हैं। इसके अलावा देवियों की 52 शक्तिपीठ भी ओडिसा में है। देवी कामाख्या, काली देवी असम, कोलकता में है तो विमला व तारणी देवी की शक्तिपीठ ओडिसा राज्य में स्थापित हैं।
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प्रो. गणेशीलाल ने कहा कि ओडिसा के लोग अपने मेहमान का दिल खोलकर स्वागत करते हैं। अग्रि मिसाईल को लांच करने व सुखोई विमान बनाने का काम यहीं होता है। उन्होंने खुले मन से दादरीवासियों को ओडिसा राज्य आने का निमंत्रण दिया। इस मौके पर अरविंद मित्तल, पूर्व एसपी राजपाल सिंह, जीतराम गुप्ता, भाजपा जिलाध्यक्ष सतेंद्र परमार, पूर्व एचसीएस राजीव अहलावत, रविंद्र सिलगर, रविंद्र सिंह गुप्ता, नरेश गर्ग, राजीव अरोड़ा, विरेंद्र टीनू, अशोक गुप्ता, विजय कानेजर, विष्णु मित्तल, पूर्व चेयरमैन कृष्ण मकड़ानिया, विमल, राकेश, पदमसिंह, कैलाश गोयल, रामकुमार रिटोलिया, पूर्व चेयरमैन जंगबीर सिंह, अनिरूद्ध मित्तल, नितिन खंडेलवाल, विनोद कानेजर, हरिराम खुडानिया, आनंद विजारणिया, डॉ. सुनील जांगड़ा, डॉ. राजेश शर्मा व प्रदीप आदि उपस्थित रहे।