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अब स्कूलों में विद्यार्थी सीखेंगे रोजगार के गुर
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समसपुर राजकीय स्कूल जहां स्किल हब केंद्र बनाया गया है।
- फोटो : CharkhiDadri
जगवीर शर्मा
चरखी दादरी। किसी कारणवश बीच में ही पढ़ाई छोड़ने वाले छात्रों एवं युवाओं को समग्र शिक्षा योजना के तहत अब रोजगार के लायक बनाया जाएगा। इसके लिए जिला के दो राजकीय स्कूलों में स्किल हब सेंटर खोले जाएंगे। इन केंद्रों में विशेष प्रशिक्षण एवं कोर्स करवाए जाएंगे। कोर्स छह का माह का होगा। यह प्रशिक्षण स्कूल में छुट्टी होने के बाद शाम की पारी में करवाया जाएगा।
बहुत से ऐसे छात्र होते हैं जो पारिवारिक, शारीरिक एवं आर्थिक विषम परिस्थितियों के चलते पढ़ाई बीच में ही छोड़ देते हैं। ऐसे छात्रों को शिक्षा विभाग ड्रॉप आउट की श्रेणी में मानता है। समय- ममय पर शिक्षा विभाग की ओर से ऐसे छात्रों का सर्वे भी करवाता है और फिर से स्कूलों में दाखिला सुनिश्चित करने का भी प्रयास किया जाता है। शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 के तहत प्रत्येक बच्चेको अनिवार्य एवं मुफ्त शिक्षा प्रदान करने का प्रावधान है। इसके लिए कक्षा आठवीं तक पुस्तकें व दोपहर के भोजन की भी व्यवस्था है। ट्यूशन फीस भी सरकार वहन करती हैं। फिर भी बहुत सारे ऐसे छात्र होते हैं जो बीच में ही पढ़ाई छोड़ देते हैं। अभिभावक भी ऐसे छात्रों के कॅरियर को लेकर दुविधा में पड़ जाते हैं। कई अभिभावक अपने स्तर पर भी ऐसे छात्रों को बाइक मरम्मत करना, बिजली मैकेनिक, फीटर, पलंबर आदि वर्क एजूकेशन से जुड़े काम सिखाने का प्रयास करते हैं ताकि अपना स्वरोजगार कर सके। अब ऐसे छात्रों के लिए सरकार ने विशेष प्लान तैयार किया है।
अब सरकार ने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत जिला चरखी दादरी के दो विद्यालय स्किल हब सेंटर बनाए हैं। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय समसपुर और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बेरला में कक्षा छठीं से और कॉलेज स्तर के ड्रॉप आउट युवा इनमें प्रवेश लेकर छह माह का कौशल आधारित कोर्स कर सकते हैं। यह कोर्स करने के बाद वे रोजगार प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ सकते है। संवाद
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नेशनल फ्रेमवर्क शिक्षक देंगे ट्रेनिंग
नेशनल फ्रेमवर्क के शिक्षकों द्वारा इन्हें ट्रेनिंग दी जाएगी और इनकी स्किल को विकसित किया जाएगा। इन दोनों स्कूलों के प्राचार्य इस स्किल हब सेंटर के प्रभारी होंगे और यह कोर्स स्कूल की छुट्टी होने के बाद संध्या पारी में शुरू होगा। वर्क एजूकेशन से जुड़े कोर्स का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें कृषि, हस्तकला, शिल्प, मैकेनिक, बागवानी, मछली पालन, पशुपालन, डेयरी आदि प्रशिक्षण दिया जाएगा।
बेरला और समसपुर राजकीय स्कूल में ड्रॉप आउट बच्चों के लिए स्किल हब सेंटर खोले जाने हैं। गाइडलाइन मिलते ही यहां युवाओं को प्रशिक्षण देना शुरू कर दिया जाएगा। - कुलदीप सिंह, जिला शिक्षा परियोजना अधिकारी
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चरखी दादरी। किसी कारणवश बीच में ही पढ़ाई छोड़ने वाले छात्रों एवं युवाओं को समग्र शिक्षा योजना के तहत अब रोजगार के लायक बनाया जाएगा। इसके लिए जिला के दो राजकीय स्कूलों में स्किल हब सेंटर खोले जाएंगे। इन केंद्रों में विशेष प्रशिक्षण एवं कोर्स करवाए जाएंगे। कोर्स छह का माह का होगा। यह प्रशिक्षण स्कूल में छुट्टी होने के बाद शाम की पारी में करवाया जाएगा।
बहुत से ऐसे छात्र होते हैं जो पारिवारिक, शारीरिक एवं आर्थिक विषम परिस्थितियों के चलते पढ़ाई बीच में ही छोड़ देते हैं। ऐसे छात्रों को शिक्षा विभाग ड्रॉप आउट की श्रेणी में मानता है। समय- ममय पर शिक्षा विभाग की ओर से ऐसे छात्रों का सर्वे भी करवाता है और फिर से स्कूलों में दाखिला सुनिश्चित करने का भी प्रयास किया जाता है। शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 के तहत प्रत्येक बच्चेको अनिवार्य एवं मुफ्त शिक्षा प्रदान करने का प्रावधान है। इसके लिए कक्षा आठवीं तक पुस्तकें व दोपहर के भोजन की भी व्यवस्था है। ट्यूशन फीस भी सरकार वहन करती हैं। फिर भी बहुत सारे ऐसे छात्र होते हैं जो बीच में ही पढ़ाई छोड़ देते हैं। अभिभावक भी ऐसे छात्रों के कॅरियर को लेकर दुविधा में पड़ जाते हैं। कई अभिभावक अपने स्तर पर भी ऐसे छात्रों को बाइक मरम्मत करना, बिजली मैकेनिक, फीटर, पलंबर आदि वर्क एजूकेशन से जुड़े काम सिखाने का प्रयास करते हैं ताकि अपना स्वरोजगार कर सके। अब ऐसे छात्रों के लिए सरकार ने विशेष प्लान तैयार किया है।
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अब सरकार ने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत जिला चरखी दादरी के दो विद्यालय स्किल हब सेंटर बनाए हैं। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय समसपुर और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बेरला में कक्षा छठीं से और कॉलेज स्तर के ड्रॉप आउट युवा इनमें प्रवेश लेकर छह माह का कौशल आधारित कोर्स कर सकते हैं। यह कोर्स करने के बाद वे रोजगार प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ सकते है। संवाद
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नेशनल फ्रेमवर्क शिक्षक देंगे ट्रेनिंग
नेशनल फ्रेमवर्क के शिक्षकों द्वारा इन्हें ट्रेनिंग दी जाएगी और इनकी स्किल को विकसित किया जाएगा। इन दोनों स्कूलों के प्राचार्य इस स्किल हब सेंटर के प्रभारी होंगे और यह कोर्स स्कूल की छुट्टी होने के बाद संध्या पारी में शुरू होगा। वर्क एजूकेशन से जुड़े कोर्स का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें कृषि, हस्तकला, शिल्प, मैकेनिक, बागवानी, मछली पालन, पशुपालन, डेयरी आदि प्रशिक्षण दिया जाएगा।
बेरला और समसपुर राजकीय स्कूल में ड्रॉप आउट बच्चों के लिए स्किल हब सेंटर खोले जाने हैं। गाइडलाइन मिलते ही यहां युवाओं को प्रशिक्षण देना शुरू कर दिया जाएगा। - कुलदीप सिंह, जिला शिक्षा परियोजना अधिकारी