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Charkhi Dadri News: किसान सम्मान योजना के अनुचित लाभ पर पांच हजार किसानों को नोटिस
Sat, 03 Aug 2024 11:32 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sat, 03 Aug 2024 11:32 PM IST
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चरखी दादरी कृषि विभाग कार्यालय।
चरखी दादरी। कृषि विभाग ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के तहत भत्ता पाने वाले पांच हजार किसानों के पास नोटिस जारी कर भत्ता राशि वापस जमा करवाने के निर्देश दिए हैं। काफी संख्या में दंपती इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। कृषि विभाग के मुताबिक किस्त वापस जमा कराने के लिए बाकायदा सरकार की ओर से बैंक खाता नंबर भी जारी किया गया है।
जिले में करीब 35 हजार किसानों को सम्मान भत्ता मिल रहा है। पिछले माह जारी की गई किस्त में 30 हजार किसानों को भत्ता राशि मिली थी। फरवरी 2019 में केंद्र सरकार की ओर से किसान सम्मान निधि योजना शुरू की गई थी। उस समय केवल पांच एकड़ से कम जमीन वाले किसानों को ही इस योजना में शामिल किया गया था। तत्पश्चात उन किसानों को भी इस योजना के दायरे में शामिल कर लिया गया था जो पांच एकड़ से ज्यादा कृषि योग्य जमीन के मालिक हैं। इस योजना का फायदा उन किसानों को नहीं मिलता है, जो किसी सरकारी विभाग से पेंशन या सरकारी नौकरी के रूप में 10 हजार रुपये प्रतिमाह ले रहे हैं और आयकरदाता हैं। एक ही परिवार से दंपती किसान इस योजना का लाभ नहीं उठा सकते।जमीन का सत्यापन कर लगाया वास्तविक किसान का पता
सरकार ने इस योजना का लाभ उठा रहे किसानों की जमीन का सत्यापन भी करवाया है, ताकि यह पता चल सके कि वास्तव में किसान कौन है और कौन नहीं। इससे किसान की आय का भी आकलन किया गया है। बाद में इस डाटा का फैमिली आईडी से भी मिलान किया गया, ताकि आय का ब्योरा स्पष्ट हो सके।
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केवाईसी नहीं कराने वाले बने सिरदर्द
कृषि विभाग के लिए जिलेभर में पांच हजार किसान पांच साल से सिरदर्द बने हुए हैं। इनमें ज्यादातर दंपती किसान शामिल हैं। ये दंपती किसान पीएम किसान सम्मान योजना का लाभ उठा रहे हैं, जबकि आज तक उन्होंने केवाईसी नहीं करवाई है। इस वजह से विभाग को भी उनका पूरा डाटा मिल नहीं पा रहा है। विभाग की ओर से इनको लिखित में नोटिस भेजे गए हैं। नोटिस में कहा गया है कि दंपती में से एक सरकार से ली गई पीएम किसान सम्मान राशि सरकारी बैंक खाता में जमा करवाए। इसके बाद ही दोनों में से एक का सम्मान भत्ता शुरू कर दिया जाएगा। बैंक में यह राशि जमा करवाने के बाद किसान को इसकी रसीद कृषि विभाग में जमा करवानी होगी। इसके बाद दंपती में से एक का भत्ता शुरू कर दिया जाएगा।
करीब पांच हजार ऐसे किसान हैं, जो केवाईसी नहीं करवा रहे हैं। इनमें ज्यादातर दंपती किसान हैं, जो कि नियमों के खिलाफ सम्मान भत्ता ले रहे हैं। विभाग इनकी जांच-पड़ताल में जुटा है।
-डॉ. जितेंद्र सिहाग, तकनीकी कृषि अधिकारी
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जिले में करीब 35 हजार किसानों को सम्मान भत्ता मिल रहा है। पिछले माह जारी की गई किस्त में 30 हजार किसानों को भत्ता राशि मिली थी। फरवरी 2019 में केंद्र सरकार की ओर से किसान सम्मान निधि योजना शुरू की गई थी। उस समय केवल पांच एकड़ से कम जमीन वाले किसानों को ही इस योजना में शामिल किया गया था। तत्पश्चात उन किसानों को भी इस योजना के दायरे में शामिल कर लिया गया था जो पांच एकड़ से ज्यादा कृषि योग्य जमीन के मालिक हैं। इस योजना का फायदा उन किसानों को नहीं मिलता है, जो किसी सरकारी विभाग से पेंशन या सरकारी नौकरी के रूप में 10 हजार रुपये प्रतिमाह ले रहे हैं और आयकरदाता हैं। एक ही परिवार से दंपती किसान इस योजना का लाभ नहीं उठा सकते।जमीन का सत्यापन कर लगाया वास्तविक किसान का पता
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सरकार ने इस योजना का लाभ उठा रहे किसानों की जमीन का सत्यापन भी करवाया है, ताकि यह पता चल सके कि वास्तव में किसान कौन है और कौन नहीं। इससे किसान की आय का भी आकलन किया गया है। बाद में इस डाटा का फैमिली आईडी से भी मिलान किया गया, ताकि आय का ब्योरा स्पष्ट हो सके।
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केवाईसी नहीं कराने वाले बने सिरदर्द
कृषि विभाग के लिए जिलेभर में पांच हजार किसान पांच साल से सिरदर्द बने हुए हैं। इनमें ज्यादातर दंपती किसान शामिल हैं। ये दंपती किसान पीएम किसान सम्मान योजना का लाभ उठा रहे हैं, जबकि आज तक उन्होंने केवाईसी नहीं करवाई है। इस वजह से विभाग को भी उनका पूरा डाटा मिल नहीं पा रहा है। विभाग की ओर से इनको लिखित में नोटिस भेजे गए हैं। नोटिस में कहा गया है कि दंपती में से एक सरकार से ली गई पीएम किसान सम्मान राशि सरकारी बैंक खाता में जमा करवाए। इसके बाद ही दोनों में से एक का सम्मान भत्ता शुरू कर दिया जाएगा। बैंक में यह राशि जमा करवाने के बाद किसान को इसकी रसीद कृषि विभाग में जमा करवानी होगी। इसके बाद दंपती में से एक का भत्ता शुरू कर दिया जाएगा।
करीब पांच हजार ऐसे किसान हैं, जो केवाईसी नहीं करवा रहे हैं। इनमें ज्यादातर दंपती किसान हैं, जो कि नियमों के खिलाफ सम्मान भत्ता ले रहे हैं। विभाग इनकी जांच-पड़ताल में जुटा है।
-डॉ. जितेंद्र सिहाग, तकनीकी कृषि अधिकारी