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हड़ताल बेअसर, सेवाएं रहीं सुचारू
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बस स्टैंड परिसर में बूथों पर खड़ीं बसें।
- फोटो : CharkhiDadri
कर्मचारी संगठनों द्वारा वीरवार को की गई हड़ताल जिले में बेअसर रही। मूलभूत सेवाओं पर हड़ताल का कोई असर नहीं पड़ा। रोडवेज, बिजली निगम, जनस्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग और कृषि विभाग में कामकाज आम दिनों की भांति सुचारु रूप से चला। इन विभागों के कच्चे और पक्के 164 कर्मचारी ही हड़ताल पर रहे। जिले में पांच प्रतिशत कर्मचारियों के भी हड़ताल में शामिल न होने की चर्चा दिनभर रही।
जिला प्रशासन ने कर्मचारियों की हड़ताल के मद्देनजर वीरवार और शुक्रवार के लिए धारा-144 लागू की हुई है। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार हड़ताल में शामिल होने वाले विभिन्न विभागों के कर्मचारी पहले कार्यालय परिसर में इकट्ठे हुए और इसके बाद नगर परिषद कार्यालय में सर्व कर्मचारी संघ के बैनर तले पहुंचे। यहां उन्होंने नारेबाजी कर सरकारी की नीतियों का विरोध किया।
सफाई कर्मचारी यूनियन प्रधान राजेंद्र के अलावा महिला विंग प्रधान सुनीता ने कहा कि सरकार कर्मचारियों के खिलाफ दमनकारी नीति अपनाए हुए है। कर्मचारी वर्ग अब इसे सहन नहीं करेगा। कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर एकजुट हो चुके हैं और सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों को अब सहन नहीं करेंगे। नप कार्यालय पहुंचे रोडवेज तालमेल कमेटी कृष्ण ऊण, मंजीत दलाल और अन्य ने भी सरकार के खिलाफ रोष जताया।
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- इन विभागों की सेवाएं रहीं सुचारु, नाममात्र कर्मी रहे अनुपस्थित
- जनस्वास्थ्य विभाग :- जनस्वास्थ्य विभाग में 177 कर्मचारी हैं। इनमें से 147 कर्मचारी ड्यूटी पर हाजिर रहे जबकि 30 गैरहाजिर रहे। शहर में पेयजल आपूर्ति सुचारु रूप से हुई जबकि सीवर संबंधी समस्याओं का समाधान भी किया गया। विभाग कार्यालय परिसर में कर्मचारियों ने रोष जताया।
- रोडवेज : हड़ताल के बावजूद वीरवार को रोडवेज सेवा सभी रूटों पर सुचारु रही। 761 कर्मचारियों में से 738 ड्यूटी पर और 23 अनुपस्थित रहे। अनुपस्थित रहने वालों में से दो चालक और एक परिचालक पहले से छुट्टी पर चल रहा है। वर्कशॉप कर्मचारियों ने बस स्टैंड परिसर के अंदर बैठकर रोष जाहिर किया।
- बिजली निगम :- बिजली निगम में पक्के 378 कर्मचारियों में से 377 ड्यूटी पर हाजिर रहे जबकि एक गैर हाजिर रहा। कांट्रेक्ट और आउटसोर्सिंग के 317 कर्मचारियों में से 312 हाजिर रहे जबकि पांच अनुपस्थित रहे। हड़ताल के बावजूद कार्यालय में मिलने वालीं सेवाएं सुचारु रहीं और बिजली समस्याओं का भी समाधान हुआ।
- नगर परिषद :- नगर परिषद के 87 पक्के कर्मचारियों में से 56 ड्यूटी पर पहुंचे जबकि 31 अनुपस्थित रहे। अनुपस्थित रहने वालों में से 17 कर्मचारी छुट्टी पर पहले से ही चल रहे हैं। वहीं, कांट्रेक्ट और आउटसोर्सिंग के 228 कर्मचारियों में से 133 ड्यूटी पर पहुंचे जबकि 95 गैरहाजिर रहे। वार्डों में डोर-टू-डोर कचरा उठान सेवा थोड़ी प्रभावित हुई।
11 ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने संभाली कमान
कर्मचारी संगठनों की प्रस्तावित हड़ताल को देखते हुए डीसी राजेश जोगपाल ने पहले ही धारा 144 लागू करने के साथ ड्यूटी मजिस्ट्रेट भी तैनात कर दिए थे। उन्होंने कानून व्यवस्था कायम रखने के लिए जिले में 11 ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात किए थे। वीरवार को ये ड्यूटी मजिस्ट्रेट अपने अपने क्षेत्र में तैनात रहे और प्रशासन को लगातार अपडेट देते रहे।
कर्मचारी संगठनों की हड़ताल के दौरान जिले में कोई हिंसक घटना नहीं हुई। सुरक्षा के हमने कड़े बंदोबस्त किए थे और हड़ताल का किसी भी प्रकार की सेवाओं पर असर नही पड़ा। -राजेश जोगपाल, डीसी, चरखी दादरी।
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जिला प्रशासन ने कर्मचारियों की हड़ताल के मद्देनजर वीरवार और शुक्रवार के लिए धारा-144 लागू की हुई है। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार हड़ताल में शामिल होने वाले विभिन्न विभागों के कर्मचारी पहले कार्यालय परिसर में इकट्ठे हुए और इसके बाद नगर परिषद कार्यालय में सर्व कर्मचारी संघ के बैनर तले पहुंचे। यहां उन्होंने नारेबाजी कर सरकारी की नीतियों का विरोध किया।
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सफाई कर्मचारी यूनियन प्रधान राजेंद्र के अलावा महिला विंग प्रधान सुनीता ने कहा कि सरकार कर्मचारियों के खिलाफ दमनकारी नीति अपनाए हुए है। कर्मचारी वर्ग अब इसे सहन नहीं करेगा। कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर एकजुट हो चुके हैं और सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों को अब सहन नहीं करेंगे। नप कार्यालय पहुंचे रोडवेज तालमेल कमेटी कृष्ण ऊण, मंजीत दलाल और अन्य ने भी सरकार के खिलाफ रोष जताया।
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- इन विभागों की सेवाएं रहीं सुचारु, नाममात्र कर्मी रहे अनुपस्थित
- जनस्वास्थ्य विभाग :- जनस्वास्थ्य विभाग में 177 कर्मचारी हैं। इनमें से 147 कर्मचारी ड्यूटी पर हाजिर रहे जबकि 30 गैरहाजिर रहे। शहर में पेयजल आपूर्ति सुचारु रूप से हुई जबकि सीवर संबंधी समस्याओं का समाधान भी किया गया। विभाग कार्यालय परिसर में कर्मचारियों ने रोष जताया।
- रोडवेज : हड़ताल के बावजूद वीरवार को रोडवेज सेवा सभी रूटों पर सुचारु रही। 761 कर्मचारियों में से 738 ड्यूटी पर और 23 अनुपस्थित रहे। अनुपस्थित रहने वालों में से दो चालक और एक परिचालक पहले से छुट्टी पर चल रहा है। वर्कशॉप कर्मचारियों ने बस स्टैंड परिसर के अंदर बैठकर रोष जाहिर किया।
- बिजली निगम :- बिजली निगम में पक्के 378 कर्मचारियों में से 377 ड्यूटी पर हाजिर रहे जबकि एक गैर हाजिर रहा। कांट्रेक्ट और आउटसोर्सिंग के 317 कर्मचारियों में से 312 हाजिर रहे जबकि पांच अनुपस्थित रहे। हड़ताल के बावजूद कार्यालय में मिलने वालीं सेवाएं सुचारु रहीं और बिजली समस्याओं का भी समाधान हुआ।
- नगर परिषद :- नगर परिषद के 87 पक्के कर्मचारियों में से 56 ड्यूटी पर पहुंचे जबकि 31 अनुपस्थित रहे। अनुपस्थित रहने वालों में से 17 कर्मचारी छुट्टी पर पहले से ही चल रहे हैं। वहीं, कांट्रेक्ट और आउटसोर्सिंग के 228 कर्मचारियों में से 133 ड्यूटी पर पहुंचे जबकि 95 गैरहाजिर रहे। वार्डों में डोर-टू-डोर कचरा उठान सेवा थोड़ी प्रभावित हुई।
11 ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने संभाली कमान
कर्मचारी संगठनों की प्रस्तावित हड़ताल को देखते हुए डीसी राजेश जोगपाल ने पहले ही धारा 144 लागू करने के साथ ड्यूटी मजिस्ट्रेट भी तैनात कर दिए थे। उन्होंने कानून व्यवस्था कायम रखने के लिए जिले में 11 ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात किए थे। वीरवार को ये ड्यूटी मजिस्ट्रेट अपने अपने क्षेत्र में तैनात रहे और प्रशासन को लगातार अपडेट देते रहे।
कर्मचारी संगठनों की हड़ताल के दौरान जिले में कोई हिंसक घटना नहीं हुई। सुरक्षा के हमने कड़े बंदोबस्त किए थे और हड़ताल का किसी भी प्रकार की सेवाओं पर असर नही पड़ा। -राजेश जोगपाल, डीसी, चरखी दादरी।