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Charkhi Dadri News: ठंड में निमोनिया का शिकार बन रहे लोग, 5 दिन में आए 7 केस
Tue, 07 Jan 2025 12:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Tue, 07 Jan 2025 12:52 AM IST
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धुंध व ठंडी हवा से श्वांस मरीजों की भी उखड़ रहीं सांसें, बच्चे बन रहे निमोनिया के ज्यादा शिकार
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। ठंड बढ़ने से नागरिक और निजी अस्पतालों में निमोनिया के केस भी आने शुरू हो गए हैं। जिला नागरिक अस्पताल में बीते पांच दिन में 7 निमोनिया और 5 श्वांस संबंधी मरीज पहुंचे हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से 28 फरवरी तक राज्यस्तरीय सांस अभियान चलाकर लोगों को इससे बचाव बारे जागरूक किया जा रहा है।
ठंड में पांच साल तक के बच्चों को निमोनिया की शिकायत अधिक रहती है। अगर सही समय पर इसका उपचार नहीं किया जाए तो ये बच्चों की जान के लिए खतरा हो सकता है। फिलहाल, नागरिक अस्पताल में निमोनिया के 7 केस आए हैं। इनमें सभी बच्चे 5 साल से कम उम्र के हैं। वहीं, श्वांस रोग में सबसे अधिक बुजुर्ग व्यक्ति हैं। विभाग की ओर से सभी का उपचार किया गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि 5 साल से कम उम्र के बच्चों की मौत का कारण 90 फीसदी तक निमोनिया ही रहता है। अगर सही समय पर निमोनिया का उपचार नहीं कराया जाए तो बाद में यह बच्चे की जान के लिए घातक हो सकता है। इसलिए सही समय पर निमोनिया के लक्षण पहचानकर इसका उपचार कराना चाहिए। वहीं, श्वांस रोगी अधिकतर नशा और विषम तासीर के भोजन एक साथ करने से होते हैं। अगर लोग खानपान पर ध्यान दें तो श्वांस रोगों से मुक्ति पा सकते हैं। ठंड में श्वांस रोगियों की सांसें भी मंद हो जाती हैं। सांस लेने काफी कठिनाई होती है।
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ये हैं निमोनिया के लक्षण
- बच्चे का तेजी से सांस लेना।
- सांस लेते समय छाती का नीचे बैठना।
- तेज बुखार आना।
- जुकाम व खांसी का बढ़ना।
- भूख नहीं लगना।
ये हैं निमोनिया से बचाव के उपाय
- साबुन से बार-बार हाथ धोना।
- पोषणयुक्त भोजन व मां का दूध।
- समय पर टीकाकरण करवाएं।
- सर्दी में बच्चों का पूरा प्रबंध रखें।
वर्सन:
निमोनिया से बचाव के लिए विभाग की ओर से अभियान चलाया जा रहा है। अभी तक अधिक मामले सामने नहीं आए हैं। ठंड से बचाव रखें और निमोनिया के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सक से जांच करवाकर उपचार कराएं।
-आशीष मान, डिप्टी सीएमओ, जिला स्वास्थ्य विभाग
फोटो- 20
नागरिक अस्पताल में खांसी-जुकाम की जांच कराने पहुंचे मरीज। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। ठंड बढ़ने से नागरिक और निजी अस्पतालों में निमोनिया के केस भी आने शुरू हो गए हैं। जिला नागरिक अस्पताल में बीते पांच दिन में 7 निमोनिया और 5 श्वांस संबंधी मरीज पहुंचे हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से 28 फरवरी तक राज्यस्तरीय सांस अभियान चलाकर लोगों को इससे बचाव बारे जागरूक किया जा रहा है।
ठंड में पांच साल तक के बच्चों को निमोनिया की शिकायत अधिक रहती है। अगर सही समय पर इसका उपचार नहीं किया जाए तो ये बच्चों की जान के लिए खतरा हो सकता है। फिलहाल, नागरिक अस्पताल में निमोनिया के 7 केस आए हैं। इनमें सभी बच्चे 5 साल से कम उम्र के हैं। वहीं, श्वांस रोग में सबसे अधिक बुजुर्ग व्यक्ति हैं। विभाग की ओर से सभी का उपचार किया गया है।
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विशेषज्ञों का कहना है कि 5 साल से कम उम्र के बच्चों की मौत का कारण 90 फीसदी तक निमोनिया ही रहता है। अगर सही समय पर निमोनिया का उपचार नहीं कराया जाए तो बाद में यह बच्चे की जान के लिए घातक हो सकता है। इसलिए सही समय पर निमोनिया के लक्षण पहचानकर इसका उपचार कराना चाहिए। वहीं, श्वांस रोगी अधिकतर नशा और विषम तासीर के भोजन एक साथ करने से होते हैं। अगर लोग खानपान पर ध्यान दें तो श्वांस रोगों से मुक्ति पा सकते हैं। ठंड में श्वांस रोगियों की सांसें भी मंद हो जाती हैं। सांस लेने काफी कठिनाई होती है।
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ये हैं निमोनिया के लक्षण
- बच्चे का तेजी से सांस लेना।
- सांस लेते समय छाती का नीचे बैठना।
- तेज बुखार आना।
- जुकाम व खांसी का बढ़ना।
- भूख नहीं लगना।
ये हैं निमोनिया से बचाव के उपाय
- साबुन से बार-बार हाथ धोना।
- पोषणयुक्त भोजन व मां का दूध।
- समय पर टीकाकरण करवाएं।
- सर्दी में बच्चों का पूरा प्रबंध रखें।
वर्सन:
निमोनिया से बचाव के लिए विभाग की ओर से अभियान चलाया जा रहा है। अभी तक अधिक मामले सामने नहीं आए हैं। ठंड से बचाव रखें और निमोनिया के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सक से जांच करवाकर उपचार कराएं।
-आशीष मान, डिप्टी सीएमओ, जिला स्वास्थ्य विभाग
फोटो- 20
नागरिक अस्पताल में खांसी-जुकाम की जांच कराने पहुंचे मरीज। संवाद