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Charkhi Dadri News: न संसाधन पर्याप्त हैं न सफाई कर्मचारी, कैसे सुधरेगी स्वच्छता रैंकिंग!
Wed, 08 Jan 2025 11:48 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Wed, 08 Jan 2025 11:48 PM IST
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चरखी दादरी के निरीक्षण भवन मार्ग पर सफाई करते कर्मचारी।
चरखी दादरी। पिछले छह सालों में दादरी शहर की स्वच्छता रैंकिंग में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। हालांकि, अंतिम स्वच्छता रैंकिंग में दादरी नगर परिषद का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा। वर्ष 2022 के मुकाबले स्वच्छता रैंकिंग 1805 स्थान फिसल गई। हालांकि, एक साल से अधिक समय गुजर जाने के बाद भी नगर परिषद के पास सफाई कर्मचारी और संसाधन पर्याप्त नहीं हैं। इसका असर इस बार की स्वच्छता रैंकिंग पर पड़ सकता है।
शहर में 21 वार्ड हैं। नगर परिषद के पास कुल 196 कर्मचारी हैं। अगर आबादी के लिहाज से देखें तो यह संख्या कम है। नियमानुसार 400 की आबादी पर एक कर्मचारी होना जरूरी है। दादरी शहर की आबादी 80 हजार से पार है। वहीं, प्रतिदिन करीब 10 प्रतिशत सफाई कर्मचारी छुट्टी पर भी रहते हैं। उस स्थिति में पूरे शहर की सफाई के लिए करीब 175 कर्मचारी ही बच जाते हैं।
वहीं, नगर पार्षदों की मानें तो इनमें से कुछ कर्मचारी अधिकारियों के आवास पर सफाई करने जाते हैं। शहर की सफाई की जिम्मेदारी करीब 150 कर्मचारी ही संभालते हैं। इन तमाम स्थितियों को देखते हुए नगर परिषद के पास कम से कम 250 सफाई कर्मचारी होने चाहिए।
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दरअसल, शहर की सफाई व्यवस्था पिछले दो सालों से दो भागों में बांटी गई है। गलियों और सड़कों पर झाडू नगर परिषद के कर्मचारी लगाते हैं। डोर-टू-डोर और डंपिंग पॉइंट्स से कचरा उठान एजेंसी के कर्मचारी करते हैं। एजेंसी के साथ अनुबंध होने पर नगर परिषद ने सभी ऑटो टिप्पर एजेंसी को सौंप दिए थे। हाालांकि, तंग गलियों में ऑटो टिप्पर नहीं जा पाते। फिलहाल, एजेंसी के पास इन गलियों में बने घरों से कचरा उठान के लिए तीन पहिया रिक्शा तक नहीं हैं।
- प्रतिदिन निकलता है 30 से 35 टन कचरा
दादरी शहर की अगर बात करें तो प्रतिदिन एजेंसी 30 से 35 टन कचरे की उठान करती है। यह कचरा एमआरएफ सेंटर पर ले जाया जाता है। वहां से निस्तारण के लिए भिवानी स्थित एजेंसी के प्लांट में भेजा जाता है। एजेंसी को ठेका देने के बाद कचरे की मात्रा बढ़ी है।
- तीन पहिया रिक्शा की भी बनी कमी
नगर परिषद के पास इस समय तीन पहिया रिक्शा नहीं है। इससे वार्डाें की गलियों में सफाई करने वाले कर्मचारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। पार्षद कई दफा अधिकारियों से तीन पहिया रिक्शा की खरीद कर हर वार्ड को वितरित करने की मांग कर चुके हैं, लेकिन, अब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है।
किस साल स्वच्छता में कैसा रहा नगर परिषद का प्रदर्शन
वर्ष - रैंकिंग
2018- 315
2019- 850
2020-11
2021-43
2022- 58
2023-1863
सफाई कर्मचारियों की कमी जल्द दूर कर दी जाएगी। इसके लिए मंगलवार को आयोजित नगर परिषद सदन की बैठक में प्रस्ताव भी पास किया गया है। तीन पहिया रिक्शा खरीद के लिए टेंडर आमंत्रित कर चुके हैं। जल्द ही संसाधनों की कमी दूर कर दी जाएगी। -बक्शीराम सैनी, चेयरमैन, दादरी नगर परिषद।
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शहर में 21 वार्ड हैं। नगर परिषद के पास कुल 196 कर्मचारी हैं। अगर आबादी के लिहाज से देखें तो यह संख्या कम है। नियमानुसार 400 की आबादी पर एक कर्मचारी होना जरूरी है। दादरी शहर की आबादी 80 हजार से पार है। वहीं, प्रतिदिन करीब 10 प्रतिशत सफाई कर्मचारी छुट्टी पर भी रहते हैं। उस स्थिति में पूरे शहर की सफाई के लिए करीब 175 कर्मचारी ही बच जाते हैं।
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वहीं, नगर पार्षदों की मानें तो इनमें से कुछ कर्मचारी अधिकारियों के आवास पर सफाई करने जाते हैं। शहर की सफाई की जिम्मेदारी करीब 150 कर्मचारी ही संभालते हैं। इन तमाम स्थितियों को देखते हुए नगर परिषद के पास कम से कम 250 सफाई कर्मचारी होने चाहिए।
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दरअसल, शहर की सफाई व्यवस्था पिछले दो सालों से दो भागों में बांटी गई है। गलियों और सड़कों पर झाडू नगर परिषद के कर्मचारी लगाते हैं। डोर-टू-डोर और डंपिंग पॉइंट्स से कचरा उठान एजेंसी के कर्मचारी करते हैं। एजेंसी के साथ अनुबंध होने पर नगर परिषद ने सभी ऑटो टिप्पर एजेंसी को सौंप दिए थे। हाालांकि, तंग गलियों में ऑटो टिप्पर नहीं जा पाते। फिलहाल, एजेंसी के पास इन गलियों में बने घरों से कचरा उठान के लिए तीन पहिया रिक्शा तक नहीं हैं।
- प्रतिदिन निकलता है 30 से 35 टन कचरा
दादरी शहर की अगर बात करें तो प्रतिदिन एजेंसी 30 से 35 टन कचरे की उठान करती है। यह कचरा एमआरएफ सेंटर पर ले जाया जाता है। वहां से निस्तारण के लिए भिवानी स्थित एजेंसी के प्लांट में भेजा जाता है। एजेंसी को ठेका देने के बाद कचरे की मात्रा बढ़ी है।
- तीन पहिया रिक्शा की भी बनी कमी
नगर परिषद के पास इस समय तीन पहिया रिक्शा नहीं है। इससे वार्डाें की गलियों में सफाई करने वाले कर्मचारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। पार्षद कई दफा अधिकारियों से तीन पहिया रिक्शा की खरीद कर हर वार्ड को वितरित करने की मांग कर चुके हैं, लेकिन, अब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है।
किस साल स्वच्छता में कैसा रहा नगर परिषद का प्रदर्शन
वर्ष - रैंकिंग
2018- 315
2019- 850
2020-11
2021-43
2022- 58
2023-1863
सफाई कर्मचारियों की कमी जल्द दूर कर दी जाएगी। इसके लिए मंगलवार को आयोजित नगर परिषद सदन की बैठक में प्रस्ताव भी पास किया गया है। तीन पहिया रिक्शा खरीद के लिए टेंडर आमंत्रित कर चुके हैं। जल्द ही संसाधनों की कमी दूर कर दी जाएगी। -बक्शीराम सैनी, चेयरमैन, दादरी नगर परिषद।