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बकाया प्रॉपर्टी टैक्स पर नप सख्त, 100 इकाइयों को सील करने की तैयारी

Tue, 12 Jan 2021 11:56 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 12 Jan 2021 11:56 PM IST
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Nap strict on outstanding property tax, preparing to seal 100 units
नगर परिषद अधिकारियों ने अब प्रॉपर्टी टैक्स की अदायगी न करने वाली इकाइयों पर नजर टेढ़ी कर ली है। नए एक्ट में अब नगर परिषद को भी प्रॉपर्टी टैक्स की अदायगी न करने वाले भू मालिकों की इमारतें सील करने की पावर है। नए प्रावधान में मिली पावर के बाद अब निगम अधिकारियों ने शहर की 100 ऐसी इकाइयां चयनित की हैं, जिन्होंने पिछले लंबे से प्रॉपर्टी टैक्स की अदायगी नहीं की है और उन पर नप के लाखों रुपये बकाया है। सचिव प्रशांत पाराशर ने बताया कि वीरवार से अंतिम नोटिस देने की शुरुआत कर दी जाएगी और तय समय के बाद इमारत को सील करने की कार्रवाई की जाएगी।
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शहरी विकास की जिम्मेेदारी नगर परिषद की है और प्रॉपर्टी टैक्स नप की आमदनी का मुख्य स्रोत है। पिछले लंबे समय से कई इकाइयां अपने प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान नहीं कर रहीं। पहले बिल्डिंग सील की पावर नप अधिकारियों के पास नहीं थी। दादरी नप के सचिव प्रशांत पाराशर ने बताया कि 1994 म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन एक्ट में नगर निगम के कमिश्नर को ही यह पावर थी, लेकिन अब नप और नगर पालिका के पास भी ये शक्ति है।
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प्रशांत पाराशर ने बताया कि दादरी शहर की ऐसी 100 इकाइयों का चयन कर लिया गया है, जिन पर लाखों का प्रॉपर्टी टैक्स पिछले लंबे समय से बकाया है। इनमें ज्यादातर कॉमर्शियल इकाइयां हैं। उन्होंने बताया कि इन 100 इकाइयों को पहले कई बार बकाया प्रॉपर्टी टैक्स के भुगतान संबंधी नोटिस दिए जा चुके हैं, लेकिन उन्होंने टैक्स जमा नहीं करवाया। अब इन्हें अंतिम नोटिस दिया जाएगा, जिसमें भुगतान के लिए 15 दिन का समय दिया जाएगा। उसके बाद इमारत सील की जाएगी। प्राइवेट ऑफिस और बैंक से प्रति वर्ग फुट साढ़े सात रुपये प्रॉपर्टी टैक्स लिया जाता है, जबकि दो एकड़ के औद्योगिक इकाई से तीन रुपये प्रति वर्ग गज प्रॉपर्टी टैक्स लिया जाता है। शहर में 15 हजार आवासीय और छह हजार कॉमर्शियल एवं औद्योगिक इकाइयां हैं।
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सर्वे रिपोर्ट अपडेट होने पर बढ़ेंगी छह हजार इकाइयां
नप अधिकारियों के अनुसार शहर में 21 हजार प्रॉपर्टी इकाइयां हैं, जिनमें रिहायशी, व्यापारिक और औद्योगिक इकाइयां शामिल हैं। फिलहाल नप का इनमें से करीब तीन हजार भू मालिकों पर साढ़े तीन करोड़ का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। सरकार द्वारा अधिकृत की गई एक एजेंसी से नप ने शहर का सर्वे करवाया है। अधिकारियों के अनुसार सर्वे पूरा हो चुका है और जल्द ही डाटा ऑनलाइन अपडेट होने की उम्मीद है। सर्वे में शहर के अंदर छह हजार इकाइयां बढ़ी हैं। इस रिपोर्ट के अपडेट होने के बाद शहर में प्रॉपर्टी टैक्स के दायरे में आने वाली इकाइयों की संख्या 27 हजार हो जाएगी।

ये है प्रॉपर्टी टैक्स की दर
कैटेगरी (मकान) टैक्स दर
300 गज तक 50 पैसे प्रति वर्ग गज
300 से 500 गज तक 2 रुपये प्रति वर्ग गज
500 गज से अधिक 3 रुपये प्रति वर्ग गज
कैटेगरी (कॉमर्शियल दुकान) - टैक्स दर
50 गज तक 12 रुपये प्रति वर्ग गज
10 से 100 गज तक 18 रुपये प्रति वर्ग गज
100 से 500 गज तक 24 रुपये प्रति वर्ग गज
कैटेगरी शैक्षणिक संस्था - टैक्स दर
एक से ढाई एकड़ तक 75 हजार प्रति वर्ष
ढाई से पांच एकड़ तक एक लाख 25 हजार प्रति वर्ष
पांच एकड़ से अधिक ढाई लाख रुपये प्रति वर्ष
वीरवार से हम डिफॉल्टर 100 इकाइयों को नोटिस देना शुरू कर देंगे। सभी के नोटिस तैयार हो चुके हैं। अंतिम नोटिस के बाद भी अगर बकाया प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान नहीं किया जाता है तो इकाई को सील करने की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। यह शक्ति अब नगर परिषद के पास भी है।
- प्रशांत पाराशर, सचिव, नगर परिषद
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