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कृषि क्षेत्र को विदेशी कंपनियों के हाथों गिरवी रखना सरासर गलत : नसीब
Thu, 28 May 2026 11:42 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Thu, 28 May 2026 11:42 PM IST
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पुराने एसडीएम भवन परिसर में आयोजित धरने पर नारेबाजी करते हुए किसान।
- फोटो : 1
बाढड़ा। जुई रोड स्थित पुराने एसडीएम कार्यालय परिसर में सीजन के बकाया मुआवजे की मांग के लिए संयुक्त किसान मोर्चा का धरना वीरवार को 312 वें दिन जारी रहा। धरने की अध्यक्षता जोरावर सिंह व रणधीर उमरवास ने की।
किसान नेता नसीब कारी मोद ने कहा कि कृषि क्षेत्र को विदेशी कंपनियों के हाथों गिरवी रखने का काम किया जा रहा है जो भारत जैसे कृषि निर्भर देश के भविष्य के लिए शुभ संकेत नहीं है। उन्होंने कहा कि किसान के हक व बाढड़ा के आत्म स्वाभिमान की रक्षा के लिए संघर्ष को कमजोर नहीं पड़ने दिया जाएगा। किसान को फसल बिक्री या मुआवजे के लिए धरना-प्रदर्शन करना पड़ रहा है। पूंजीपतियों का करोड़ों रुपये जुर्माना एक कलम से माफ कर दिया जाता है।
उन्होंने कहा कि किसान अपने हितों के लिए सड़कों पर आंदोलन करने को मजबूर हैं। अन्नदाता अपने हक के लिए अंतिम सांस तक लड़ने के लिए तैयार हैं। इस मौके पर राजकुमार हड़ौदी, रघबीर, होशियार सिंह, भूप सिंह दलाल, नरेश कादयान, मास्टर होशियार सिंह, ब्रह्मपाल बाढड़ा, नसीब सिंह आदि मौजूद रहे।
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किसान नेता नसीब कारी मोद ने कहा कि कृषि क्षेत्र को विदेशी कंपनियों के हाथों गिरवी रखने का काम किया जा रहा है जो भारत जैसे कृषि निर्भर देश के भविष्य के लिए शुभ संकेत नहीं है। उन्होंने कहा कि किसान के हक व बाढड़ा के आत्म स्वाभिमान की रक्षा के लिए संघर्ष को कमजोर नहीं पड़ने दिया जाएगा। किसान को फसल बिक्री या मुआवजे के लिए धरना-प्रदर्शन करना पड़ रहा है। पूंजीपतियों का करोड़ों रुपये जुर्माना एक कलम से माफ कर दिया जाता है।
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उन्होंने कहा कि किसान अपने हितों के लिए सड़कों पर आंदोलन करने को मजबूर हैं। अन्नदाता अपने हक के लिए अंतिम सांस तक लड़ने के लिए तैयार हैं। इस मौके पर राजकुमार हड़ौदी, रघबीर, होशियार सिंह, भूप सिंह दलाल, नरेश कादयान, मास्टर होशियार सिंह, ब्रह्मपाल बाढड़ा, नसीब सिंह आदि मौजूद रहे।
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