फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Charkhi Dadri News ›   Monkeys are entering homes and sending people to hospitals

Charkhi Dadri News: बंदर घरों के अंदर घुसकर लोगों को पहुंचा रहे अस्पताल

Thu, 03 Oct 2024 05:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Thu, 03 Oct 2024 05:48 AM IST
विज्ञापन
Monkeys are entering homes and sending people to hospitals
चरखी दादरी। शहरवासी बंदरों की समस्या से परेशान हैं। आलम यह है कि पहले छतों और दीवारों तक सीमित रहने वाले बंदर अब घरों के अंदर तक पहुंच रहे हैं। मौका पाकर हमला भी कर देते हैं जिससे लोगों को अस्पताल जाकर उपचार करवाना पड़ता है। इस समय चुनावी माहौल में बंदरों की समस्या भी शहरवासियों के लिए बड़ा मुद्दा है। शहरवासियों ने उत्पाती बंदरों को पकड़वाने की मांग की है।
विज्ञापन


पिछले साल मई में नगर परिषद की ओर से बंदर पकड़ो अभियान चलाया गया था। इसमें ठेका लेने वाली एजेंसी ने 90 दिन में एक हजार बंदर पकड़ने का अनुबंध किया था। इस अभियान से शहर के कुछ इलाकों में लोगों को राहत मिली। अन्य जगहों पर स्थिति जस की तस है। नागरिक बंदरों के आतंक से भयभीत हैं। महिलाएं और बच्चे घरों में कैद रहने के लिए विवश हैं। शहरवासियों ने बताया कि प्रशासन ने इस साल बंदरों की समस्या पर कोई संज्ञान नहीं लिया है। बंदरों को भगाने के लिए वे पटाखों और डंडों का सहारा ले रहे हैं। बताया कि छह माह से बंदरों का उत्पात बढ़ गया है। प्रशासन को इस संबंध में उचित कदम उठाकर नागरिकों को राहत देनी चाहिए।
विज्ञापन


4 माह से बंद है बंदर पकड़ो अभियान

नगर परिषद के सूत्रों की मानें तो बंदर पकड़ो अभियान शहर में पिछले चार माह से बंद है। इसका कारण वन्य प्राणी एवं जीव विभाग से बंदरों को जंगल में छोड़ने की अनुमति न मिलना है। अब चुनाव के बाद ही दोबारा अभियान शुरू होने की उम्मीद है।
विज्ञापन
विज्ञापन



बंदर के काटने से अंग भंग से लेकर जान तक का खतरा

डिप्टी सीएमओ डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि बंदर के काटने से रैबीज की वजह से इंसान की मौत भी हो सकती है। इसके अलावा अगर हाथ या पांव पर घाव गहरा हो तो इंफेक्शन का खतरा रहता है। कई बार इंफेक्शन बढ़ने पर हाथ या पांव काटने भी पड़ सकते हैं। बंदर के काटने पर तत्काल एंटी रैबीज वैक्सीन लगवानी चाहिए।


इन्हें बंदरों के झुंड ने पहुंचाया अस्पताल

घटना : 1- घर में घुसकर बुजुर्ग महिला पर किया हमला

वार्ड-5 निवासी 78 वर्षीय शकुंतला देवी घर में अपने बच्चों के साथ रहती हैं। करीब एक माह पहले बेटा व पोता दुकान पर गए थे जबकि बहू कमरे में थी। उस दौरान घर में बंदर आ गए। वह बंदरों से बचने के लिए सीढ़ी से छत पर चढ़ने लगीं तो ऊपर से आए बंदरों के झुंड ने हमला कर दिया जिसमें वो घायल हो गईं और अस्पताल में कई दिन तक भर्ती रहीं।


घटना-2- बंदरों के झुंड ने घेरकर महिला को काटा

वार्ड-5 निवासी 75 वर्षीय सुमन देवी भी 14 अगस्त को घर में अकेली थीं। उनका बेटा दुकान पर गया हुआ था। दोपहर बाद करीब तीन बजे बंदरों का झुंड उनके घर में घुस गया। उन पर हमला कर दिया। चारों ओर से बंदरों ने उन्हें घेरकर नीचे गिरा दिया। इसमें उनकी कूल्हे की हड्डी टूट गई। परिजनों ने हिसार के एक अस्पताल में उनका उपचार करवाया।




चुनाव के बाद शहर में फिर से अभियान शुरू करवाकर बंदर पकड़वाए जाएंगे। जल्द ही शहरवासियों को इस समस्या से निजात दिला दी जाएगी। - बक्शीराम सैनी, चेयरमैन, नगर परिषद, चरखी दादरी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed