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Charkhi Dadri News: कादमा क्षेत्र में बंदरों का उत्पात अभी टीम पकड़ पाई केवल सात
Fri, 26 Sep 2025 02:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Fri, 26 Sep 2025 02:15 AM IST
सार
कादमा क्षेत्र में बंदरों के लगातार हमलों से ग्रामीणों में भय और आक्रोश है। बंदरों के उत्पात से कई लोग घायल हो चुके हैं और प्रशासन की निष्क्रियता से संकट गहराया है। ग्रामीण आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं।
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गली में उत्पात मचाते बंदर। संवाद
विस्तार
संवाद न्यूज एजेंसी
कादमा। क्षेत्र में इन दिनों बंदरों का उत्पात लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। हालात इतने खराब हो गए हैं कि ग्रामीण अब घर से बाहर निकलने से भी डरने लगे हैं। गलियों, छतों और घरों में बंदर घूमते नजर आते हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, बंदर न केवल सामान उठा ले जाते हैं, बल्कि, गाड़ियों के शीशे भी तोड़ देते हैं। जब भगाने लगते हैं तो हमला भी कर देते हैं। बंदरों के काटने और हमले से कई ग्रामीण घायल हो चुके हैं। ग्रामीणों ने बताया कि प्रशासन और पंचायत की उदासीनता के चलते स्थिति दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है। बंदर लोगों को प्रतिदिन घायल कर रहे हैं। इनके उत्पात से लोग डरे हुए हैं।
डॉ. मुरारी लाल, देवेंद्र, वीरेंद्र स्वामी और सुनील सहित कई स्थानीय निवासियों ने बताया कि उन्होंने कई बार प्रशासन को इस समस्या से अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इससे लोगों में रोष है।
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खुद के स्तर पर रुपये एकत्रित कर बुलाए बंदर पकड़ने वाले : ग्रामीणों के अनुसार, उन्होंने अपने स्तर पर पैसे एकत्रित बंदर पकड़ने वाली टीम को बुलाया। करीब 21 हजार रुपये खर्च करने के बावजूद टीम महज सात बंदरों को ही पकड़ पाई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही बंदरों से निजात दिलाने के लिए ठोस और प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
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कादमा। क्षेत्र में इन दिनों बंदरों का उत्पात लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। हालात इतने खराब हो गए हैं कि ग्रामीण अब घर से बाहर निकलने से भी डरने लगे हैं। गलियों, छतों और घरों में बंदर घूमते नजर आते हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, बंदर न केवल सामान उठा ले जाते हैं, बल्कि, गाड़ियों के शीशे भी तोड़ देते हैं। जब भगाने लगते हैं तो हमला भी कर देते हैं। बंदरों के काटने और हमले से कई ग्रामीण घायल हो चुके हैं। ग्रामीणों ने बताया कि प्रशासन और पंचायत की उदासीनता के चलते स्थिति दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है। बंदर लोगों को प्रतिदिन घायल कर रहे हैं। इनके उत्पात से लोग डरे हुए हैं।
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डॉ. मुरारी लाल, देवेंद्र, वीरेंद्र स्वामी और सुनील सहित कई स्थानीय निवासियों ने बताया कि उन्होंने कई बार प्रशासन को इस समस्या से अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इससे लोगों में रोष है।
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खुद के स्तर पर रुपये एकत्रित कर बुलाए बंदर पकड़ने वाले : ग्रामीणों के अनुसार, उन्होंने अपने स्तर पर पैसे एकत्रित बंदर पकड़ने वाली टीम को बुलाया। करीब 21 हजार रुपये खर्च करने के बावजूद टीम महज सात बंदरों को ही पकड़ पाई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही बंदरों से निजात दिलाने के लिए ठोस और प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।