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शहर में शुरू होगा बंदर पकड़ो अभियान, ईओ ने एजेंसी को दिए आदेश
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रोड़ी में पुलिस नाके पर धरने पर बैठे किसान।
- फोटो : Sirsa
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चरखी दादरी। शहरवासियों को जल्द ही बंदरों की समस्या से निजात मिलने वाली है। इसके लिए नगर परिषद ईओ ने बंदर पकड़ने का टेंडर लेने वाली एजेंसी को आदेश दे दिए है। कोरोना के चलते पिछले करीब तीन माह से बंद अभियान अगले सप्ताह से शुरू किया जाएगा। अमर उजाला ने गत 21 अगस्त के संस्करण में बंदर पकड़ो अभियान बंद होने के मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इस पर संज्ञान लेकर नप अधिकारियों ने अब एजेंसी को दोबारा अभियान शुरू करने के आदेश दे दिया है और इसकी पुष्टि ईओ सुमनलता ने की है।
गौरतलब है कि करीब आठ माह पहले नगर परिषद ने शहर से बंदर पकड़वाने के लिए टेंडर आमंत्रित किया था। 700 रुपये प्रति बंदर की दर से यह टेंडर भिवानी की एक एजेंसी को अलॉट किया गया था। एजेंसी ने अभियान शुरू कर शहर से 100 से अधिक बंदर पकड़े थे, लेकिन इसके बाद यह अभियान भी कोरोना की भेंट चढ़ गया। दूसरी ओर पिछले करीब तीन माह से बंदर पकड़ो अभियान बंद होने से शहरवासियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गत 21 अगस्त के संस्करण में अमर उजाला ने वार्ड-चार में बनी बंदरों की समस्या को प्रमुखता से उठाया था। खबर प्रकाशित होने के बाद नप अधिकारियों ने इस संदर्भ में बंदर पकड़ने का ठेका लेने वाली एजेंसी से संपर्क किया और अगले सप्ताह से उन्हें दोबारा शहर में अभियान शुरू करने के आदेश दिए।
दादरी शहर की अगर बात करें तो बंदरों की संख्या एक हजार से अधिक है। नगर परिषद ने पहले चरण में 500 बंदरों को पकड़वाने का टेंडर लगाया था। इसमें 700 रुपये प्रति बंदर नप एजेंसी को देगी और इसमें बंदर को पकड़ने से लेकर कालेसर के जंगलों में छोड़ने तक की जिम्मेदारी एजेंसी की है। इस समय वार्ड-चार, रेलवे रोड, काठमंडी, पुरानी अनाज मंडी, घिकाड़ा रोड, प्रेम नगर, आश्रम वाली गली, पुराना झज्जर रोड, पुराना दिल्ली रोड, रविदास नगर, गांधी नगर, प्रेम नगर, दयानंद कॉलोनी, विश्वकर्मा कॉलोनी में बंदरों की समस्या से लोग बेहद परेशान हैं।
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एजेंसी को दे दिया आदेश
शहर में बंदर पकड़ो अभियान शुरू करने के आदेश एजेंसी को दे दिया है। अगले सप्ताह से शहर में बंदर पकड़ो अभियान शुरू होगा और जल्द ही शहरवासियों को इस समस्या से निजात दिला दी जाएगी।
-सुमनलता, ईओ, नगर परिषद
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गौरतलब है कि करीब आठ माह पहले नगर परिषद ने शहर से बंदर पकड़वाने के लिए टेंडर आमंत्रित किया था। 700 रुपये प्रति बंदर की दर से यह टेंडर भिवानी की एक एजेंसी को अलॉट किया गया था। एजेंसी ने अभियान शुरू कर शहर से 100 से अधिक बंदर पकड़े थे, लेकिन इसके बाद यह अभियान भी कोरोना की भेंट चढ़ गया। दूसरी ओर पिछले करीब तीन माह से बंदर पकड़ो अभियान बंद होने से शहरवासियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गत 21 अगस्त के संस्करण में अमर उजाला ने वार्ड-चार में बनी बंदरों की समस्या को प्रमुखता से उठाया था। खबर प्रकाशित होने के बाद नप अधिकारियों ने इस संदर्भ में बंदर पकड़ने का ठेका लेने वाली एजेंसी से संपर्क किया और अगले सप्ताह से उन्हें दोबारा शहर में अभियान शुरू करने के आदेश दिए।
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दादरी शहर की अगर बात करें तो बंदरों की संख्या एक हजार से अधिक है। नगर परिषद ने पहले चरण में 500 बंदरों को पकड़वाने का टेंडर लगाया था। इसमें 700 रुपये प्रति बंदर नप एजेंसी को देगी और इसमें बंदर को पकड़ने से लेकर कालेसर के जंगलों में छोड़ने तक की जिम्मेदारी एजेंसी की है। इस समय वार्ड-चार, रेलवे रोड, काठमंडी, पुरानी अनाज मंडी, घिकाड़ा रोड, प्रेम नगर, आश्रम वाली गली, पुराना झज्जर रोड, पुराना दिल्ली रोड, रविदास नगर, गांधी नगर, प्रेम नगर, दयानंद कॉलोनी, विश्वकर्मा कॉलोनी में बंदरों की समस्या से लोग बेहद परेशान हैं।
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एजेंसी को दे दिया आदेश
शहर में बंदर पकड़ो अभियान शुरू करने के आदेश एजेंसी को दे दिया है। अगले सप्ताह से शहर में बंदर पकड़ो अभियान शुरू होगा और जल्द ही शहरवासियों को इस समस्या से निजात दिला दी जाएगी।
-सुमनलता, ईओ, नगर परिषद