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Charkhi Dadri News: कष्ट निवारण समिति की बैठक में सीवर-पेयजल की शिकायतों का लगा अंबार, राज्यमंत्री ने एक्सईएन को लगाई फटकार
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चरखी दादरी। जिले में होने वाली कष्ट निवारण समिति का अध्यक्ष सरकार ने बदल दिया है। कृषि मंत्री जेपी दलाल की जगह राज्यमंत्री अनूप धानक की अध्यक्षता में शनिवार को यह बैठक हुई। इस बैठक में जन स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी सबसे अधिक शिकायतें पहुंची। लोगों ने परेशानियों का दुखड़ा रोने के साथ एक्सईएन के रवैये से राज्यमंत्री को अवगत कराया। इस पर संज्ञान लेते हुए राज्यमंत्री ने एक्सईएन आरसी गौड़ को फटकार लगाई और उन्हें रवैया सुधारने की चेतावनी तक दे डाली। इतना ही नहीं ड्रेन नंबर-8 प्रोजेक्ट के तहत डाली जा रही पाइप लाइन का काम 20 दिन में पूरा न होने पर कार्रवाई के लिए तैयार रहने की भी चेतावनी दी।
राज्यमंत्री अनूप धानक शनिवार को 1:15 मिनट पर लघु सचिवालय सभागार में कष्ट निवारण समिति की बैठक लेने पहुंचे। उनके समक्ष पहला परिवार मकड़ाना निवासी गोरा सिंह ने रखा। फरियादी ने बताया कि उनकी साझी जमीन एनएच-152 डी के अधीन आई थी। फर्जी शपथ पत्र के जरिये उसके भाई ने उसके हिस्से की रकम अपने खाते में डलवा ली। इस पर डीएसपी विरेंद्र सिंह ने कहा कि इस संबंध में एक मुकदमा दर्ज किया जा चुका है और आरोपी के कब्जे से रिकॉर्ड बरामद कर हस्ताक्षर मिलान के लिए फोरेंसिक टीम के पास भेजा गया है। साथ ही यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है।
वहीं, दूसरा परिवार उण निवासी धर्मेंद्र ने भाई से मारपीट संबंधी रखा और राज्यमंत्री ने इस मामले में भी जांच के आदेश दिए। तीसरा परिवाद सांजरवास निवासी नरेश कुमार का रहा। बैठक कक्ष में शिकायतकर्ता हाजिर नहीं हुआ और डीएसपी ने कहा कि इस शिकायत का समाधान हो गया है और संतुष्टि पत्र फरियादी भेज चुका है। चौथा परिवाद पिचौपा खुर्द निवासी महेंद्र सिंह का जमीन से संबंधित रहा। इस मामले में राज्य मंत्री ने एसडीएम, डीआरओ, तहसीलदार और कष्ट निवारण समिति सदस्य राजेश द्वारका की चार सदस्यीय कमेटी बनाई है। पांचवां परिवाद ढाणी फौगाट निवासी जयबीर का गबन से संबंधित रहा। राज्यमंत्री ने इस मामले की जांच कर अधिकारियों को स्थिति अनुरूप कार्रवाई करने के आदेश दिए। बैठक में छठा परिवाद दादरी निवासी अनिल कुमार ने रखा। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसके प्लॉट के समीप स्थिति प्लॉट का इंतकाल व रजिस्टरी हो चुकी है जबकि उसके प्लॉट का नहीं किया जा रहा। इस मामले को राज्यमंत्री ने लंबित रखवाया है।
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- 4 जनवरी को बोतल में भरकर मेरे पास भेजना पानी का सैंपल
सातवां परिवाद लोहरवाड़ा के ग्रामीणों का दूषित पेयजल आपूर्ति से संबंधित रहा। उन्होंने बताया कि गांव में दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है। इस पर एक्सईएन ने बताया कि दो खराब फिल्टरों को साफ करवाने के साथ लाइन लीकेज को ठीक करवाकर समाधान कर दिया गया है। इस पर ग्रामीणों ने कहा कि दो फिल्टरों की सफाई अभी बाकी है जबकि लाइनें पुरानी होने के चलते कंडम हो गई हैं। इस पर राज्यमंत्री ने एक्सईएन को तीन जनवरी तक समाधान करवाकर 4 जनवरी को बोतल में पानी का सैंपल लेकर डीसी की मार्फत उन्हें भेजने का आदेश दिया।
- श्मशान घाट के रास्ते में भरा पानी, अंतिम संस्कार में आ रही दिक्कतें
वार्ड-14 के पार्षद सतबीर चौहान ने बैठक में उनके वार्ड में बनी सीवर और पेयजल संबंधी समस्याएं रखीं। कष्ट निवारण समिति सदस्यों ने भी इन शिकायतों को जायज बताया। उनके अलावा वार्ड 13 पार्षद कुलदीप सैनी ने बताया कि श्मशान घाट के मुख्य रास्ते में सड़क जर्जर है और वहां दो-दो फुट तक दूषित पानी भरा है। आलम यह है कि अंतिम यात्रा में शामिल लोगों को इस पानी से होकर गुजरना पड़ता है।
- उस कर्मचारी का मुझे नाम चाहिए जिसने पेंशन फाइल रोकी
सांजरवास निवासी एक महिला बताया कि उसका पति रोडवेज में कार्यरत था और उसकी मौत के 19 माह बाद भी पेंशन नहीं बनी है। उन्होंने बताया कि रोडवेज कर्मचारियों ने फाइल को अटका रखा है और अब उसे घर चलाने में भी दिक्कतें आ रही हैं। इस पर राज्य मंत्री ने कहा कि अगली मीटिंग में मुझे उस कर्मचारी का नाम चाहिए जिसने फाइल को जान बूझकर रोका है।
- ये शिकायतें भी रखी गईं राज्यमंत्री के समक्ष
- जन स्वास्थ्य विभाग के आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को दस माह से वेतन न मिलने की शिकायत भी राज्यमंत्री के समक्ष पहुंची। एक्सईएन ने कहा कि समाधान करवा दिया गया है।
- भांडवा के ग्रामीणों की स्कूल, मंदिर व घरों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन तारों की शिकायत भी मंत्री के समक्ष पहुंचा। बिजली निगम एक्सईएन ने पक्ष रखकर मंत्री को संतुष्ट कर दिया।
- मंदोली निवासी बिमला ने रोड एक्सीडेंट क्लेम न मिलने की शिकायत की। एनएचएआई अधिकारी ने इसका प्रावधान नहीं बताया। राज्य मंत्री ने कहा इस मामले को वो अपने स्तर पर देखेंगे।
- हरिनगर निवासी राजेश और खुड़न निवासी महेंद्र की नगर परिषद से संबंधी शिकायत भी राज्य मंत्री के समक्ष रखी गईं। नगर परिषद ईओ ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि इन शिकायतों का समाधान करवा दिया गया है।
- जिला खेल विभाग के कर्मचारी विक्रम ने 5 साल से वेतन न मिलने की शिकायत रखी। जिला खेल अधिकारी प्रीतम सिंह ने कहा कि 10 दिन के अंदर बकाया भुगतान करवा दिया जाएगा।
मेरी यह दादरी जिले की पहली कष्ट निवारण समिति की बैठक रही। इसमें 15 परिवादों में से 9 का निपटान किया गया है जबकि 6 लंबित रखे हैं। मैंने कुछ अधिकारियों को रवैया सुधारने के निर्देश दिए हैं जबकि कुछ मामलों की जांच रिपोर्ट अगली बैठक में मांगी गई है।
-अनूप धानक, राज्यमंत्री एवं दादरी कष्ट निवारण समिति के अध्यक्ष
बाहरी व्यक्ति ने कक्षा में जाकर मेरे भतीजे को पीटा, मुख्य अध्यापक ने जातिसूचक शब्द बोल रुपये लेकर समझौते का बनाया दबाव
चरखी दादरी। मंत्री जी, मेरा भतीजा पहली कक्षा में पढ़ता है। 30 जुलाई को एक बाहरी व्यक्ति ने कक्षा में जाकर उसे बेंच पर उठा-उठाकर पटका, जिससे उसके पैर का मांस फट गया और अंदरूनी गुम चोटें भी आई। इस मामले में मुख्य अध्यापक से बात की गई तो उन्होंने जातिसूचक शब्द कहकर हमें रुपये लेकर समझौता करने की बात कही। चरखी दादरी लघु सचिवालय में कष्ट निवारण समिति की बैठक ले रहे राज्यमंत्री अनूप धानक के समक्ष यह गुहार गांव उण निवासी धर्मेंद्र ने लगाई। मंत्री ने इस पर संज्ञान लेते हुए एसपी दीपक गहलावत को जांच के आदेश दिए और स्पष्ट कहा कि अगर मुख्य अध्यापक ने ऐसी बात कही है तो तुरंत प्रभाव से उसके खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया जाए।
इससे पहले अपनी पीड़ा बताते हुए फरियादी धर्मेंद्र ने बताया कि 30 जुलाई को जब उसके भतीजे की पिटाई की गई तो उस दौरान कक्षा में शिक्षक भी नहीं था। इस मामले में पुलिस को शिकायत दी गई, जिसके आधार पर केस भी दर्ज किया गया। फरियादी ने बताया कि जब उसने मुख्य अध्यापक से बात की तो उन्होंने कहा कि आप अनुसूचित जाति से है और 20-30 हजार रुपये लेकर समझौता कर लो। इस बात पर राज्यमंत्री ने संज्ञान लिया और पुलिस अधिकारियों से इस संबंध में पूछा। इस पर डीएसपी देशराज ने बताया कि मुख्य अध्यापक के इस तरह के शब्द कहने की जानकारी पहले उनके पास नहीं आई। इस पर राज्यमंत्री ने तत्काल एसपी दीपक गहलावत को मामले की जांच करवाने के आदेश दिए और अगली बैठक में उक्त मुख्य अध्यापक को तलब भी कर लिया।
वहीं, डीएसपी देशराज ने बताया कि छात्र से मारपीट करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर पुलिस कोर्ट में चालान भी पेश कर चुकी है। डीएसपी के इस तर्क के बावजूद राज्यमंत्री ने इस मामले को लंबित रखवाते हुए कष्ट निवारण समिति की अगली बैठक में रखने के निर्देश। शनिवार को आयोजित बैठक में 15 परिवाद रखे गए जिनमें से राज्य मंत्री ने 9 का निपटान किया जबकि 6 को लंबित रख दिया।
80 साल का बुजुर्ग बोला- पुलिस का अंग्रेजों जैसा रवैया, मारते हैं धक्का
बैठक के एजेंडे में शामिल 15 फरियाद सुनने के बाद राज्यमंत्री ने करीब 40 अन्य लोगों की शिकायतें भी सुनीं। उस दौरान एक 80 वर्षीय बुजुर्ग ने कहा कि वो पूर्व सैनिक है और उसने देश के लिए लड़ाई भी लड़ी है। बुजुर्ग ने कहा कि पुलिस का रवैया अंग्रेजों जैसा है और किसी जनप्रतिनिधि या अधिकारी की बैठक में आने पर धक्के तक मार जाते हैं। इस पर राज्यमंत्री ने उक्त बुजुर्ग की शिकायत ली और समाधान कराने का आश्वासन दिया।
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राज्यमंत्री अनूप धानक शनिवार को 1:15 मिनट पर लघु सचिवालय सभागार में कष्ट निवारण समिति की बैठक लेने पहुंचे। उनके समक्ष पहला परिवार मकड़ाना निवासी गोरा सिंह ने रखा। फरियादी ने बताया कि उनकी साझी जमीन एनएच-152 डी के अधीन आई थी। फर्जी शपथ पत्र के जरिये उसके भाई ने उसके हिस्से की रकम अपने खाते में डलवा ली। इस पर डीएसपी विरेंद्र सिंह ने कहा कि इस संबंध में एक मुकदमा दर्ज किया जा चुका है और आरोपी के कब्जे से रिकॉर्ड बरामद कर हस्ताक्षर मिलान के लिए फोरेंसिक टीम के पास भेजा गया है। साथ ही यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है।
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वहीं, दूसरा परिवार उण निवासी धर्मेंद्र ने भाई से मारपीट संबंधी रखा और राज्यमंत्री ने इस मामले में भी जांच के आदेश दिए। तीसरा परिवाद सांजरवास निवासी नरेश कुमार का रहा। बैठक कक्ष में शिकायतकर्ता हाजिर नहीं हुआ और डीएसपी ने कहा कि इस शिकायत का समाधान हो गया है और संतुष्टि पत्र फरियादी भेज चुका है। चौथा परिवाद पिचौपा खुर्द निवासी महेंद्र सिंह का जमीन से संबंधित रहा। इस मामले में राज्य मंत्री ने एसडीएम, डीआरओ, तहसीलदार और कष्ट निवारण समिति सदस्य राजेश द्वारका की चार सदस्यीय कमेटी बनाई है। पांचवां परिवाद ढाणी फौगाट निवासी जयबीर का गबन से संबंधित रहा। राज्यमंत्री ने इस मामले की जांच कर अधिकारियों को स्थिति अनुरूप कार्रवाई करने के आदेश दिए। बैठक में छठा परिवाद दादरी निवासी अनिल कुमार ने रखा। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसके प्लॉट के समीप स्थिति प्लॉट का इंतकाल व रजिस्टरी हो चुकी है जबकि उसके प्लॉट का नहीं किया जा रहा। इस मामले को राज्यमंत्री ने लंबित रखवाया है।
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- 4 जनवरी को बोतल में भरकर मेरे पास भेजना पानी का सैंपल
सातवां परिवाद लोहरवाड़ा के ग्रामीणों का दूषित पेयजल आपूर्ति से संबंधित रहा। उन्होंने बताया कि गांव में दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है। इस पर एक्सईएन ने बताया कि दो खराब फिल्टरों को साफ करवाने के साथ लाइन लीकेज को ठीक करवाकर समाधान कर दिया गया है। इस पर ग्रामीणों ने कहा कि दो फिल्टरों की सफाई अभी बाकी है जबकि लाइनें पुरानी होने के चलते कंडम हो गई हैं। इस पर राज्यमंत्री ने एक्सईएन को तीन जनवरी तक समाधान करवाकर 4 जनवरी को बोतल में पानी का सैंपल लेकर डीसी की मार्फत उन्हें भेजने का आदेश दिया।
- श्मशान घाट के रास्ते में भरा पानी, अंतिम संस्कार में आ रही दिक्कतें
वार्ड-14 के पार्षद सतबीर चौहान ने बैठक में उनके वार्ड में बनी सीवर और पेयजल संबंधी समस्याएं रखीं। कष्ट निवारण समिति सदस्यों ने भी इन शिकायतों को जायज बताया। उनके अलावा वार्ड 13 पार्षद कुलदीप सैनी ने बताया कि श्मशान घाट के मुख्य रास्ते में सड़क जर्जर है और वहां दो-दो फुट तक दूषित पानी भरा है। आलम यह है कि अंतिम यात्रा में शामिल लोगों को इस पानी से होकर गुजरना पड़ता है।
- उस कर्मचारी का मुझे नाम चाहिए जिसने पेंशन फाइल रोकी
सांजरवास निवासी एक महिला बताया कि उसका पति रोडवेज में कार्यरत था और उसकी मौत के 19 माह बाद भी पेंशन नहीं बनी है। उन्होंने बताया कि रोडवेज कर्मचारियों ने फाइल को अटका रखा है और अब उसे घर चलाने में भी दिक्कतें आ रही हैं। इस पर राज्य मंत्री ने कहा कि अगली मीटिंग में मुझे उस कर्मचारी का नाम चाहिए जिसने फाइल को जान बूझकर रोका है।
- ये शिकायतें भी रखी गईं राज्यमंत्री के समक्ष
- जन स्वास्थ्य विभाग के आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को दस माह से वेतन न मिलने की शिकायत भी राज्यमंत्री के समक्ष पहुंची। एक्सईएन ने कहा कि समाधान करवा दिया गया है।
- भांडवा के ग्रामीणों की स्कूल, मंदिर व घरों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन तारों की शिकायत भी मंत्री के समक्ष पहुंचा। बिजली निगम एक्सईएन ने पक्ष रखकर मंत्री को संतुष्ट कर दिया।
- मंदोली निवासी बिमला ने रोड एक्सीडेंट क्लेम न मिलने की शिकायत की। एनएचएआई अधिकारी ने इसका प्रावधान नहीं बताया। राज्य मंत्री ने कहा इस मामले को वो अपने स्तर पर देखेंगे।
- हरिनगर निवासी राजेश और खुड़न निवासी महेंद्र की नगर परिषद से संबंधी शिकायत भी राज्य मंत्री के समक्ष रखी गईं। नगर परिषद ईओ ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि इन शिकायतों का समाधान करवा दिया गया है।
- जिला खेल विभाग के कर्मचारी विक्रम ने 5 साल से वेतन न मिलने की शिकायत रखी। जिला खेल अधिकारी प्रीतम सिंह ने कहा कि 10 दिन के अंदर बकाया भुगतान करवा दिया जाएगा।
मेरी यह दादरी जिले की पहली कष्ट निवारण समिति की बैठक रही। इसमें 15 परिवादों में से 9 का निपटान किया गया है जबकि 6 लंबित रखे हैं। मैंने कुछ अधिकारियों को रवैया सुधारने के निर्देश दिए हैं जबकि कुछ मामलों की जांच रिपोर्ट अगली बैठक में मांगी गई है।
-अनूप धानक, राज्यमंत्री एवं दादरी कष्ट निवारण समिति के अध्यक्ष
बाहरी व्यक्ति ने कक्षा में जाकर मेरे भतीजे को पीटा, मुख्य अध्यापक ने जातिसूचक शब्द बोल रुपये लेकर समझौते का बनाया दबाव
चरखी दादरी। मंत्री जी, मेरा भतीजा पहली कक्षा में पढ़ता है। 30 जुलाई को एक बाहरी व्यक्ति ने कक्षा में जाकर उसे बेंच पर उठा-उठाकर पटका, जिससे उसके पैर का मांस फट गया और अंदरूनी गुम चोटें भी आई। इस मामले में मुख्य अध्यापक से बात की गई तो उन्होंने जातिसूचक शब्द कहकर हमें रुपये लेकर समझौता करने की बात कही। चरखी दादरी लघु सचिवालय में कष्ट निवारण समिति की बैठक ले रहे राज्यमंत्री अनूप धानक के समक्ष यह गुहार गांव उण निवासी धर्मेंद्र ने लगाई। मंत्री ने इस पर संज्ञान लेते हुए एसपी दीपक गहलावत को जांच के आदेश दिए और स्पष्ट कहा कि अगर मुख्य अध्यापक ने ऐसी बात कही है तो तुरंत प्रभाव से उसके खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया जाए।
इससे पहले अपनी पीड़ा बताते हुए फरियादी धर्मेंद्र ने बताया कि 30 जुलाई को जब उसके भतीजे की पिटाई की गई तो उस दौरान कक्षा में शिक्षक भी नहीं था। इस मामले में पुलिस को शिकायत दी गई, जिसके आधार पर केस भी दर्ज किया गया। फरियादी ने बताया कि जब उसने मुख्य अध्यापक से बात की तो उन्होंने कहा कि आप अनुसूचित जाति से है और 20-30 हजार रुपये लेकर समझौता कर लो। इस बात पर राज्यमंत्री ने संज्ञान लिया और पुलिस अधिकारियों से इस संबंध में पूछा। इस पर डीएसपी देशराज ने बताया कि मुख्य अध्यापक के इस तरह के शब्द कहने की जानकारी पहले उनके पास नहीं आई। इस पर राज्यमंत्री ने तत्काल एसपी दीपक गहलावत को मामले की जांच करवाने के आदेश दिए और अगली बैठक में उक्त मुख्य अध्यापक को तलब भी कर लिया।
वहीं, डीएसपी देशराज ने बताया कि छात्र से मारपीट करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर पुलिस कोर्ट में चालान भी पेश कर चुकी है। डीएसपी के इस तर्क के बावजूद राज्यमंत्री ने इस मामले को लंबित रखवाते हुए कष्ट निवारण समिति की अगली बैठक में रखने के निर्देश। शनिवार को आयोजित बैठक में 15 परिवाद रखे गए जिनमें से राज्य मंत्री ने 9 का निपटान किया जबकि 6 को लंबित रख दिया।
80 साल का बुजुर्ग बोला- पुलिस का अंग्रेजों जैसा रवैया, मारते हैं धक्का
बैठक के एजेंडे में शामिल 15 फरियाद सुनने के बाद राज्यमंत्री ने करीब 40 अन्य लोगों की शिकायतें भी सुनीं। उस दौरान एक 80 वर्षीय बुजुर्ग ने कहा कि वो पूर्व सैनिक है और उसने देश के लिए लड़ाई भी लड़ी है। बुजुर्ग ने कहा कि पुलिस का रवैया अंग्रेजों जैसा है और किसी जनप्रतिनिधि या अधिकारी की बैठक में आने पर धक्के तक मार जाते हैं। इस पर राज्यमंत्री ने उक्त बुजुर्ग की शिकायत ली और समाधान कराने का आश्वासन दिया।