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Charkhi Dadri News: परीक्षा प्रणाली में बदलाव के लिए सौंपा ज्ञापन
Mon, 22 Apr 2024 03:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 22 Apr 2024 03:50 AM IST
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चरखी दादरी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) की जनता महाविद्यालय इकाई ने प्राचार्य डॉ. यशवीर सिंह के माध्यम से परीक्षा नियंत्रक को ज्ञापन भेजा। इसमें चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय (सीबीएलयू) की परीक्षा प्रणाली में बदलाव की मांग की गई।
ज्ञापन में परिषद के जिला संयोजक रविकांत शर्मा ने बताया कि लोकसभा चुनाव के कारण इस वर्ष सीबीएलयू ने एक से 25 मई तक प्रथम, द्वितीय और अंतिम वर्ष की परीक्षाएं करवाने का निर्णय लिया है जबकि 15 फरवरी को प्रथम, द्वितीय एवं पांचवें सेमेस्टर की परीक्षा हुई थी। विवि की ओर से 20 फरवरी को सभी कक्षाएं नियमित रूप से लागू करने का नोटिस जारी किया गया जिसके बाद ही कक्षाएं लगीं। अब इतने कम अंतराल में ही परीक्षाएं करवाई जा रहीं हैं।
नगर मंत्री विभा यादव ने बताया कि जो पाठ्यक्रम छह माह में पूरा होना चाहिए उस पाठ्यक्रम की परीक्षाएं मात्र तीन माह में करवाकर विद्यार्थियों का मानसिक तनाव बढ़ाया जा रहा है। समय कम देने के कारण परीक्षा प्रणाली में बदलाव करना चाहिए।
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इसके तहत हर इकाई से एक प्रश्न के उत्तर देने के नियम में बदलाव कर पूरे प्रश्नपत्र में से कोई भी पांच प्रश्न हल करने का नियम बनाने की मांग की गई है ताकि विद्यार्थियों को इस मानसिक परेशानी से निजात दिलाई जा सके। इस दौरान आकाश, सुनीता कालरा, विक्रम आदि मौजूद रहे।
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ज्ञापन में परिषद के जिला संयोजक रविकांत शर्मा ने बताया कि लोकसभा चुनाव के कारण इस वर्ष सीबीएलयू ने एक से 25 मई तक प्रथम, द्वितीय और अंतिम वर्ष की परीक्षाएं करवाने का निर्णय लिया है जबकि 15 फरवरी को प्रथम, द्वितीय एवं पांचवें सेमेस्टर की परीक्षा हुई थी। विवि की ओर से 20 फरवरी को सभी कक्षाएं नियमित रूप से लागू करने का नोटिस जारी किया गया जिसके बाद ही कक्षाएं लगीं। अब इतने कम अंतराल में ही परीक्षाएं करवाई जा रहीं हैं।
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नगर मंत्री विभा यादव ने बताया कि जो पाठ्यक्रम छह माह में पूरा होना चाहिए उस पाठ्यक्रम की परीक्षाएं मात्र तीन माह में करवाकर विद्यार्थियों का मानसिक तनाव बढ़ाया जा रहा है। समय कम देने के कारण परीक्षा प्रणाली में बदलाव करना चाहिए।
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इसके तहत हर इकाई से एक प्रश्न के उत्तर देने के नियम में बदलाव कर पूरे प्रश्नपत्र में से कोई भी पांच प्रश्न हल करने का नियम बनाने की मांग की गई है ताकि विद्यार्थियों को इस मानसिक परेशानी से निजात दिलाई जा सके। इस दौरान आकाश, सुनीता कालरा, विक्रम आदि मौजूद रहे।