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Charkhi Dadri News: शहर से बाहर शिफ्ट होंगी मीट शॉप और पशु डेयरी
Thu, 04 Jan 2024 11:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Thu, 04 Jan 2024 11:50 PM IST
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चरखी दादरी। शहर में मीट शॉप और पशु डेयरी की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसके मद्देनजर नगर परिषद अधिकारी हरकत में आ गए हैं। एडीसी एवं नगर आयुक्त डॉ. जयेंद्र छिल्लर ने अधिकारियों को सर्वे कर मीट शॉप और पशु डेयरी की संख्या पता लगाने का आदेश दिया है। जल्द ही अधिकारियों को रिपोर्ट सौंपनी होगी ताकि इसके बाद इन्हें शहर से बाहर शिफ्ट करने के लिए अन्य प्रबंध किए जा सके।
शहर के रिहायशी क्षेत्रों में बनी मीट शॉप और पशु डेरियां जिला प्रशासन वर स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का सबब बनीं हैं। डेयरी बाहर शिफ्ट करवाने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से नगर परिषद को पत्र भी लिखा जा चुका है। लंबे समय तक ये मामला ठंडे बस्ते में रहने के बाद अब नगर परिषद अधिकारी हरकत में आ गए हैं। नगर आयुक्त डॉ. जयेंद्र छिल्लर ने पार्षदों से मंथन के बाद डेयरी व मीट शॉप बाहर शिफ्ट करने का आदेश दे दिया है।
वार्डाें में जलभराव का मुख्य कारण पशु डेयरी भी हैं क्योंकि इनके संचालक पशुओं का मल-मूत्र नालियों के जरिये सीधा सीवर लाइनों में डालते हैं। इस कारण कई क्षेत्रों में सीवर लाइनें चोक भी रहती हैं। मानसून सीजन के दौरान कीकरवासनी क्षेत्र की मुख्य गली में दूषित पानी भरने से कई दिनों तक आवागमन बाधित रहा था। प्राचीन बड़ा हनुमान मदिर परिसर में भी तीन सप्ताह तक जलभराव रहा। नगर आयुक्त का कहना है कि संख्या का पता लगने के बाद शिफ्टिंग संबंधी कार्यवाही शुरू की जाएगी।
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- प्रतिदिन 7 टन गोबर पहुंचता है नालियों और सीवर लाइनों में
इस समय शहर में 70 से अधिक डेयरियां आवासीय क्षेत्र में चलाई जा रही हैं और रोजाना सात टन से अधिक गोबर नालियों व सीवरेज लाइनों में बहाया जा रहा है। इस कारण शहर में दूषित पानी की निकासी चरमरा जाती है। उम्मीद है कि नगर परिषद की इस कार्रवाई के बाद डेयरी संचालकों पर कुछ लगाम लगाई जा सकेगी।
- कैटल डंग पॉलिसी के तहत नालियों में नहीं बहा सकते गोबर
डेयरियों के कूड़ा-कचरा पर नियंत्रण के लिए सरकार ने कैटल डंग पॉलिसी बनाई है। इस पॉलिसी के तहत डेयरियों से निकलने वाले गोबर व कचरे का निपटान डेयरी मालिक स्वयं करेगा और उसे नालियों में नहीं बहाया जाएगा। उन्होंने बताया कि डेयरियों का गोबर नालियों में बहाए जाने की वजह से सीवरेज सिस्टम ठप हो जाता है और नालियां अवरुद्ध हो जातीं हैं।
- 100 से अधिक मीट शॉप
शहर के कई क्षेत्रों में 100 से ज्यादा मीट शॉप चल रही हैं। ज्यादातर मीट शॉप महेंद्रगढ़ रोड पर चल रहीं हैं। शहर में अन्य जगहों पर भी मीट शॉप चल रहीं हैं। अहम बात ये है कि ज्यादातर मीट शॉप बिना अनुमति के चल रहीं हैं और लोग इन्हें शहर से बाहर शिफ्ट करवाने की मांग कई बार उठा चुके हैं।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- पशु डेयरी और मीट शॉप को जल्द शहर से बाहर शिफ्ट किया जाएगा। इसके लिए अधिकारियों को सर्वे कर संख्या पता लगाने का आदेश दे दिया है, ताकि इसके बाद शिफ्टिंग के लिए अन्य व्यवस्थाएं जल्द की जा सके। -
डॉ. जयेंद्र छिल्लर, एडीसी एवं नगर आयुक्त, चरखी दादरी।
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शहर के रिहायशी क्षेत्रों में बनी मीट शॉप और पशु डेरियां जिला प्रशासन वर स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का सबब बनीं हैं। डेयरी बाहर शिफ्ट करवाने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से नगर परिषद को पत्र भी लिखा जा चुका है। लंबे समय तक ये मामला ठंडे बस्ते में रहने के बाद अब नगर परिषद अधिकारी हरकत में आ गए हैं। नगर आयुक्त डॉ. जयेंद्र छिल्लर ने पार्षदों से मंथन के बाद डेयरी व मीट शॉप बाहर शिफ्ट करने का आदेश दे दिया है।
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वार्डाें में जलभराव का मुख्य कारण पशु डेयरी भी हैं क्योंकि इनके संचालक पशुओं का मल-मूत्र नालियों के जरिये सीधा सीवर लाइनों में डालते हैं। इस कारण कई क्षेत्रों में सीवर लाइनें चोक भी रहती हैं। मानसून सीजन के दौरान कीकरवासनी क्षेत्र की मुख्य गली में दूषित पानी भरने से कई दिनों तक आवागमन बाधित रहा था। प्राचीन बड़ा हनुमान मदिर परिसर में भी तीन सप्ताह तक जलभराव रहा। नगर आयुक्त का कहना है कि संख्या का पता लगने के बाद शिफ्टिंग संबंधी कार्यवाही शुरू की जाएगी।
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- प्रतिदिन 7 टन गोबर पहुंचता है नालियों और सीवर लाइनों में
इस समय शहर में 70 से अधिक डेयरियां आवासीय क्षेत्र में चलाई जा रही हैं और रोजाना सात टन से अधिक गोबर नालियों व सीवरेज लाइनों में बहाया जा रहा है। इस कारण शहर में दूषित पानी की निकासी चरमरा जाती है। उम्मीद है कि नगर परिषद की इस कार्रवाई के बाद डेयरी संचालकों पर कुछ लगाम लगाई जा सकेगी।
- कैटल डंग पॉलिसी के तहत नालियों में नहीं बहा सकते गोबर
डेयरियों के कूड़ा-कचरा पर नियंत्रण के लिए सरकार ने कैटल डंग पॉलिसी बनाई है। इस पॉलिसी के तहत डेयरियों से निकलने वाले गोबर व कचरे का निपटान डेयरी मालिक स्वयं करेगा और उसे नालियों में नहीं बहाया जाएगा। उन्होंने बताया कि डेयरियों का गोबर नालियों में बहाए जाने की वजह से सीवरेज सिस्टम ठप हो जाता है और नालियां अवरुद्ध हो जातीं हैं।
- 100 से अधिक मीट शॉप
शहर के कई क्षेत्रों में 100 से ज्यादा मीट शॉप चल रही हैं। ज्यादातर मीट शॉप महेंद्रगढ़ रोड पर चल रहीं हैं। शहर में अन्य जगहों पर भी मीट शॉप चल रहीं हैं। अहम बात ये है कि ज्यादातर मीट शॉप बिना अनुमति के चल रहीं हैं और लोग इन्हें शहर से बाहर शिफ्ट करवाने की मांग कई बार उठा चुके हैं।
डॉ. जयेंद्र छिल्लर, एडीसी एवं नगर आयुक्त, चरखी दादरी।