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कृषि यंत्रों की मदद से करें पराली का प्रबंधन : डॉ. जितेंद्र अहलावतह
Sun, 20 Oct 2024 04:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sun, 20 Oct 2024 04:51 AM IST
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चरखी दादरी। पराली जलाने वाले किसानों को सावधान हो जाना चाहिए क्योंकि अब जिला प्रशासन सख्त हो गया है। जिस खेत में पराली जलेगी, उस खेत की मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर रेड एंट्री कर दी जाएगी। इसके बाद किसान को उस रेड एंट्री वाले खेत का गेहूं या धान नहीं बिक पाएगा। एफआईआर दर्ज करा गिरफ्तारी भी होगी।
उपनिदेशक (कृषि) डॉ. जितेंद्र अहलावत ने बताया कि अब ऐसे किसानों की मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर रेड एंट्री की जाएगी जिससे भविष्य में वह किसान न तो अपनी धान की फसल बेच पाएंगे और न ही गेहूं की फसल बेच सकेंगे। उपनिदेशक ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने पराली जलाने के मामले में कड़ा संज्ञान लिया है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग और प्रशासन लगातार किसानों को जागरूक कर रहा है कि वह किसी भी स्थिति में पराली में आग न लगाएं बल्कि सरकार की रियायती दरों पर उपलब्ध करवाए गए कृषि यंत्रों की मदद से पराली का उचित प्रबंध करें।
किसान पराली को या तो खेत में ही नष्ट करके खाद के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं या उनके गट्ठे बनवाकर खरीद केंद्रों पर बेचकर आय बढ़ा सकते हैं।
किसानों को काफी रियायतें देने के बावजूद कुछ किसान पराली में आग लगने से बाज नहीं आ रहे हैं। अब केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से आरोपी किसानों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
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उपनिदेशक (कृषि) डॉ. जितेंद्र अहलावत ने बताया कि अब ऐसे किसानों की मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर रेड एंट्री की जाएगी जिससे भविष्य में वह किसान न तो अपनी धान की फसल बेच पाएंगे और न ही गेहूं की फसल बेच सकेंगे। उपनिदेशक ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने पराली जलाने के मामले में कड़ा संज्ञान लिया है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग और प्रशासन लगातार किसानों को जागरूक कर रहा है कि वह किसी भी स्थिति में पराली में आग न लगाएं बल्कि सरकार की रियायती दरों पर उपलब्ध करवाए गए कृषि यंत्रों की मदद से पराली का उचित प्रबंध करें।
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किसान पराली को या तो खेत में ही नष्ट करके खाद के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं या उनके गट्ठे बनवाकर खरीद केंद्रों पर बेचकर आय बढ़ा सकते हैं।
किसानों को काफी रियायतें देने के बावजूद कुछ किसान पराली में आग लगने से बाज नहीं आ रहे हैं। अब केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से आरोपी किसानों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
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