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लंपी वायरस : जिले में नहीं एक भी मामला, 12650 वैक्सीन की भेजी डिमांड
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चरखी दादरी। लंपी वायरस को देखते हुए पशुपालन विभाग ने हैदराबाद से वैक्सीन मंगवाई हैं। विभाग ने 12 हजार 650 वैक्सीन की डिमांड भेजी है। फिलहाल जिले में लंपी वायरस का कोई मामला सामने नहीं आया है जबकि पशु पालन विभाग ने एक भी सैंपल नहीं लिया है। पशु चिकित्सकों का तर्क है कि लगातार स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है। जिला में इस समय गायों की संख्या 38412 है। 2012 की पशु गणना के मुकाबले संख्या बढ़ी है। 2021 की पशु गणना में यहा आंकड़ा 36087 था।
लंपी वायरस से निपटने के लिए पशुपालन विभाग सतर्क बना हुआ है। इसके लिए वीएलडीए व वेटेरनरी सर्जन की जिम्मेदारी लगा रखी है जो अपने अपने अधिकार क्षेत्र में निगरानी रखे हुए हैं। फिलहाल लंपी वायरस का कोई मामला जिला में सामने नहीं आया है। दूसरी ओर विभाग ने वैक्सीन की डिमांड भेज दी है। तीन-चार दिनों में 12 हजार 650 वैक्सीन पहुंच जाएंगी। गोटपॉक्स नाम की वैक्सीन हैदराबाद से आएंगी। विभाग वैक्सीनेशन उसी एरिया में करेगा जहां कोई मामला सामने आएगा। उस क्षेत्र को जोन बनाकर वैक्सीन लगाई जाएंगी। विभाग ने अभी वायरस की जांच के लिए सैंपल नहीं लिए हैं। अधिकारियों का तर्क है कि वायरस का जिला में किसी भी प्रकार का कोई लक्षण दिखाई नहीं दे रहा है।
= वायरस के ये हैं लक्षण
गाय का दूध कम मात्रा में देना, खाना-पीना छोड़ देना, आंखों व मुंह से लार टपकना, तेज बुखार आना प्रमुख रूप से शामिल हैं। यह वायरस गाय के बछड़े आदि पर ज्यादा प्रभाव दिखाता है।
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ये बरते सावधानी
पशुपालक गाय के बांधने की जगह को गीला न रखें। मैट या सूखे रेत का इस्तेमाल करें। मैट की नियमित सफाई करें। गाय को शुद्व पानी पिलाएं। वायरस से संक्रमित होने पर इसे अलग स्थान पर रखें। दूसरे पशुओं के संपर्क में न आने दें। पौष्टिक खुराक देते रहे। हरा चारा व खनिज मिश्रण का सेवन करवाएं। गाय के बांधने के आसपास मक्खी, मच्छर आदि नहीं पनपने दें। यह वायरस मक्खी व मच्छर आदि से फैलता है।
वैक्सीन की डिमांड भेज दी है। जल्द ही पहुंच जाएंगी। पूरे क्षेत्र में सतर्कता बरती जा रही है। पशुपालक सतर्क रहे। वायरस के लक्षण पाए जाने पर चिकित्सक को अवश्य सूचित करें। पशुओं की नियमित देखरेख करते रहे।
तुलसीराम, एसडीओ, पशुपालन विभाग
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लंपी वायरस से निपटने के लिए पशुपालन विभाग सतर्क बना हुआ है। इसके लिए वीएलडीए व वेटेरनरी सर्जन की जिम्मेदारी लगा रखी है जो अपने अपने अधिकार क्षेत्र में निगरानी रखे हुए हैं। फिलहाल लंपी वायरस का कोई मामला जिला में सामने नहीं आया है। दूसरी ओर विभाग ने वैक्सीन की डिमांड भेज दी है। तीन-चार दिनों में 12 हजार 650 वैक्सीन पहुंच जाएंगी। गोटपॉक्स नाम की वैक्सीन हैदराबाद से आएंगी। विभाग वैक्सीनेशन उसी एरिया में करेगा जहां कोई मामला सामने आएगा। उस क्षेत्र को जोन बनाकर वैक्सीन लगाई जाएंगी। विभाग ने अभी वायरस की जांच के लिए सैंपल नहीं लिए हैं। अधिकारियों का तर्क है कि वायरस का जिला में किसी भी प्रकार का कोई लक्षण दिखाई नहीं दे रहा है।
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= वायरस के ये हैं लक्षण
गाय का दूध कम मात्रा में देना, खाना-पीना छोड़ देना, आंखों व मुंह से लार टपकना, तेज बुखार आना प्रमुख रूप से शामिल हैं। यह वायरस गाय के बछड़े आदि पर ज्यादा प्रभाव दिखाता है।
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ये बरते सावधानी
पशुपालक गाय के बांधने की जगह को गीला न रखें। मैट या सूखे रेत का इस्तेमाल करें। मैट की नियमित सफाई करें। गाय को शुद्व पानी पिलाएं। वायरस से संक्रमित होने पर इसे अलग स्थान पर रखें। दूसरे पशुओं के संपर्क में न आने दें। पौष्टिक खुराक देते रहे। हरा चारा व खनिज मिश्रण का सेवन करवाएं। गाय के बांधने के आसपास मक्खी, मच्छर आदि नहीं पनपने दें। यह वायरस मक्खी व मच्छर आदि से फैलता है।
वैक्सीन की डिमांड भेज दी है। जल्द ही पहुंच जाएंगी। पूरे क्षेत्र में सतर्कता बरती जा रही है। पशुपालक सतर्क रहे। वायरस के लक्षण पाए जाने पर चिकित्सक को अवश्य सूचित करें। पशुओं की नियमित देखरेख करते रहे।
तुलसीराम, एसडीओ, पशुपालन विभाग