फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Charkhi Dadri News ›   Loharu feeder broken, 300 acres of standing crop submerged

लोहारु फीडर टूटी, 300 एकड़ में खड़ी फसल जलमग्न

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 12 Mar 2022 12:55 AM IST
विज्ञापन
Loharu feeder broken, 300 acres of standing crop submerged
चरखी दादरी। जिला की मेन लोहारु फीडर वीरवार देर रात टूट गई, जिससे आसपास के क्षेत्र में करीब 300 एकड़ में खड़ी फसल जलमग्न हो गई। नहर में 725 क्यूसेक पानी चल रहा था। नहर का करीब 45 फुट का हिस्सा टूटने से पानी खेतों में भर गया। सिंचाई विभाग ने शुक्रवार दोपहर बाद नहर के टूटे हिस्से को दुरुस्त किया और इसके बाद खेतों से पानी निकासी की कवायद शुरू कर दी। प्रभावित किसानों ने सरकार व विभाग से 40 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने की मांग की है। नहर ठीक होने के बाद विभाग ने फिर से पानी छोड़ दिया।
विज्ञापन

जिला की नहरों में चार मार्च को पानी पहुंचा था। पानी मेन लोहारु फीडर में छोड़ रखा था। वीरवार रात करीब एक बजे नहर में गांव अचीना के समीप कटाव शुरू हो गया। सिंचाई विभाग अधिकारियों का कहना है कि कर्मचारी साइट पर थे और इसके चलते नहर टूटने का जल्द ही पता चल गया। पता चलते ही मेन हैड से पानी को बंद करवाया गया। नहर में करीब 45 फीट चौड़ा कटाव होने से पानी तेजी से खेतों की ओर बहने लगा। कुछ समय में ही पानी खेतों में एक से दो फीट तक भर गया, जिससे सरसों व गेहूं की फसल को नुकसान हुआ। 70 प्रतिशत क्षेत्र में गेहूं व 30 प्रतिशत भू-भाग में सरसों की फसल खड़ी है। सरसों की फसल पककर तैयार हो चुकी है जबकि गेहूं की फसल में बालियां आ चुकी हैं। सरसों की तो आने वाले 10 दिनों में कटाई शुरू होनी थी। अब जलभराव होने पर फसलें खराब हो गई हैं। यह एरिया पहले ही तराई युक्त माना जाता है। मानसून सीजन के दौरान भी इस क्षेत्र में जलभराव ज्यादा मात्रा में होता है। किसानों ने इस क्षेत्र में गेहूं की बिजाई भी पछेती ही की थी। अब नहर टूटने से जलभराव होने पर गेहूं व सरसों सहित अन्य फसलों में ज्यादा नुकसान हुआ है। वैसे ही इस क्षेत्र की जमीन को काफी उपजाऊ माना जाता है।
विज्ञापन

-- विभाग ने रखवाए मिट्टी के 2500 बैग
कर्मचारियों ने जेसीबी व ट्रैक्टर आदि के जरिये नहर को पाटने का काम किया। मिट्टी के बैग भरकर कटाव की जगह रखे गए हैं। करीब 2500 मिट्टी से भरे बैग रखे गए हैं। नहर को ठीक करने के बाद विभाग ने पानी छोड़ दिया। विभागीय अधिकारी साइट का लगातार निरीक्षण कर रहे हैं ताकि दोबारा कटाव न पड़े।
विज्ञापन
विज्ञापन

- अचीना के किसानों की फसलें हुई जलमग्न
नहर टूटने से गांव अचीना में 300 एकड़ फसल में नुकसान का आकलन है। पकी हुई फसल में पानी भरने से ज्यादा नुकसान होने का अनुमान है। गांव के निवर्तमान सरपंच प्रेम सिंह ने बताया कि 300 एकड़ फसल पानी भरने से खराब हो गई है। किसानों को प्रति एकड़ 40 हजार रुपये तक मुआवजा मिलना चाहिए, क्योंकि एक एकड़ में सरसों से 50 हजार रुपये तक की पैदावार हो जाती है। इसी प्रकार गेहूं से औसतन प्रति एकड़ 50 हजार रुपये तक पैदावार होती है। विभाग को जल्द ही गिरदावरी करवाकर मुआवजा देना चाहिए। वहीं, सिंचाई विभाग अधिकारियों का मानना है कि 100 एकड़ क्षेत्र में जलभराव हुआ है।
- निकासी के लिए लगाईं तीन मोटरें -
सिंचाई विभाग ने खेतों से पानी की निकासी के लिए तीन मोटर लगा दी हैं। खेतों से पानी का उठान कर नहर में डाला जा रहा है ताकि जल्द पानी की निकासी होने पर पकी हुई फसल में ज्यादा नुकसान नहीं होने पाए। मोटर एवं पंप के जरिये पानी का उठान किया जा रहा है।
- नहर टूटने का कारण विभाग मान रहा पानी चोरी, ग्रामीणों ने नकारा -
विभाग के अधिकारियों का आरोप है कि किसान समय-समय पर नहरी पानी की चोरी करते हैं। किसानों ने नहर में अंडरग्राउंड पाइप लाइन दबा रखी हैं। इस जगह पाइप लाइन की वजह से लीकेज बढ़ती गई और धीरे-धीरे नहर में कटाव पड़ गया। वहीं, निवर्तमान सरपंच प्रेम सिंह का कहना है कि सिंचाई विभाग के अधिकारी किसानों पर निराधार आरोप लगा रहे हैं। किसानों ने नहर में लाइन आदि नहीं दबा रखी हैं।

वर्जन::
नहर को ठीक कर फिर से पानी छोड़ दिया गया है। नहर में 45 फीट चौड़ा कट होने से 80 से 100 एकड़ फसल में जलभराव हुआ है। खेतों से पानी की निकासी के लिए तीन मोटरें लगा दी हैं। नहर में 725 क्यूसेक पानी छोड़ रखा था। रात को विभाग कर्मचारी साइट पर तैनात थे और इस वजह से जल्द पता चल गया। किसानों ने नहर में अंडरग्राउंड पाइप लाइन दबा रखी हैं। इस वजह से लीकेज होने पर नहर टूटी है।
- ओमदत्त, एसडीओ, सिंचाई विभाग।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed