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Charkhi Dadri News: एचएसवीपी सेक्टर 8 में लाखों लीटर पेयजल हो रहा बर्बाद
Mon, 29 Dec 2025 01:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 29 Dec 2025 01:38 AM IST
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सेक्टर में प्लाट में भरा लीकेज के कारण पानी।
चरखी दादरी। दादरी शहर में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण एचएसवीपी के सेक्टर-8 में पेयजल लाइन टूटने से हालात विकट बनते जा रहे हैं। कई दिनों से टूटी पड़ी पाइपलाइन के कारण इलाके में पेयजल की भारी बर्बादी हो रही है, वहीं लोगों के प्लाॅट तालाब में तब्दील हो चुके हैं। स्थिति यह है कि करीब तीन से चार एकड़ क्षेत्र में पानी भर गया है, जिससे आम जनजीवन के साथ-साथ निर्माण कार्यों और आसपास के भवनों पर भी खतरा मंडराने लगा है। स्थानीय लोगों के अनुसार पेयजल लाइन टूटने के बाद से लाखों लीटर पेयजल सड़कों, खाली प्लाॅटों और निचले इलाकों में फैल चुका है।
तालाब में तब्दील हुए प्लाॅट
सेक्टर 8 निवासी प्राे. अरुण पिलानियां ने बताया कि उन्होंने यहां सबसे पहले मकान बनाया था। पिछले कई महीनों से यहां जलभराव की समस्या हैं। लेकिन दो-तीन महीने से हालत ज्यादा गंभीर हो चुके हैं। कई लोगों के प्लाॅटों में घुटनों तक पानी भर गया है, जिससे वहां मिट्टी धंसने और भविष्य में निर्माण योग्य न रहने का खतरा पैदा हो गया है। कुछ मकानों की नींव तक पानी पहुंच चुका है, जिससे भवनों की मजबूती पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो बड़े नुकसान से इन्कार नहीं किया जा सकता। प्लाॅट तालाब में तब्दील हो गए हैं।=पेयजल आपूर्ति पर पड़ रहा असर
एक ओर जहां पानी की बर्बादी हो रही है, वहीं दूसरी ओर सेक्टर-आठ और आसपास के क्षेत्रों में घरों तक पर्याप्त मात्रा में पेयजल की आपूर्ति नहीं हो पा रही। कई परिवारों को मजबूरी में निजी टैंकरों से पानी मंगवाना पड़ रहा है। गर्मी के मौसम में यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है, जब पानी की मांग बढ़ जाती है। लोगों का कहना है कि प्रशासन की लापरवाही के चलते उन्हें दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। एक ओर सरकार पानी बचाने के लिए जागरूकता पर लाखों रुपये खर्च कर रही है वहीं दूसरी ओर लाखों लीटर पानी की कोई कीमत नहीं समझी जा रही है।
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बाल भवन बन रहा, अन्य भवनों पर भी खतरा
इसी क्षेत्र के नजदीक बाल भवन का निर्माण कार्य भी चल रहा है। यदि जमीन में नमी और जलभराव बना रहा तो आने वाले समय में निर्माण की गुणवत्ता पर भी असर पड़ सकता है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जिस इलाके में भविष्य की पीढ़ी के लिए बाल भवन बनाया जा रहा है, वहीं बुनियादी सुविधाओं की यह हालत बेहद चिंताजनक है। इसके अलावा जिनके प्लाॅटों में पानी भरा है वो भी काम शुरू नहीं कर पा रहे हैं।
=शिकायत पर एक्शन नहीं
स्थानीय निवासी प्रो. चंद्रभान, अनिल डालावास, जवाहर लाल, दारा सिंह, साहिल आदि ने बताया कि वे इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित विभाग और अधिकारियों को शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। कभी टीम आने का आश्वासन दिया जाता है तो कभी जल्द मरम्मत का भरोसा, लेकिन हकीकत में समस्या जस की तस बनी हुई है।
यह पूरी लाइन जर्जर अवस्था में होने के कारण लीकेज की समस्या बनी हुई है। पाइप लाइन बदलने के लिए निविदा अलॉट हो चुकी है और जल्द ही काम शुरू हो जाएगा। लीकेज रोकने के लिए भी एजेंसी को आदेश दिया जाएगा।
- पंकज, जेई, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण।
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तालाब में तब्दील हुए प्लाॅट
सेक्टर 8 निवासी प्राे. अरुण पिलानियां ने बताया कि उन्होंने यहां सबसे पहले मकान बनाया था। पिछले कई महीनों से यहां जलभराव की समस्या हैं। लेकिन दो-तीन महीने से हालत ज्यादा गंभीर हो चुके हैं। कई लोगों के प्लाॅटों में घुटनों तक पानी भर गया है, जिससे वहां मिट्टी धंसने और भविष्य में निर्माण योग्य न रहने का खतरा पैदा हो गया है। कुछ मकानों की नींव तक पानी पहुंच चुका है, जिससे भवनों की मजबूती पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो बड़े नुकसान से इन्कार नहीं किया जा सकता। प्लाॅट तालाब में तब्दील हो गए हैं।=पेयजल आपूर्ति पर पड़ रहा असर
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एक ओर जहां पानी की बर्बादी हो रही है, वहीं दूसरी ओर सेक्टर-आठ और आसपास के क्षेत्रों में घरों तक पर्याप्त मात्रा में पेयजल की आपूर्ति नहीं हो पा रही। कई परिवारों को मजबूरी में निजी टैंकरों से पानी मंगवाना पड़ रहा है। गर्मी के मौसम में यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है, जब पानी की मांग बढ़ जाती है। लोगों का कहना है कि प्रशासन की लापरवाही के चलते उन्हें दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। एक ओर सरकार पानी बचाने के लिए जागरूकता पर लाखों रुपये खर्च कर रही है वहीं दूसरी ओर लाखों लीटर पानी की कोई कीमत नहीं समझी जा रही है।
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बाल भवन बन रहा, अन्य भवनों पर भी खतरा
इसी क्षेत्र के नजदीक बाल भवन का निर्माण कार्य भी चल रहा है। यदि जमीन में नमी और जलभराव बना रहा तो आने वाले समय में निर्माण की गुणवत्ता पर भी असर पड़ सकता है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जिस इलाके में भविष्य की पीढ़ी के लिए बाल भवन बनाया जा रहा है, वहीं बुनियादी सुविधाओं की यह हालत बेहद चिंताजनक है। इसके अलावा जिनके प्लाॅटों में पानी भरा है वो भी काम शुरू नहीं कर पा रहे हैं।
=शिकायत पर एक्शन नहीं
स्थानीय निवासी प्रो. चंद्रभान, अनिल डालावास, जवाहर लाल, दारा सिंह, साहिल आदि ने बताया कि वे इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित विभाग और अधिकारियों को शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। कभी टीम आने का आश्वासन दिया जाता है तो कभी जल्द मरम्मत का भरोसा, लेकिन हकीकत में समस्या जस की तस बनी हुई है।
यह पूरी लाइन जर्जर अवस्था में होने के कारण लीकेज की समस्या बनी हुई है। पाइप लाइन बदलने के लिए निविदा अलॉट हो चुकी है और जल्द ही काम शुरू हो जाएगा। लीकेज रोकने के लिए भी एजेंसी को आदेश दिया जाएगा।
- पंकज, जेई, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण।