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Charkhi Dadri News: दादरी को आधुनिक इनडोर कुश्ती हॉल की दरकार

Fri, 02 Aug 2024 05:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Fri, 02 Aug 2024 05:45 AM IST
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lack of wrestling hall
खेल बीट
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विभिन्न कुश्ती अखाड़ों में प्रतिदिन पहुंचते हैं 500 से ज्यादा पहलवान, सर्दी में मैट तो गर्मी में अखाड़े की मिट्टी पर अभ्यास करने के लिए विवश

संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। दादरी में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय तर्ज पर इनडोर आधुनिक कुश्ती हॉल का निर्माण करवाने की जरूरत है। इसकी कमी जिले के खिलाड़ियों को खल रही है। उन्हें सर्दी में मैट व गर्मी में अखाड़े में मिट्टी पर अभ्यास करना पड़ रहा है। अगर ये पहले ही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कुश्ती हॉल में अभ्यास करेंगे तो राज्य और देश का नाम रोशन कर सकेंगे।
बता दें कि सरकार चार से पांच साल में मैट भेजती है। उससे पहले ही मैट खराब हो जाते हैं। जिले में विभिन्न कुश्ती अखाड़ों में 500 पहलवान प्रतिदिन अभ्यास करते हैं। दादरी क्षेत्र में वैसे भी कुश्ती खेल काफी लोकप्रिय रहा है। गांवों में भी समय-समय पर ग्रामीण कुश्ती दंगल करवाते हैं। इनमें दूर-दराज के क्षेत्रों से पहलवान कुश्ती लड़ने आते हैं। इन कुश्ती दंगलोंं में मोटी इनाम राशि भी पहलवानों को दी जाती है। इसके अलावा जिले में कुश्ती खेल नर्सरी भी चल रही हैं। अखाड़ों में कुश्ती नर्सरियों में खिलाड़ी सुबह-शाम अभ्यास करते हैं।
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गांव फतेहगढ़, इमलोटा, झोझू कलां, दादरी शहर, महेंद्रगढ़ रोड, बौंदकलां क्षेत्र, झोझूकलां, सांजरवास-फौगाट में कुश्ती अखाड़ों में पहलवान अभ्यास करते हैं। जब अंतरराष्ट्रीय पहलवान गीता व बबीता ने कुश्ती शुरू की थी तो उस समय उनके पास भी कुश्ती मैट नहीं था। इन खिलाड़ियों ने अपने स्तर पर ही मैट की व्यवस्था कर रखी थी।
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पुराने समय में मिट्टी के अखाड़े में कुश्ती लड़ी जाती थी। बाद में नई तकनीक आने पर खेल सुविधाओं में भी विस्तार हुआ और नई तकनीक के रूप में कुश्ती मैट की शुरुआत हुई। ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी कई जगह खिलाड़ी अखाड़ों में ही कुश्ती का अभ्यास कर रहे हैं।



ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं की ज्यादा रुचि
ग्रामीण क्षेत्रों में कुश्ती खेल के प्रति ज्यादा रुचि है। काफी खिलाड़ी अपने स्तर पर खेल अभ्यास कर रहे हैं। अब नई तकनीक के रूप में एसी हॉल की जरूरत खिलाड़ियों को महसूस होने लगी है। कारण यह कि नेशनल व इंटरनेशल कुश्ती मुकाबले एसी हॉल में भी करवाए जाते हैं।
ऐसे में नीचे स्तर से ही पहलवानों को यह सुविधा मिल जाए तो आगे चलकर बेहद अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। खिलाड़ी की शुरू से ही आदत बन जाएगी। इस समय एसी हॉल की जरूरत बनी हुई है।





वर्सन :
सरकार कुश्ती अखाड़ों में सभी आवश्यक सुविधाएं मुहैया करवा रही है। नई तकनीक के अनुसार खेल विभाग भी खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रयासरत है। दादरी में जिला स्तरीय खेल स्टेडियम भी निर्माणाधीन है। वहां कई गेम कोर्ट की सुविधा खिलाड़ियों को मिलनी है।
-संधूबाला, जिला खेल अधिकारी, चरखी दादरी


फोटो 04
जिले में आयोजित दंगल में दमखम दिखाते पहलवान। फाइल फोटो
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