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Charkhi Dadri News: शहर में सीवर कर्मचारियों की कमी, लाइनों की सफाई हो रही बाधित
Fri, 21 Jun 2024 02:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Fri, 21 Jun 2024 02:58 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। मानसून सीजन में जलभराव से लोगों को राहत के लिए प्रशासन की ओर से तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए कई प्रोजेक्टों पर भी काम चल रहा है। इसके बावजूद आवश्यक संसाधनों और कर्मचारियों की कमी प्रशासन के इन प्रयासों में बाधा बन सकती है। शहर में हर साल होने वाले जलभराव की स्थिति को देखते हुए शहर में सीवर कर्मचारियों की कमी है। इसके अलावा सीवर कर्मचारियों को सेफ्टी किट भी उपलब्ध करवाने की जरूरत है।
शहर की सीवर लाइन करीब 45 साल पुरानी है। कर्मचारियों की कमी के चलते सीवर व्यवस्था राम भरोसे चल रही है। कर्मचारियों की कमी से सभी वार्ड में सीवरेज ब्लॉकेज भी नहीं खुल पा रही हैं। जनस्वास्थ्य विभाग के पास इस समय 20 सीवरमैन हैं, जो 21 वार्डों में सीवर सफाई का काम करते हैं। बाजार का क्षेत्र भी काफी बड़ा है। ऐसे में कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की जरूरत है। अधिकारियों का कहना है कि बारिश सीजन में इन सीवरमैन से ही बारिश के पानी की निकासी का काम लिया जाएगा। इस समय ये सीवरमैन वार्डों में सीवर नालियों की सफाई कर रहे हैं।
हालांकि अब शहर के कुछ भागों में नई सीवर लाइनें बिछाई गई हैं। यह सफल हो पाता है या नहीं ये तो बारिश होने पर ही पता चल पाएगा। वहीं, विभाग अधिकारियों की मानें तो एक वार्ड के लिए कम से कम तीन कर्मचारी अवश्य होने चाहिए तब जाकर नियमित रूप से फट्टी लगाकर सीवर लाइन साफ करने का काम पूरा हो सकता है। चार से पांच कर्मचारी तो जेटिंग मशीन पर ही तैनात होते हैं। अब स्थिति ये है कि एक वार्ड की लाइन साफ करना का नंबर कई दिनों बाद आता है, तब तक मैनहोल ऊपर तक भर जाते हैं। मैनहोल की नियमित सफाई भी हो जाए तो भी काफी हद तक काम चलाया जा सकता है।
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इन क्षेत्रों में रहती है सीवर समस्या
शहर के हरि नगर, वाल्मीकि बस्ती, वार्ड-6, वार्ड-14, वार्ड-17, वार्ड-2 व वार्ड-3 में सीवर की समस्या रहती है। वहीं, मानसून सीजन के दौरान मुख्य बाजार, पुरानी सब्जी मंडी रोड, काठमंडी और लाला लाजपतराय चौक क्षेत्र भी जलभराव से अछूता नहीं रहता।
कर्मचारियों की कमी जरूरी बनी हुई है फिर भी सभी काम समय पर निपटाए जा रहे हैं। मानसून सीजन में लोगों को जलभराव से परेशानी नहीं आने दी जाएगी। आने वाले समय में कर्मचारियों की पूर्ति हो जाएगी। - सोहनलाल, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग
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चरखी दादरी। मानसून सीजन में जलभराव से लोगों को राहत के लिए प्रशासन की ओर से तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए कई प्रोजेक्टों पर भी काम चल रहा है। इसके बावजूद आवश्यक संसाधनों और कर्मचारियों की कमी प्रशासन के इन प्रयासों में बाधा बन सकती है। शहर में हर साल होने वाले जलभराव की स्थिति को देखते हुए शहर में सीवर कर्मचारियों की कमी है। इसके अलावा सीवर कर्मचारियों को सेफ्टी किट भी उपलब्ध करवाने की जरूरत है।
शहर की सीवर लाइन करीब 45 साल पुरानी है। कर्मचारियों की कमी के चलते सीवर व्यवस्था राम भरोसे चल रही है। कर्मचारियों की कमी से सभी वार्ड में सीवरेज ब्लॉकेज भी नहीं खुल पा रही हैं। जनस्वास्थ्य विभाग के पास इस समय 20 सीवरमैन हैं, जो 21 वार्डों में सीवर सफाई का काम करते हैं। बाजार का क्षेत्र भी काफी बड़ा है। ऐसे में कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की जरूरत है। अधिकारियों का कहना है कि बारिश सीजन में इन सीवरमैन से ही बारिश के पानी की निकासी का काम लिया जाएगा। इस समय ये सीवरमैन वार्डों में सीवर नालियों की सफाई कर रहे हैं।
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हालांकि अब शहर के कुछ भागों में नई सीवर लाइनें बिछाई गई हैं। यह सफल हो पाता है या नहीं ये तो बारिश होने पर ही पता चल पाएगा। वहीं, विभाग अधिकारियों की मानें तो एक वार्ड के लिए कम से कम तीन कर्मचारी अवश्य होने चाहिए तब जाकर नियमित रूप से फट्टी लगाकर सीवर लाइन साफ करने का काम पूरा हो सकता है। चार से पांच कर्मचारी तो जेटिंग मशीन पर ही तैनात होते हैं। अब स्थिति ये है कि एक वार्ड की लाइन साफ करना का नंबर कई दिनों बाद आता है, तब तक मैनहोल ऊपर तक भर जाते हैं। मैनहोल की नियमित सफाई भी हो जाए तो भी काफी हद तक काम चलाया जा सकता है।
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इन क्षेत्रों में रहती है सीवर समस्या
शहर के हरि नगर, वाल्मीकि बस्ती, वार्ड-6, वार्ड-14, वार्ड-17, वार्ड-2 व वार्ड-3 में सीवर की समस्या रहती है। वहीं, मानसून सीजन के दौरान मुख्य बाजार, पुरानी सब्जी मंडी रोड, काठमंडी और लाला लाजपतराय चौक क्षेत्र भी जलभराव से अछूता नहीं रहता।
कर्मचारियों की कमी जरूरी बनी हुई है फिर भी सभी काम समय पर निपटाए जा रहे हैं। मानसून सीजन में लोगों को जलभराव से परेशानी नहीं आने दी जाएगी। आने वाले समय में कर्मचारियों की पूर्ति हो जाएगी। - सोहनलाल, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग