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कोर्ट का दरवाजा खटखटाया पर नहीं मिला पर्याप्त और स्वच्छ पानी
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गांधीनगर में आपूर्ति के दौरान नल से गिरता दूषित पानी ।
- फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। शहर की पेयजल व्यवस्था कितनी बदहाल है यह बताने के लिए ये काफी है कि शहरवासी हाईकोर्ट तक का दरवाजा खटखटा चुके हैं, मगर अभी तक भी न उन्हें स्वच्छ पानी मिल रहा है और न ही पर्याप्त पानी।
दरअसल शहर में जो पानी सप्लाई किया जाता है, वह ट्यूबवेल मिक्स होता है, जिसमें टीडीएस की मात्रा खतरनाक स्तर की है। इतना ही नहीं अधिकतर क्षेत्र में सीवर मिक्स पानी सप्लाई किया जा रहा है। विभाग अधिकारी इसके लिए संसाधनों की कमी और अव्यवस्थाओं का राग अलाप रहे है।
विभाग अधिकारियों का कहना है कि 36 करोड़ के नए प्रोजेक्ट का प्रपोजल मुख्यालय स्वीकृति के लिए भेजा गया है। जिसे मंजूूूरी मिलने और धरातल पर उतरने के बाद पेयजल संबंधित समस्याओं का काफी हद तक समाधान होगा। शहर में फैली पेयजल समस्याओं के संबंध वार्ड दो से निवर्तमान पार्षद महेश गुप्ता ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की। करीब डेढ़ साल पहले यह जनहित याचिका दायर की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते ही पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने भी इसे स्वीकृत किया और जनस्वास्थ्य विभाग अधिकारियों से जिले की स्टेटस रिपोर्ट मांगी।
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शहर वासियों को ये झेलनी पड़ रही समस्याएं
- शहर के अधिकतर क्षेत्रों में सीवर मिक्स पानी की सप्लाई
- शहर की अधिकतर कॉलोनियों में एक दिन छोड़कर एक दिन पेयजल सप्लाई
- ट्यूबवेल पानी मिक्स पानी की सप्लाई, जिसमें टीडीएस की मात्रा खतरनाक
-
ये है पेयजल समस्या के कारण
- पेयजल सप्लाई की नई स्कीम में 135 एलपीसीडी सप्लाई के निर्देश है जबकि व्यवस्था 110 एलपीसीडी की है।
- विभाग के पास स्टोरेज क्षमता कम है, जबकि गर्मियों में नहर में पानी कई-कई दिन के अंतराल में और कम आता है।
- शहर में पेयजल सप्लाई और बूस्टिंग स्टेशन के टैंक भरने की एक ही लाइन है, जिस कारण नहीं की जा रही नियमित सप्लाई
ये है योजना
जनस्वास्थ्य विभाग ने 36 करोड़ के प्रपोजल के तहत बूस्टिंग स्टेशनों के टैंक भरने और शहर में पेयजल सप्लाई की लाइनों को अलग-अलग किया जाएगा। दोनों जलघरों चंपापुरी और रामनगर कपूरी के पास अतिरिक्त टैंक बनाकर स्टोरेज क्षमता बढ़ाना। लोहारू रोड पर एक अतिरिक्त बूस्टिंग स्टेशन का निर्माण करना है। इनके अलावा कुछ कॉलोनियों, गलियों में लाइन भी बिछाई जाएगी।
क्या कहते है शिकायतकर्ता
मैने करीब डेढ़ साल पहले हाईकोर्ट में पेयजल संबंधित समस्या को लेकर जनहित याचिका दायर की थी। जिसे कोर्ट ने स्वीकृत किया और जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से स्टेटस रिपोर्ट मांगी थी। डेढ़ साल में भी पेयजल व्यवस्था सुधरने की बजाए और ज्यादा बिगड़ी है। यहां एक दिन छोड़ एक दिन पानी की सप्लाई आती है और वह भी बहुत कम। सप्लाई में सीवर मिक्स पानी आता है। जिससे बीमारियों का भी खतरा है। ट्यूबवेल का खारा पानी सप्लाई में आ रहा है। जिसमें टीडीएस की मात्रा बहुत ज्यादा है। ऐसे में विभाग ही लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहा है।
महेश गुप्ता, निवर्तमान पार्षद वार्ड दो
--------
आज एक सप्ताह बाद सप्लाई में पानी आया है। जब भी पेयजल आपूर्ति आती है, उसमें पहले सीवर मिक्स काला गंदा पानी आता है, बाद में जो साफ पानी भी आता है, उसमें भी दुर्गंध रहती है। यह पानी किसी भी हालत में पीने लायक नहीं है। इसका जल्द ही समाधान किया जाना चाहिए। - मंदीप महिला, वार्ड दो नजदीक अंजनी माता मंदिर
दूषित पानी पेट के लिए काफी नुकसानदायक है। इससे आंत संबंधित बीमारियों का खतरा रहता है। यह लीवर और पाचन तंत्र को प्रभावित करता है। उल्टी-दस्त, डायरिया की शिकायत होती है। ऐसे में जरूरी है कि पानी को उबालकर इस्तेमाल करें। - डॉ. योगेंद्र देशवाल, मेडिसन
पानी में टीडीएस की अधिक मात्रा शरीर के लिए काफी नुकसानदायक है। इससे पेट संबंधित बीमारियों का खतरा रहता है। टीडीएस की बढ़ी मात्रा हड्डियों के लिए भी नुकसानदायक है। आज जरूरी है कि खान-पान में सावधानी बरती जाए। - डॉ. आशीष मान, डिप्टी सिविल सर्जन
आज सुबह गांधी नगर वार्ड दो अंजनी माता मंदिर क्षेत्र से दूषित पेयजल सप्लाई संबंधित सूचना आई थी। वहां पहले कर्मचारी जाकर लीकेज ठीक करके आए थे। अब कल दोबारा कर्मचारी भेजकर ठीक करवाएंगे। शहर के लिए 36 करोड़ का प्रपोजल तैयार कर स्वीकृति के लिए भेजा है। -सुरेश श्योराण, एसडीओ जनस्वास्थ्य विभाग
फोटो 01
गांधीनगर में आपूर्ति के दौरान नल से गिरता दूषित पानी ।
फोटो 02
महेश गुप्ता, निवर्तमान पार्षद ।
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दरअसल शहर में जो पानी सप्लाई किया जाता है, वह ट्यूबवेल मिक्स होता है, जिसमें टीडीएस की मात्रा खतरनाक स्तर की है। इतना ही नहीं अधिकतर क्षेत्र में सीवर मिक्स पानी सप्लाई किया जा रहा है। विभाग अधिकारी इसके लिए संसाधनों की कमी और अव्यवस्थाओं का राग अलाप रहे है।
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विभाग अधिकारियों का कहना है कि 36 करोड़ के नए प्रोजेक्ट का प्रपोजल मुख्यालय स्वीकृति के लिए भेजा गया है। जिसे मंजूूूरी मिलने और धरातल पर उतरने के बाद पेयजल संबंधित समस्याओं का काफी हद तक समाधान होगा। शहर में फैली पेयजल समस्याओं के संबंध वार्ड दो से निवर्तमान पार्षद महेश गुप्ता ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की। करीब डेढ़ साल पहले यह जनहित याचिका दायर की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते ही पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने भी इसे स्वीकृत किया और जनस्वास्थ्य विभाग अधिकारियों से जिले की स्टेटस रिपोर्ट मांगी।
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शहर वासियों को ये झेलनी पड़ रही समस्याएं
- शहर के अधिकतर क्षेत्रों में सीवर मिक्स पानी की सप्लाई
- शहर की अधिकतर कॉलोनियों में एक दिन छोड़कर एक दिन पेयजल सप्लाई
- ट्यूबवेल पानी मिक्स पानी की सप्लाई, जिसमें टीडीएस की मात्रा खतरनाक
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ये है पेयजल समस्या के कारण
- पेयजल सप्लाई की नई स्कीम में 135 एलपीसीडी सप्लाई के निर्देश है जबकि व्यवस्था 110 एलपीसीडी की है।
- विभाग के पास स्टोरेज क्षमता कम है, जबकि गर्मियों में नहर में पानी कई-कई दिन के अंतराल में और कम आता है।
- शहर में पेयजल सप्लाई और बूस्टिंग स्टेशन के टैंक भरने की एक ही लाइन है, जिस कारण नहीं की जा रही नियमित सप्लाई
ये है योजना
जनस्वास्थ्य विभाग ने 36 करोड़ के प्रपोजल के तहत बूस्टिंग स्टेशनों के टैंक भरने और शहर में पेयजल सप्लाई की लाइनों को अलग-अलग किया जाएगा। दोनों जलघरों चंपापुरी और रामनगर कपूरी के पास अतिरिक्त टैंक बनाकर स्टोरेज क्षमता बढ़ाना। लोहारू रोड पर एक अतिरिक्त बूस्टिंग स्टेशन का निर्माण करना है। इनके अलावा कुछ कॉलोनियों, गलियों में लाइन भी बिछाई जाएगी।
क्या कहते है शिकायतकर्ता
मैने करीब डेढ़ साल पहले हाईकोर्ट में पेयजल संबंधित समस्या को लेकर जनहित याचिका दायर की थी। जिसे कोर्ट ने स्वीकृत किया और जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से स्टेटस रिपोर्ट मांगी थी। डेढ़ साल में भी पेयजल व्यवस्था सुधरने की बजाए और ज्यादा बिगड़ी है। यहां एक दिन छोड़ एक दिन पानी की सप्लाई आती है और वह भी बहुत कम। सप्लाई में सीवर मिक्स पानी आता है। जिससे बीमारियों का भी खतरा है। ट्यूबवेल का खारा पानी सप्लाई में आ रहा है। जिसमें टीडीएस की मात्रा बहुत ज्यादा है। ऐसे में विभाग ही लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहा है।
महेश गुप्ता, निवर्तमान पार्षद वार्ड दो
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आज एक सप्ताह बाद सप्लाई में पानी आया है। जब भी पेयजल आपूर्ति आती है, उसमें पहले सीवर मिक्स काला गंदा पानी आता है, बाद में जो साफ पानी भी आता है, उसमें भी दुर्गंध रहती है। यह पानी किसी भी हालत में पीने लायक नहीं है। इसका जल्द ही समाधान किया जाना चाहिए। - मंदीप महिला, वार्ड दो नजदीक अंजनी माता मंदिर
दूषित पानी पेट के लिए काफी नुकसानदायक है। इससे आंत संबंधित बीमारियों का खतरा रहता है। यह लीवर और पाचन तंत्र को प्रभावित करता है। उल्टी-दस्त, डायरिया की शिकायत होती है। ऐसे में जरूरी है कि पानी को उबालकर इस्तेमाल करें। - डॉ. योगेंद्र देशवाल, मेडिसन
पानी में टीडीएस की अधिक मात्रा शरीर के लिए काफी नुकसानदायक है। इससे पेट संबंधित बीमारियों का खतरा रहता है। टीडीएस की बढ़ी मात्रा हड्डियों के लिए भी नुकसानदायक है। आज जरूरी है कि खान-पान में सावधानी बरती जाए। - डॉ. आशीष मान, डिप्टी सिविल सर्जन
आज सुबह गांधी नगर वार्ड दो अंजनी माता मंदिर क्षेत्र से दूषित पेयजल सप्लाई संबंधित सूचना आई थी। वहां पहले कर्मचारी जाकर लीकेज ठीक करके आए थे। अब कल दोबारा कर्मचारी भेजकर ठीक करवाएंगे। शहर के लिए 36 करोड़ का प्रपोजल तैयार कर स्वीकृति के लिए भेजा है। -सुरेश श्योराण, एसडीओ जनस्वास्थ्य विभाग
फोटो 01
गांधीनगर में आपूर्ति के दौरान नल से गिरता दूषित पानी ।
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महेश गुप्ता, निवर्तमान पार्षद ।