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कॉलेजों में शिक्षण स्टाफ के अस्सी फीसदी पद खाली होना चिंताजनक : कमल
Thu, 04 Jan 2024 12:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Thu, 04 Jan 2024 12:48 AM IST
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बाढड़ा। युवा कल्याण संगठन के प्रदेश संरक्षक एवं छात्र नेता कमल प्रधान ने बुधवार को कस्बे में अभिभावकों की समस्याएं सुनीं। कमल ने कहा कि जिले के बाढड़ा, कादमा, मांढ़ी, दादरी राजकीय कॉलेजों में सभी विषयों के प्राध्यापक कम हैं। दादरी जिले के सभी सरकारी काॅलेजों में शिक्षण स्टाफ का 80 फीसदी पद खाली होना चिंताजनक है। युवा कल्याण संगठन इस मामले में राज्यपाल व शिक्षा मंत्री से गुहार लगा चुका है। अब जल्द ही केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को हालात से वाकिफ करवा कर शिक्षकों की तैनाती की मांग की जाएगी।
कमल प्रधान ने कहा कि काॅलेजों में प्रोफेसरों की कमी से विद्यार्थियों का भविष्य बर्बादी की कगार पर पहुंच गया है। भाजपा सरकार आज लोकतंत्र के मूल उद्देश्य से भटक गई है और जनसुविधाओं को व्यावसायिक बना दिया गया है। प्रदेश की शिक्षण व्यवस्था को बचाने के लिए अब राज्यपाल को ही हस्तक्षेप करना चाहिए। वरना गरीब के बच्चे शिक्षा से वंचित रह जाएंगे। सरकार धीरे-धीरे सार्वजनिक संस्थानों का निजीकरण कर रही है।
प्रदेश के कई हजार स्कूलों काे मॉडल संस्कृति का नाम देकर उनको हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड से सीबीएसई से जोड़ा जा रहा है। उनके साथ युवा कल्याण संगठन प्रदेश महासचिव दुष्यंत कलकल, प्रदेश प्रवक्ता अनिल शेषमा, जितेंद्र, शक्ति पहलवान, सतपाल आर्य, बलजीत जांगड़ा आदि मौजूद रहे।
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कमल प्रधान ने कहा कि काॅलेजों में प्रोफेसरों की कमी से विद्यार्थियों का भविष्य बर्बादी की कगार पर पहुंच गया है। भाजपा सरकार आज लोकतंत्र के मूल उद्देश्य से भटक गई है और जनसुविधाओं को व्यावसायिक बना दिया गया है। प्रदेश की शिक्षण व्यवस्था को बचाने के लिए अब राज्यपाल को ही हस्तक्षेप करना चाहिए। वरना गरीब के बच्चे शिक्षा से वंचित रह जाएंगे। सरकार धीरे-धीरे सार्वजनिक संस्थानों का निजीकरण कर रही है।
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प्रदेश के कई हजार स्कूलों काे मॉडल संस्कृति का नाम देकर उनको हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड से सीबीएसई से जोड़ा जा रहा है। उनके साथ युवा कल्याण संगठन प्रदेश महासचिव दुष्यंत कलकल, प्रदेश प्रवक्ता अनिल शेषमा, जितेंद्र, शक्ति पहलवान, सतपाल आर्य, बलजीत जांगड़ा आदि मौजूद रहे।
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