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Charkhi Dadri News: नहरों में 16 दिन चला 900 क्यूसेक पानी
Tue, 01 Jul 2025 12:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Tue, 01 Jul 2025 12:51 AM IST
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पानी से लबालब शहर के चंपापुरी जलघर का भंडारण टैंक। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। इस बार नहरी पानी पर्याप्त मात्रा में मिलने से सभी जलघर भरे गए हैं। जिले की नहरों में गत 12 जून को पानी पहुंचा था और 16 दिन तक 900 क्यूसेक पानी चला। इसका फायदा यह हुआ कि जिले के सभी जलघरों के भंडारण टैंक पानी से लबालब हो गए और अगले दो सप्ताह तक आसानी से पेयजल आपूर्ति की जा सकेगी।
सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने गर्मी सीजन को देखते हुए जलघरों व तालाबों में पानी डलवा दिया है। अब आगे अगर मानसून की बारिश बीच-बीच में होती रही तो पेयजल संकट भी इतना परेशान नहीं करेगा। पानी की खपत कम हो जाएगी। तालाब तो बारिश के पानी से अपने आप भर जाएंगे।
वहीं, जिले को पिछली बार 580 क्यूसेक पानी मिला था। इस बार 900 क्यूसेक पानी मिला। इससे जलघरों में पानी की पूर्ति हो गई। इस बार खरीफ की फसलों के लिए भी किसानों को नहरी पानी की इतनी जरूरत नहीं रही। बीच में कुछ दिन पहले बारिश भी हो चुकी है। इस समय शहर में नियमित रूप से एक दिन छोड़कर पेयजल आपूर्ति की जा रही है।
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पेयजल आपूर्ति का कोई निश्चित समय नहीं होने से लोगों को पानी नहीं मिल पाता है। विभाग सुबह चार बजे से पहले आपूर्ति शुरू कर देता है, जिससे इतनी जल्दी 60 प्रतिशत नल खुले होने की वजह से पानी खुला बहने से पानी की बर्बादी होती है। विभाग रात साढ़े 10 बजे भी कई कॉलोनियों में आपूर्ति कर रहा है। यह समय भी आम जनजीवन के लिए अनुकूल नहीं है।
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चरखी दादरी। इस बार नहरी पानी पर्याप्त मात्रा में मिलने से सभी जलघर भरे गए हैं। जिले की नहरों में गत 12 जून को पानी पहुंचा था और 16 दिन तक 900 क्यूसेक पानी चला। इसका फायदा यह हुआ कि जिले के सभी जलघरों के भंडारण टैंक पानी से लबालब हो गए और अगले दो सप्ताह तक आसानी से पेयजल आपूर्ति की जा सकेगी।
सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने गर्मी सीजन को देखते हुए जलघरों व तालाबों में पानी डलवा दिया है। अब आगे अगर मानसून की बारिश बीच-बीच में होती रही तो पेयजल संकट भी इतना परेशान नहीं करेगा। पानी की खपत कम हो जाएगी। तालाब तो बारिश के पानी से अपने आप भर जाएंगे।
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वहीं, जिले को पिछली बार 580 क्यूसेक पानी मिला था। इस बार 900 क्यूसेक पानी मिला। इससे जलघरों में पानी की पूर्ति हो गई। इस बार खरीफ की फसलों के लिए भी किसानों को नहरी पानी की इतनी जरूरत नहीं रही। बीच में कुछ दिन पहले बारिश भी हो चुकी है। इस समय शहर में नियमित रूप से एक दिन छोड़कर पेयजल आपूर्ति की जा रही है।
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पेयजल आपूर्ति का कोई निश्चित समय नहीं होने से लोगों को पानी नहीं मिल पाता है। विभाग सुबह चार बजे से पहले आपूर्ति शुरू कर देता है, जिससे इतनी जल्दी 60 प्रतिशत नल खुले होने की वजह से पानी खुला बहने से पानी की बर्बादी होती है। विभाग रात साढ़े 10 बजे भी कई कॉलोनियों में आपूर्ति कर रहा है। यह समय भी आम जनजीवन के लिए अनुकूल नहीं है।