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आजादी को संजोकर रखना हमारी बड़ी जिम्मेदारी : उपायुक्त
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चरखी दादरी। अमर स्वतंत्रता सेनानियों ने देश के लिए जो बलिदान दिए, उन्हीं की बदौलत आज हम आजादी की खुली हवा में सांस ले रहे हैं। हमारे वीर सेनानियों ने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया, उनका जीवन युवा पीढ़ी के लिए सदैव प्रेरणादायाी रहेगा। गांव अचीना में कैप्टन श्योकरण राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का नामकरण करते हुए उपायुक्त श्यामलाल पूनिया ने ये बात कही।
उन्होंने कहा कि कैप्टन श्योकरण ने विषम परिस्थितियों का सामना करते हुए अंग्रेजों के साथ लड़ाई लड़ी। वे नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जांबाज सिपाही थे। कप्तान श्योकरण अचीना जैसे ग्रामीण अंचल में पैदा हुए, लेकिन अपनी काबलियत के दम पर सेना में अधिकारी बने और राष्ट्रभक्ति की भावना से आईएनए में शामिल हो गए। एक लेफ्टिनेंट अधिकारी के तौर पर कैप्टन श्योकरण ने बर्मा व सिंगापुर में अंग्रेजों का वीरता से मुकाबला किया। उन्होंने कुछ समय मुल्तान जेल में भी बिताया। उनका जीवन हमारे अनुकरणीय है।
उपायुक्त ने कहा कि सामाजिक सौहार्द को कायम रखते हुए इस आजादी को संजोकर रखना अब हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यालय की छात्राओं व उपस्थित ग्रामीणों से आह्वान किया कि हर घर तिरंगा अभियान को सफल बनाने के लिए 13 से 15 अगस्त तक अपने घर की छत पर राष्ट्रीय ध्वज अवश्य फहराएं।
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इस अवसर पर एसडीएम अनिल यादव ने कहा कि कैप्टन श्योकरण जैसे व्यक्तित्व देश की भावी पीढ़ी के आदर्श हैं। फौज में भर्ती होकर आईएनए में जाना बड़ा साहसिक कदम माना जाता था। उस जमाने में ऐसी दिलेरी दिखाना हर किसी के बस की बात नहीं थी।
- ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में कप्तान श्योकरण के पुत्र उमेद सिंह, हरीश यादव, राजेश, नायब तहसीलदार नरेंद्र सिंह, बीडीपीओ सुभाष शर्मा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी विजयलक्ष्मी नांदल, उप जिला शिक्षा अधिकारी जलधीर कलकल, प्रेमसिंह, प्राचार्य बलवान सिंह, डॉ. शिवभावना, डॉ. टीकाराम, देवेंद्र फौगाट, सम्राट फौगाट, विजय, मंजीत फौगाट आदि उपस्थित रहे।
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उन्होंने कहा कि कैप्टन श्योकरण ने विषम परिस्थितियों का सामना करते हुए अंग्रेजों के साथ लड़ाई लड़ी। वे नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जांबाज सिपाही थे। कप्तान श्योकरण अचीना जैसे ग्रामीण अंचल में पैदा हुए, लेकिन अपनी काबलियत के दम पर सेना में अधिकारी बने और राष्ट्रभक्ति की भावना से आईएनए में शामिल हो गए। एक लेफ्टिनेंट अधिकारी के तौर पर कैप्टन श्योकरण ने बर्मा व सिंगापुर में अंग्रेजों का वीरता से मुकाबला किया। उन्होंने कुछ समय मुल्तान जेल में भी बिताया। उनका जीवन हमारे अनुकरणीय है।
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उपायुक्त ने कहा कि सामाजिक सौहार्द को कायम रखते हुए इस आजादी को संजोकर रखना अब हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यालय की छात्राओं व उपस्थित ग्रामीणों से आह्वान किया कि हर घर तिरंगा अभियान को सफल बनाने के लिए 13 से 15 अगस्त तक अपने घर की छत पर राष्ट्रीय ध्वज अवश्य फहराएं।
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इस अवसर पर एसडीएम अनिल यादव ने कहा कि कैप्टन श्योकरण जैसे व्यक्तित्व देश की भावी पीढ़ी के आदर्श हैं। फौज में भर्ती होकर आईएनए में जाना बड़ा साहसिक कदम माना जाता था। उस जमाने में ऐसी दिलेरी दिखाना हर किसी के बस की बात नहीं थी।
- ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में कप्तान श्योकरण के पुत्र उमेद सिंह, हरीश यादव, राजेश, नायब तहसीलदार नरेंद्र सिंह, बीडीपीओ सुभाष शर्मा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी विजयलक्ष्मी नांदल, उप जिला शिक्षा अधिकारी जलधीर कलकल, प्रेमसिंह, प्राचार्य बलवान सिंह, डॉ. शिवभावना, डॉ. टीकाराम, देवेंद्र फौगाट, सम्राट फौगाट, विजय, मंजीत फौगाट आदि उपस्थित रहे।