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Charkhi Dadri News: रामसेतु को स्पर्श करने के लिए समुद्र में उतरेगा मानकावास निवासी ईशांत
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ईशांत
चरखी दादरी। रामसेतु को समुद्र में छूने के लिए देश का एक दल श्रीलंका से तैरकर समुद्री मार्ग से भारत की सीमा में पहुंचेगा। दादरी जिले के गांव मानकावास निवासी तैराक ईशांत सिंह (17) भी इस दल का हिस्सा हैं। 18 अप्रैल को रामसेतु को स्पर्श करने के लिए समुद्र में तैराकी शुरू की जाएगी।
गौरतलब है कि इस यात्रा में ईशांत भारत और श्रीलंका के बीच स्थित 30 किलोमीटर लंबे पाक जल डमरू मध्य को तैर कर पार करेंगे। कॉमनवेल्थ गेम्स में देश को पहला पदक दिलाने वाले अर्जुन अवॉर्डी प्रशांत करमाकर तैराकी टीम के ग्रुप लीडर हैं। ईशांत ने कहा कि इस तरह समुद्र को पार करने का रोमांचक व ऐतिहासिक अवसर होगा।
हिंदू होने के नाते सनातन धर्म के आधार श्रीरामचंद्र की ओर से बनाए गए रामसेतु को स्पर्श कर अपने जीवन को धन्य करने का मौका मिलेगा। यह उनके जीवन का लक्ष्य है। रामसेतु हिंदू पौरुष का जीता जागता उदाहरण है। ईशांत ने बताया कि ऐसा नहीं है कि यह समुद्री अभियान सुरक्षित है। यह क्षेत्र शार्क के साथ अन्य समुद्री जीव-जंतुओं से भरा पड़ा है। इसके बाद भी ईशांत और उनकी टीम का हौसला बुलंद है।
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उन्होंने बताया कि यह सही है कि समुद्री शार्क पाक जल डमरू मध्य में पाई जाती है। अभी तक यह किसी व्यक्ति पर हमले जैसी कोई घटना नहीं हुई है। यह पूरा अभियान भारतीय नौसेना, भारतीय तटरक्षक दल के साथ श्रीलंकाई नौसेना के अधिकारियों की निगरानी में होगा। भारतीय नौसेना, तटरक्षक बल के साथ श्रीलंकाई नौसेना के सात जहाज दल के साथ चलेंगे। वायु सेवा का एक जहाज भी उनकी निगरानी करेगा।
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गौरतलब है कि इस यात्रा में ईशांत भारत और श्रीलंका के बीच स्थित 30 किलोमीटर लंबे पाक जल डमरू मध्य को तैर कर पार करेंगे। कॉमनवेल्थ गेम्स में देश को पहला पदक दिलाने वाले अर्जुन अवॉर्डी प्रशांत करमाकर तैराकी टीम के ग्रुप लीडर हैं। ईशांत ने कहा कि इस तरह समुद्र को पार करने का रोमांचक व ऐतिहासिक अवसर होगा।
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हिंदू होने के नाते सनातन धर्म के आधार श्रीरामचंद्र की ओर से बनाए गए रामसेतु को स्पर्श कर अपने जीवन को धन्य करने का मौका मिलेगा। यह उनके जीवन का लक्ष्य है। रामसेतु हिंदू पौरुष का जीता जागता उदाहरण है। ईशांत ने बताया कि ऐसा नहीं है कि यह समुद्री अभियान सुरक्षित है। यह क्षेत्र शार्क के साथ अन्य समुद्री जीव-जंतुओं से भरा पड़ा है। इसके बाद भी ईशांत और उनकी टीम का हौसला बुलंद है।
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उन्होंने बताया कि यह सही है कि समुद्री शार्क पाक जल डमरू मध्य में पाई जाती है। अभी तक यह किसी व्यक्ति पर हमले जैसी कोई घटना नहीं हुई है। यह पूरा अभियान भारतीय नौसेना, भारतीय तटरक्षक दल के साथ श्रीलंकाई नौसेना के अधिकारियों की निगरानी में होगा। भारतीय नौसेना, तटरक्षक बल के साथ श्रीलंकाई नौसेना के सात जहाज दल के साथ चलेंगे। वायु सेवा का एक जहाज भी उनकी निगरानी करेगा।