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Charkhi Dadri News: सर्दी से समय पर सिंचाई करने से बढ़ती है पौधे की प्रतिरोधक क्षमता
Thu, 12 Dec 2024 08:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Thu, 12 Dec 2024 08:57 PM IST
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नौ माह की बच्ची का शव मिलने के बाद जांच करती फिंगर एक्सपर्ट व तमकुहीराज पुलिस टीम।
कुशीनगर। नौ माह की बच्ची से आखिर बालिका को किस बात की अदावत थी, यह समझ से परे है। लेकिन, उसने ऐसे कृत्य को अंजाम दिया है, जिसे सुनने के बाद हर कोई उसे कोस रहा है। टीवी सीरियल सीआईडी और क्राइम पेट्रोल देखने के बाद बालिका ने इस घटना को अंजाम दिए जाने की बात स्वीकार की है।
हालांकि, पुलिस का कहना है कि बालिका से जब-जब पूछताछ की गई तो वह हर बार अलग-अलग कहानी सुनाती रही। उसके चेहरे पर न तो अपराध का भाव दिखा और न ही किसी तरह का पछतावा हो रहा था। उसके हाथों पर कई जगह कटे के निशान भी हैं। इस पर जब पुलिस ने जानकारी हासिल की तो पता चला कि वह गुस्सैल प्रवृति की है। परिजनों की डांट-फटकार के बाद उसने खुद को चोट पहुंचाने के लिए पहले भी अपने हाथ के नस को काट चुकी है।
नौ माह की नवजात बच्ची के गायब होने के बाद से ही परिजन व पुलिस को आरोपी बालिका पर संदेह हो गया था। क्योंकि उससे जितनी बार जानकारी ली गई तो उतनी बार अलग-अलग वह बात बताती रही। बच्ची के गायब होने से पहले बिस्तर पर सुलाने की बात बताई तो कुछ देर बाद गांव के लड़के से घर भेजने की बात कही।
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छत पर लगी पानी की टंकी में शव मिलने की सूचना के बाद आई पुलिस को देख बालिका के चेहरे का भाव ही बदलने लगा। पुलिस आरोपी बालिका से पूछताछ करती रही, लेकिन उसके चेहरे पर न तो अपराध का भाव दिखा और न ही घटना को लेकर पछतावा ही हो रहा था। बालिका पुलिस के हर सवाल का खुद के हिसाब से बेखौफ होकर जवाब दे रही थी। नई-नई कहानियां सुनाकर पुलिस व परिजनों को घंटों उलझाए रखा। इसके चलते उस पर संदेह गहराता चला गया। महिला एसआई आकांक्षा सिंह ने बालिका से कई बार बातचीत की।
पांच दौर की पूछताछ के दौरान बालिका ने अपराध को स्वीकार किया और बताया कि टीवी सीरियल सीआईडी व क्राइम पेट्रोल देखकर उसके मन में ऐसा करने का ख्याल आया था। हालांकि, जब इंस्पेक्टर अमित शर्मा ने बालिका से पूछताछ शुरू की तो वह दूसरी कहानी सुनाने लगी। आरोपी बालिका के हाथ पर कई जगह कटे के निशान देख जब इंस्पेक्टर ने सवाल किया तो पता चला कि परिजनों से नाराजगी के बाद उसने अपने हाथ की नस को काट लिया था। यह सच्चाई उजागर होने के बाद भी बालिका के चेहरे पर शिकन तक दिखने को नहीं मिली।
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हालांकि, पुलिस का कहना है कि बालिका से जब-जब पूछताछ की गई तो वह हर बार अलग-अलग कहानी सुनाती रही। उसके चेहरे पर न तो अपराध का भाव दिखा और न ही किसी तरह का पछतावा हो रहा था। उसके हाथों पर कई जगह कटे के निशान भी हैं। इस पर जब पुलिस ने जानकारी हासिल की तो पता चला कि वह गुस्सैल प्रवृति की है। परिजनों की डांट-फटकार के बाद उसने खुद को चोट पहुंचाने के लिए पहले भी अपने हाथ के नस को काट चुकी है।
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नौ माह की नवजात बच्ची के गायब होने के बाद से ही परिजन व पुलिस को आरोपी बालिका पर संदेह हो गया था। क्योंकि उससे जितनी बार जानकारी ली गई तो उतनी बार अलग-अलग वह बात बताती रही। बच्ची के गायब होने से पहले बिस्तर पर सुलाने की बात बताई तो कुछ देर बाद गांव के लड़के से घर भेजने की बात कही।
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छत पर लगी पानी की टंकी में शव मिलने की सूचना के बाद आई पुलिस को देख बालिका के चेहरे का भाव ही बदलने लगा। पुलिस आरोपी बालिका से पूछताछ करती रही, लेकिन उसके चेहरे पर न तो अपराध का भाव दिखा और न ही घटना को लेकर पछतावा ही हो रहा था। बालिका पुलिस के हर सवाल का खुद के हिसाब से बेखौफ होकर जवाब दे रही थी। नई-नई कहानियां सुनाकर पुलिस व परिजनों को घंटों उलझाए रखा। इसके चलते उस पर संदेह गहराता चला गया। महिला एसआई आकांक्षा सिंह ने बालिका से कई बार बातचीत की।
पांच दौर की पूछताछ के दौरान बालिका ने अपराध को स्वीकार किया और बताया कि टीवी सीरियल सीआईडी व क्राइम पेट्रोल देखकर उसके मन में ऐसा करने का ख्याल आया था। हालांकि, जब इंस्पेक्टर अमित शर्मा ने बालिका से पूछताछ शुरू की तो वह दूसरी कहानी सुनाने लगी। आरोपी बालिका के हाथ पर कई जगह कटे के निशान देख जब इंस्पेक्टर ने सवाल किया तो पता चला कि परिजनों से नाराजगी के बाद उसने अपने हाथ की नस को काट लिया था। यह सच्चाई उजागर होने के बाद भी बालिका के चेहरे पर शिकन तक दिखने को नहीं मिली।

मवाना रोड गंगानगर क्षेत्र में नाले के पास लगे जाम में फंसी एंबुलेंस व अन्य वाहन। -- स्रोत संवाद