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विडंबना : नप ने पांच साल में शौचालयों के निर्माण पर खर्च किए 10 लाख, अब रखरखाव के लिए प्रतिवर्ष खर्च करेगी 12 लाख

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 04 Oct 2021 09:24 PM IST
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Irony: NAP spent 10 lakhs on construction of toilets in five years, now will spend 12 lakhs annually for maintenance
फोटो 02 बदहाल शहर का सार्वजनिक शौचालय। - फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। नगर परिषद की कार्यप्रणाली भी कमाल है। पिछले पांच सालों में सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण पर 10 लाख रुपये खर्च किए। अब शहर में सभी शौचालयों के रखरखाव पर ही प्रति वर्ष 12 लाख रुपये खर्च करेगी। रखरखाव का ठेका एक एजेंसी को दिया है। एक माह पहले इसके वर्क ऑर्डर जारी हो चुके हैं, लेकिन अब तक शौचालयों की हालत बदतर बनी है। खस्ता हालत और सफाई नहीं होने के कारण आती दुर्गंध से लोग इनमें जाने से कतरा रहे हैं। टेंडर के अनुसार प्रति शौचालय रखरखाव पर प्रतिमाह करीब दस हजार रुपये खर्च होंगे। इस लिहाज से दस शौचालयों के रखरखाव पर प्रतिमाह एक लाख रुपये खर्च आएगा। एक साल में यह खर्च 12 लाख रुपये बनेगा। टेंडर की समयावधि एक साल की ही है।
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नप अधिकारियों के अनुसार शहर में सार्वजनिक शौचालयों की संख्या करीब दस है। इन शौचालयों के रखरखाव का जिम्मा एक एजेंसी को देने के लिए करीब छह माह पहले टेंडर हुआ था। इसके वर्क ऑर्डर एक माह पहले जारी हुए हैं। वर्क ऑर्डर पांच माह देरी से जारी होने का कारण अधिकारी तकनीकी और प्रशासनिक स्वीकृति की प्रक्रिया बता रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार इस टेंडर की बाकायदा डीएमसी से अनुमति ली गई है। पिछले पांच सालों में चार नए सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण करवाया। इन पर करीब आठ लाख रुपये की राशि खर्च हुई है। इनकी मरम्मत करीब दो लाख रुपये खर्च किया है। नप ने पिछले पांच साल में पांच बार भी शौचालयों की मरम्मत नहीं करवाई गई। एक बार सभी शौचालय को दुरुस्त करने पर अधिकतम एक लाख रुपये खर्च आता है।
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दूसरी ओर वर्क ऑर्डर जारी होने के बाद भी सार्वजनिक शौचालयों की दशा नहीं सुधरी है। यहां गंदगी का आलम है और शौचालयों का बदहाल होना स्वच्छता रैंकिंग पर भी सीधे तौर पर असर डाल सकता है। वहीं, टेंडर लेने वाली एजेंसी के प्रतिनिधि का कहना है कि अभी सार्वजनिक शौचालय नगर परिषद के सुपुर्द ही हैं। टेंडर के अनुसार पहले नगर परिषद को पहले शौचालयों को दुरुस्त करके देना होगा, इसके बाद एजेंसी अपना काम शुरू कर देगी। एजेंसी प्रतिनिधि ने बताया कि नगर परिषद और एजेंसी की संयुक्त टीम सभी सार्वजनिक शौचालयों का सर्वे कर खामियों की सूची तैयार कर चुकी है। मंगलवार तक यह सूची नप को सौंप दी जाएगी, ताकि जल्द खामियां दूर करवाकर अधिकारी एजेंसी को सार्वजनिक शौचालय हैंडओवर कर दें।
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- इन क्षेत्रों में बने हैं सार्वजनिक शौचालय
नगर परिषद कार्यालय में मेन गेट के पास, रोहतक रोड पर रेलवे स्टेशन रोड मोड़, कोर्ट रोड पर कोर्ट गेट के ठीक सामने, वैश्य कन्या स्कूल के पास, महेंद्रगढ़ रोड पर कॉलेज मोड़ के पास, तिकोना पार्क पर ओवरब्रिज के नीचे, सरदार झाडू सिंह चौक रोड पर मातृ-शिशु अस्पताल के गेट के पास, पुरानी सब्जी मंडी के सामने, पुरानी अनाज मंडी के समीप सार्वजनिक शौचालय हैं।
- दरवाजे से लेकर छत तक टूटी, टोंटियां गायब, टॉयलेट सीट भी गंदी
शहर के सार्वजनिक शौचालयों की अगर बात करें तो दरवाजे से लेकर छत तक टूटी हुई है। इतना ही नहीं शौचालयों से टोंटियां गायब हैं जबकि वाशबेसिन टूटे हुए हैं। शौचालयों की छतों पर रखी टंकियों में पानी तक नहीं है। टॉयलेट सीट का तो हाल बेहद बुरा है। इसके चलते लोग इन्हें प्रयोग करने से कतरा रहे हैं। वहीं, वर्क ऑर्डर जारी होने के एक माह बाद तक शौचालयों की दशा न सुधरना और एजेंसी को हेंडओवर न करना नप की उदायीन प्रणाली भी दर्शा रहा है।
ये हैं टेंडर की मुख्य शर्तें
- एजेंसी जिस हालत में शौचालय टेकओवर करेगी, उसी हालत में एक साल बाद नप को हेंडओवर करेगी।
- इन शौचालयों की साफ-सफाई के अलावा रख-रखाव समेत अन्य सेनेटरी सामान की जिम्मेदारी एजेंसी की होगी।
- इन शौचालयों में नियमित पानी का प्रबंध करना एजेंसी की जिम्मेदारी होगी।
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वर्जन:
सारी प्रक्रिया मेरे आने से पहले पूरी हो चुकी थी और मैंने केवल वर्क ऑर्डर जारी किए हैं। एजेंसी को जल्द शौचालय हैंडओवर कर दिए जाएंगे। इनमें कुछ कमियां हैं, जिन्हें हम जल्द दूर करवा देंगे। उम्मीद है कि इसी सप्ताह इस प्रक्रिया पर काम पूरा हो जाए।

-सुनील कुमार, एमई, नगर परिषद
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वर्जन::
करीब दस हजार रुपये प्रति शौचालय एजेंसी ने टेंडर लिया है। नप ने अभी शौचालय हमें हैंडओवर नहीं किए हैं। संयुक्त टीम ने शौचालयों की खामियों का पता लगा लिया है। नप के खामियां दूर करवाते ही शौचालयों के रख-रखाव हम शुरू कर देंगे।
-सुधीर, कांट्रेक्टर
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