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Charkhi Dadri News: बीमा कंपनी पर कम मुआवजा देने का आरोप, भाकियू ने मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री को लिखा पत्र
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बाढड़ा। वर्ष 2023 खरीफ सीजन का पूरा मुआवजा दिलाने के लिए भारतीय किसान यूनियन ने मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री को पत्र लिखा है। इसके जरिये बताया गया कि खराबे की भेंट चढ़ी कपास, ग्वार व बाजरे की फसलों का पीएम फसल बीमा कंपनी ने सैटेलाइट सर्वे करवा कर नाम मात्र मुआवजा जारी किया है। कंपनी की मनमानी का विरोध करते हुए सरकार से मुआवजा वितरण की जांच कराने की मांग की है।
भाकियू अध्यक्ष हरपाल सिंह भांडवा ने बताया कि पत्र में किसानों ने आरोप लगाया कि बीमा कंपनियां एक तरफ प्रीमियम के रूप में भारी भरकम पैसे वसूल कर रही हैं जबकि ओलावृष्टि या सूखे की चपेट में आने पर फसलों का बहुत कम मुआवजा दिया जा रहा है। वर्ष 2023 के खरीफ सीजन की कपास की फसलें पहले सूखा और फिर बेमौसमी बारिश से खत्म हो गई।
राजस्व विभाग ने भी इसकी रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजी गई थी, लेकिन पीएम फसल बीमा कंपनी ने पहले तो आनाकानी की फिर सैटेलाइट की रिपोर्ट के आधार पर मामूली मुआवजा दिया गया, जिससे कृषकों को लागत भी नहीं मिल पाई है। पत्र में बताया गया कि किसानों की हजारों एकड़ फसलें खराबें की भेंट चढ़ गई।
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अब पीएम फसल बीमा के लिए अनुबंधित कंपनी ने सारी रिपोर्ट में गोलमाल कर किसानों के मुंह से निवाला छीनने का काम किया है। इससे अकेले दादरी जिले को 50 करोड़ व भिवानी जिले को 250 करोड़ का नुकसान हुआ है। किसानों ने दो टूक चेतावनी दी कि जल्द ही सुनवाई नहीं की तो पहले सीएम आवास पर मुलाकात के लिए समय मांगा जाएगा और उसके बाद अनाज बिक्री सीजन के बाद बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल सदस्य ओमप्रकाश उमरवास, रामअवतार, गिरधारी मोद, रणधीर हुई, सतबीर बाढड़ा, प्रताप हंसावास ने भी कंपनी के रवैये पर रोष जताया है।
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भाकियू अध्यक्ष हरपाल सिंह भांडवा ने बताया कि पत्र में किसानों ने आरोप लगाया कि बीमा कंपनियां एक तरफ प्रीमियम के रूप में भारी भरकम पैसे वसूल कर रही हैं जबकि ओलावृष्टि या सूखे की चपेट में आने पर फसलों का बहुत कम मुआवजा दिया जा रहा है। वर्ष 2023 के खरीफ सीजन की कपास की फसलें पहले सूखा और फिर बेमौसमी बारिश से खत्म हो गई।
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राजस्व विभाग ने भी इसकी रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजी गई थी, लेकिन पीएम फसल बीमा कंपनी ने पहले तो आनाकानी की फिर सैटेलाइट की रिपोर्ट के आधार पर मामूली मुआवजा दिया गया, जिससे कृषकों को लागत भी नहीं मिल पाई है। पत्र में बताया गया कि किसानों की हजारों एकड़ फसलें खराबें की भेंट चढ़ गई।
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अब पीएम फसल बीमा के लिए अनुबंधित कंपनी ने सारी रिपोर्ट में गोलमाल कर किसानों के मुंह से निवाला छीनने का काम किया है। इससे अकेले दादरी जिले को 50 करोड़ व भिवानी जिले को 250 करोड़ का नुकसान हुआ है। किसानों ने दो टूक चेतावनी दी कि जल्द ही सुनवाई नहीं की तो पहले सीएम आवास पर मुलाकात के लिए समय मांगा जाएगा और उसके बाद अनाज बिक्री सीजन के बाद बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल सदस्य ओमप्रकाश उमरवास, रामअवतार, गिरधारी मोद, रणधीर हुई, सतबीर बाढड़ा, प्रताप हंसावास ने भी कंपनी के रवैये पर रोष जताया है।