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Charkhi Dadri News: जिले में इन्फ्लूएंजा की दस्तक, 6 माह का बच्चा मिला संक्रमित
Sat, 18 Mar 2023 09:00 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sat, 18 Mar 2023 09:00 PM IST
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फ्लू कॉर्नर पर मरीज का सैंपल लेते हुए स्वास्थ्यकर्मी।
चरखी दादरी। जिले में भी इन्फ्लूएंजा ने दस्तक दे दी है। कनीना रोड स्थित एक गांव निवासी दंपती का 6 माह का बच्चा इन्फ्लूएंजा (टाइप-बी) संक्रमित मिला है। शुक्रवार रात ही जिला स्वास्थ्य विभाग के पास बच्चे की रिपोर्ट पहुंची है। उक्त बच्चा जिले से बाहर किसी निजी अस्पताल में उपचाराधीन था और वहीं से उसका सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया था। इन्फ्लूएंजा का जिले में यह पहला मामला है और इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है।
बता दे कि इन्फ्लूएंजा एच3एन2 के कई जिलों में लोग शिकार बन चुके हैं। दादरी जिले में जो एक केस मिला है वो इस वैरिएंट से अलग है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार टाइप-बी वैरिएंट टाइप-ए की तुलना में कम खतरनाक है। हालांकि इन्फ्लूएंजा की सभी टाइप के लक्षण एक जैसे ही होते हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जो बच्चा संक्रमित मिला है उसका सैंपल दादरी के किसी अस्पताल से नहीं, बल्कि किसी दूसरे जिले के किसी निजी अस्पताल से भेजा गया था। शुक्रवार रात ही इसकी रिपोर्ट प्राप्त हुई है।
इन्फ्लूएंजा का पहला केस मिलते ही शनिवार सुबह ही स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया। सीएमओ डॉ. कृष्ण कुमार के निर्देशानुसार कोरोना नोडल अधिकारी डॉ. गौरव भारद्वाज ने सुबह ही टीम को संक्रमित बच्चे के घर भेज दिया। वहां पहुंचकर टीम ने पूछताछ की और परिजनों के सैंपल भी लिए। इन सैंपल को जांच के लिए रोहतक पीजीआई भेजा जाएगा। बताया जा रहा है कि संक्रमित बच्चा आइसोलेट है और अब परिजनों को भी विभाग ने सैंपल रिपोर्ट आने तक आइसोलेट कर दिया है। दूसरी ओर विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इन्फ्लूएंजा जांच के लिए सैंपल उन्हीं मरीजों के लिए जाएंगे जिनमें स्पष्ट लक्षण नजर आएं और वो अस्पताल में भर्ती हो।
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ये है इन्फ्लूएंजा के वैरिएंट
नोडल अधिकारी डॉ. गौरव भारद्वाज ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में इन्फ्लूएंजा एच3एन2 वैरिएंट के केस सामने आए हैं। यह टाइप-एक है। यह संक्रमण जानवरों से मनुष्यों में होता है। दादरी में जो बच्चा संक्रमित मिला है वो अलग वैरिएंट है। टाइप-बी वैरिएंट का फैलाव इंसान से इंसान में होता है। टाइप-ए के मुकाबले यह कम खतरनाक है।
इन्फ्लूएंजा के मद्देनजर विभाग ने की हैं ये व्यवस्थाएं
इन्फ्लूएंजा के मद्देनजर सीएमओ डॉ. कृष्ण कुमार ने सिविल अस्पताल में फ्लू कॉर्नर शुरू करवा दिया है। इसके अलावा अब विभाग का फोकस तीनों सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और 12 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर फ्लू कॉर्नर शुरू करने पर रहेगा। यहां लिए गए सैंपल जांच के लिए रोहतक पीजीआई भेजे जाएंगे।
इधर...कोरोना जांच के लिए अस्पताल में लिए 13 सैंपल
दूसरी ओर जिन मरीजों में लक्षण नजर आ रहे हैं, विभागीय कर्मचारी कोरोना जांच के लिए उनके भी सैंपल ले रहा है। शनिवार को 13 लोगों के कोरोना जांच के लिए विभाग की ओर से सैंपल लिए गए। औसतन विभाग प्रतिदिन कोरोना जांच के लिए 10 से 12 सैंपल ले रहा है।
अधिकारी बोले
एक 6 माह का बच्चा इन्फ्लूएंजा बी-टाइप से संक्रमित मिला है और शुक्रवार देर शाम उसकी रिपोर्ट हमारे पास आई। शनिवार सुबह ही टीम को बच्चे के घर भेज दिया गया। बच्चे का सैंपल किसी दूसरे जिले के निजी अस्पताल से भेजा गया था।
-डॉ. गौरव भारद्वाज, कोरोना नोडल अधिकारी
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बता दे कि इन्फ्लूएंजा एच3एन2 के कई जिलों में लोग शिकार बन चुके हैं। दादरी जिले में जो एक केस मिला है वो इस वैरिएंट से अलग है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार टाइप-बी वैरिएंट टाइप-ए की तुलना में कम खतरनाक है। हालांकि इन्फ्लूएंजा की सभी टाइप के लक्षण एक जैसे ही होते हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जो बच्चा संक्रमित मिला है उसका सैंपल दादरी के किसी अस्पताल से नहीं, बल्कि किसी दूसरे जिले के किसी निजी अस्पताल से भेजा गया था। शुक्रवार रात ही इसकी रिपोर्ट प्राप्त हुई है।
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इन्फ्लूएंजा का पहला केस मिलते ही शनिवार सुबह ही स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया। सीएमओ डॉ. कृष्ण कुमार के निर्देशानुसार कोरोना नोडल अधिकारी डॉ. गौरव भारद्वाज ने सुबह ही टीम को संक्रमित बच्चे के घर भेज दिया। वहां पहुंचकर टीम ने पूछताछ की और परिजनों के सैंपल भी लिए। इन सैंपल को जांच के लिए रोहतक पीजीआई भेजा जाएगा। बताया जा रहा है कि संक्रमित बच्चा आइसोलेट है और अब परिजनों को भी विभाग ने सैंपल रिपोर्ट आने तक आइसोलेट कर दिया है। दूसरी ओर विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इन्फ्लूएंजा जांच के लिए सैंपल उन्हीं मरीजों के लिए जाएंगे जिनमें स्पष्ट लक्षण नजर आएं और वो अस्पताल में भर्ती हो।
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ये है इन्फ्लूएंजा के वैरिएंट
नोडल अधिकारी डॉ. गौरव भारद्वाज ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में इन्फ्लूएंजा एच3एन2 वैरिएंट के केस सामने आए हैं। यह टाइप-एक है। यह संक्रमण जानवरों से मनुष्यों में होता है। दादरी में जो बच्चा संक्रमित मिला है वो अलग वैरिएंट है। टाइप-बी वैरिएंट का फैलाव इंसान से इंसान में होता है। टाइप-ए के मुकाबले यह कम खतरनाक है।
इन्फ्लूएंजा के मद्देनजर विभाग ने की हैं ये व्यवस्थाएं
इन्फ्लूएंजा के मद्देनजर सीएमओ डॉ. कृष्ण कुमार ने सिविल अस्पताल में फ्लू कॉर्नर शुरू करवा दिया है। इसके अलावा अब विभाग का फोकस तीनों सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और 12 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर फ्लू कॉर्नर शुरू करने पर रहेगा। यहां लिए गए सैंपल जांच के लिए रोहतक पीजीआई भेजे जाएंगे।
इधर...कोरोना जांच के लिए अस्पताल में लिए 13 सैंपल
दूसरी ओर जिन मरीजों में लक्षण नजर आ रहे हैं, विभागीय कर्मचारी कोरोना जांच के लिए उनके भी सैंपल ले रहा है। शनिवार को 13 लोगों के कोरोना जांच के लिए विभाग की ओर से सैंपल लिए गए। औसतन विभाग प्रतिदिन कोरोना जांच के लिए 10 से 12 सैंपल ले रहा है।
अधिकारी बोले
एक 6 माह का बच्चा इन्फ्लूएंजा बी-टाइप से संक्रमित मिला है और शुक्रवार देर शाम उसकी रिपोर्ट हमारे पास आई। शनिवार सुबह ही टीम को बच्चे के घर भेज दिया गया। बच्चे का सैंपल किसी दूसरे जिले के निजी अस्पताल से भेजा गया था।
-डॉ. गौरव भारद्वाज, कोरोना नोडल अधिकारी