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सात साल में 9000 बेटियों ने दिखाई आपकी बेटी-हमारी बेटी योजना में दिलचस्पी
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चरखी दादरी। सरकार द्वारा 2015 में शुरू की गई आपकी बेटी-हमारी बेटी योजना जिले की बेटियों के अभिभावकों को खूब रास आ रही है। पिछले सात सालों की अगर बात करें तो जिले की 9000 बेटियां इस योजना में शामिल हुई हैं और यह कारवां लगातार बढ़ता ही जा रहा है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार एक वर्किंग दिवस में योजना से पांच बेटियां जुड़ रही हैं। ऐसे में चरखी दादरी जिले में साल दर साल योजना से जुड़ने वालीं बेटियों की संख्या में इजाफा हो रहा है और इसका कारण जागरूकता मुहिम भी है।
दरअसल, बेटियों को सशक्त बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने यह योजना शुरू की थी। महिला एवं बाल विकास विभाग की योजना के तहत पहली बेटी के जन्म पर सरकार 21 हजार का निवेश करती है। सीडीपीओ गीता सहारण ने बताया कि बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सरकार ने आपकी बेटी-हमारी बेटी योजना शुरू की थी, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। योजना का उद्देश्य राज्य में बालिकाओं के जन्म के प्रति सामाजिक दृष्टिकोण में परिवर्तन लाना और कन्या भ्रूण हत्या को रोकना है। इसके साथ लिंगानुपात में सुधार लाना और बालिकाओं को शिक्षा के उचित अवसर प्रदान करने के लिए भी यह योजना चलाई जा रही है।
उन्होंने बताया कि इस योजना असर यह हुआ है कि दादरी जिला में लिंगानुपात बेहतर हो रहा है। बेटियों के प्रति समाज की सोच में सकारात्मक बदलाव आया है और बेटियों को आगे बढ़ने के समान अवसर भी मिल रहे हैं। गीता सहारण ने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से चलाई जा रही इस योजना के तहत ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में जन्मी अनुसूचित जाति और बीपीएल परिवारों की पहली बेटी के जन्म पर 21 हजार रुपये का निवेश किया जाता है। इसके अलावा दूसरे सभी वर्गों की दूसरी व तीसरी बेटी के जन्म पर 21 हजार रुपये की राशि जीवन बीमा निगम में निवेश की जाती है।
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- 18 साल बाद मिलती है कैश राशि
सीडीपीओ गीता सहारण ने बताया कि एलआईसी की ओर से लाभार्थी के नाम से एक मेंबरशिप सर्टिफिकेट जारी किया जाता है। इस मेंबरशिप सर्टिफिकेट को बच्ची के 18 साल पूरे होने बाद इनकैश किया जाता है, बशर्ते कि लाभार्थी लड़की अविवाहित होनी चाहिए।
- यूं कर सकते हैं आवेदन
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को सरल पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के लिए परिवार के वर्ग अनुसार लड़की के जन्म प्रमाण पत्र की सत्यापित प्रति, परिवार पहचान पत्र संख्या, राशन कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, बीपीएल कार्ड व वैध बीपीएल संख्या आदि दस्तावेज की आवश्यकता होती है।
- एक साल का समय बीतने पर नहीं कर सकते आवेदन
गीता सहारण ने बताया कि बेटी का जन्म होने के बाद एक साल तक इस स्कीम के लिए आवेदन किया जा सकता है। उसके बाद आवेदन नहीं कर सकते। इसलिए पात्र परिवार आपकी बेटी हमारी बेटी योजना का लाभ निश्चित समयावधि में ही लें ले तो बेटियों का भविष्य सुरक्षित होगा।
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वर्जन::
बेटियों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए यह योजना चलाई गई है। जिले में योजना के प्रति माता-पिता दिलचस्पी दिखा रहे हैं और अब तक करीब 9000 बेटियां इस योजना से जुड़ चुकी हैं। हम इसके लिए निरंतर जागरूकता अभियान भी चला रहे हैं। हाल ही में लिंगानुपात सुधार में चरखी दादरी ने प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है।
गीता सहारण, सीडीपीओ, चरखी दादरी
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दरअसल, बेटियों को सशक्त बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने यह योजना शुरू की थी। महिला एवं बाल विकास विभाग की योजना के तहत पहली बेटी के जन्म पर सरकार 21 हजार का निवेश करती है। सीडीपीओ गीता सहारण ने बताया कि बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सरकार ने आपकी बेटी-हमारी बेटी योजना शुरू की थी, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। योजना का उद्देश्य राज्य में बालिकाओं के जन्म के प्रति सामाजिक दृष्टिकोण में परिवर्तन लाना और कन्या भ्रूण हत्या को रोकना है। इसके साथ लिंगानुपात में सुधार लाना और बालिकाओं को शिक्षा के उचित अवसर प्रदान करने के लिए भी यह योजना चलाई जा रही है।
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उन्होंने बताया कि इस योजना असर यह हुआ है कि दादरी जिला में लिंगानुपात बेहतर हो रहा है। बेटियों के प्रति समाज की सोच में सकारात्मक बदलाव आया है और बेटियों को आगे बढ़ने के समान अवसर भी मिल रहे हैं। गीता सहारण ने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से चलाई जा रही इस योजना के तहत ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में जन्मी अनुसूचित जाति और बीपीएल परिवारों की पहली बेटी के जन्म पर 21 हजार रुपये का निवेश किया जाता है। इसके अलावा दूसरे सभी वर्गों की दूसरी व तीसरी बेटी के जन्म पर 21 हजार रुपये की राशि जीवन बीमा निगम में निवेश की जाती है।
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- 18 साल बाद मिलती है कैश राशि
सीडीपीओ गीता सहारण ने बताया कि एलआईसी की ओर से लाभार्थी के नाम से एक मेंबरशिप सर्टिफिकेट जारी किया जाता है। इस मेंबरशिप सर्टिफिकेट को बच्ची के 18 साल पूरे होने बाद इनकैश किया जाता है, बशर्ते कि लाभार्थी लड़की अविवाहित होनी चाहिए।
- यूं कर सकते हैं आवेदन
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को सरल पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के लिए परिवार के वर्ग अनुसार लड़की के जन्म प्रमाण पत्र की सत्यापित प्रति, परिवार पहचान पत्र संख्या, राशन कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, बीपीएल कार्ड व वैध बीपीएल संख्या आदि दस्तावेज की आवश्यकता होती है।
- एक साल का समय बीतने पर नहीं कर सकते आवेदन
गीता सहारण ने बताया कि बेटी का जन्म होने के बाद एक साल तक इस स्कीम के लिए आवेदन किया जा सकता है। उसके बाद आवेदन नहीं कर सकते। इसलिए पात्र परिवार आपकी बेटी हमारी बेटी योजना का लाभ निश्चित समयावधि में ही लें ले तो बेटियों का भविष्य सुरक्षित होगा।
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वर्जन::
बेटियों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए यह योजना चलाई गई है। जिले में योजना के प्रति माता-पिता दिलचस्पी दिखा रहे हैं और अब तक करीब 9000 बेटियां इस योजना से जुड़ चुकी हैं। हम इसके लिए निरंतर जागरूकता अभियान भी चला रहे हैं। हाल ही में लिंगानुपात सुधार में चरखी दादरी ने प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है।
गीता सहारण, सीडीपीओ, चरखी दादरी
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