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31 दिन में 175 टीमें घर घर जाकर 26272 पात्रों के बनवाएंगी आयुष्मान कार्ड
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प्रेसवार्ता में जानकारी देते डिप्टी सीएमओ डॉ. नरेश।
- फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। प्रधानमंत्री की जन कल्याणकारी आयुष्मान योजना शुरू होने के तीन साल बाद भी 26772 पात्र इससे वंचित हैं। इस पात्रों को इस योजना का लाभ देने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने आयुष्मान अभियान 2.0 शुरू किया है। यह अभियान 15 अक्तूबर तक चलेगा। इन 31 दिनों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर घर जाकर लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनवाएंगी। इसके लिए टीम लाभार्थी को निकटवर्ती कॉमन सर्विस सेंटर पर ले जाया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने शहरी क्षेत्र के लिए पांच और ग्रामीण क्षेत्र के लिए 170 टीमें बनाई हैं।
केंद्र सरकार ने 2018 में आयुष्मान योजना की शुरुआत की थी। इसके तहत निजी अस्पतालों को पैनल में शामिल किया गया था। इन अस्पतालों में जाकर लाभार्थी अपना पांच लाख रुपये तक का निशुल्क उपचार करवा सकते हैं। योजना की शुरुआत होने पर सरकार की तरफ से जिले के पात्र लाभार्थियों की सूची जिला स्वास्थ्य विभाग के पास भेजी गई थी। इसके बाद ही आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई थी। जिले में 78151 लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाने हैं। स्वास्थ्य विभाग ने अब तक 51879 पात्रों के कार्ड बनाए हैं, जबकि 26272 लाभार्थी अभी भी योजना का लाभ उठाने से वंचित हैं। इन पात्रों को योजना का लाभ देने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को आयुष्मान अभियान 2.0 शुरू किया है। इसके तहत लाभार्थियों को अब स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर कवर करेंगी। शहरी क्षेत्र के लिए पांच और ग्रामीण क्षेत्र के लिए 170 टीमें बनाई गई हैं। इन टीमों में आशा वर्कर्स के अलावा एएनएल और एचआई भी शामिल हैं।
ये दस्तावेज दिखाकर पात्र बनवा सकते हैं आयुष्मान कार्ड
जिन लोगों का नाम योजना के लाभार्थियों की सूची में शामिल है और उन्होंने अब तक आयुष्मान कार्ड नहीं बनवाया है। वे टीम को प्रधानमंत्री द्वारा भेजा गया पत्र दिखाकर कार्ड बनवा सकते हैं। अगर किसी लाभार्थी के पास यह पत्र नहीं है तो वह राशन कार्ड या परिवार पहचान पत्र दिखाकर यह कार्ड बनवा सकता है। इसके अलावा आधार कार्ड दिखाना भी जरूरी है।
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अब तक दो हजार से अधिक लाभार्थी करवा चुके 1.78 करोड़ का उपचार
जिले में अब तक 51879 लोगों ने आयुष्मान कार्ड बनवाया है। पिछले तीन सालों में दो हजार से अधिक लोग पैनल में शामिल निजी अस्पतालों में जाकर उपचार करवा चुके हैं। इनके उपचार की एक करोड़ 78 लाख रुपये की राशि सरकार की ओर से वहन की गई है। निजी अस्पताल में पांच लाख रुपये तक का निशुल्क उपचार योजना के तहत करवाया जा सकता है।
पैनल में छह अस्पताल शामिल, तीन और बढ़ाने की तैयारी
आयुष्मान योजना के तहत शहर के छह निजी अस्पतालों को पैनल में शामिल किया गया है जिनमें दो आंखों के अस्पताल भी हैं। इस समय स्वास्थ्य विभाग का योजना के तहत स्वास्तिक पॉयजन केयर, कृष्णा आई हॉस्पिटल, जयहिंद अस्पताल, प्रधान अस्पताल, लाइफ केयर अस्पताल, गीतांजलि आई हॉस्पिटल से टाइअप है। विभागीय सूत्रों के अनुसार तीन और निजी अस्पतालों को पैनल में शामिल करने की प्रक्रिया अभी चल रही है।
यह सरकार की एक महत्वकांक्षी योजना है। आयुष्मान पखवाड़ा दो के तहत हम बचे हुए सभी लाभार्थियों को कवर कर आयुष्मान कार्ड बनवा देंगे। इसके लिए टीमें गठित कर दी गई हैं। आशा वर्कर और एएनएम की टीम घर-घर जाकर पात्रों की कार्ड बनवाने की औपचारिकताएं पूरी करवाएंगी। जल्द से जल्द वंचित लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाकर 100 फीसदी लक्ष्य हासिल किया जाए।
डॉ. नरेश, डिप्टी सिविल सर्जन
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केंद्र सरकार ने 2018 में आयुष्मान योजना की शुरुआत की थी। इसके तहत निजी अस्पतालों को पैनल में शामिल किया गया था। इन अस्पतालों में जाकर लाभार्थी अपना पांच लाख रुपये तक का निशुल्क उपचार करवा सकते हैं। योजना की शुरुआत होने पर सरकार की तरफ से जिले के पात्र लाभार्थियों की सूची जिला स्वास्थ्य विभाग के पास भेजी गई थी। इसके बाद ही आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई थी। जिले में 78151 लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाने हैं। स्वास्थ्य विभाग ने अब तक 51879 पात्रों के कार्ड बनाए हैं, जबकि 26272 लाभार्थी अभी भी योजना का लाभ उठाने से वंचित हैं। इन पात्रों को योजना का लाभ देने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को आयुष्मान अभियान 2.0 शुरू किया है। इसके तहत लाभार्थियों को अब स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर कवर करेंगी। शहरी क्षेत्र के लिए पांच और ग्रामीण क्षेत्र के लिए 170 टीमें बनाई गई हैं। इन टीमों में आशा वर्कर्स के अलावा एएनएल और एचआई भी शामिल हैं।
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ये दस्तावेज दिखाकर पात्र बनवा सकते हैं आयुष्मान कार्ड
जिन लोगों का नाम योजना के लाभार्थियों की सूची में शामिल है और उन्होंने अब तक आयुष्मान कार्ड नहीं बनवाया है। वे टीम को प्रधानमंत्री द्वारा भेजा गया पत्र दिखाकर कार्ड बनवा सकते हैं। अगर किसी लाभार्थी के पास यह पत्र नहीं है तो वह राशन कार्ड या परिवार पहचान पत्र दिखाकर यह कार्ड बनवा सकता है। इसके अलावा आधार कार्ड दिखाना भी जरूरी है।
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अब तक दो हजार से अधिक लाभार्थी करवा चुके 1.78 करोड़ का उपचार
जिले में अब तक 51879 लोगों ने आयुष्मान कार्ड बनवाया है। पिछले तीन सालों में दो हजार से अधिक लोग पैनल में शामिल निजी अस्पतालों में जाकर उपचार करवा चुके हैं। इनके उपचार की एक करोड़ 78 लाख रुपये की राशि सरकार की ओर से वहन की गई है। निजी अस्पताल में पांच लाख रुपये तक का निशुल्क उपचार योजना के तहत करवाया जा सकता है।
पैनल में छह अस्पताल शामिल, तीन और बढ़ाने की तैयारी
आयुष्मान योजना के तहत शहर के छह निजी अस्पतालों को पैनल में शामिल किया गया है जिनमें दो आंखों के अस्पताल भी हैं। इस समय स्वास्थ्य विभाग का योजना के तहत स्वास्तिक पॉयजन केयर, कृष्णा आई हॉस्पिटल, जयहिंद अस्पताल, प्रधान अस्पताल, लाइफ केयर अस्पताल, गीतांजलि आई हॉस्पिटल से टाइअप है। विभागीय सूत्रों के अनुसार तीन और निजी अस्पतालों को पैनल में शामिल करने की प्रक्रिया अभी चल रही है।
यह सरकार की एक महत्वकांक्षी योजना है। आयुष्मान पखवाड़ा दो के तहत हम बचे हुए सभी लाभार्थियों को कवर कर आयुष्मान कार्ड बनवा देंगे। इसके लिए टीमें गठित कर दी गई हैं। आशा वर्कर और एएनएम की टीम घर-घर जाकर पात्रों की कार्ड बनवाने की औपचारिकताएं पूरी करवाएंगी। जल्द से जल्द वंचित लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाकर 100 फीसदी लक्ष्य हासिल किया जाए।
डॉ. नरेश, डिप्टी सिविल सर्जन