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Charkhi Dadri News: 19 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली गर्म हवाएं, आज से 2 जून तक जारी रहेगा नौतपा
Mon, 25 May 2026 01:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 25 May 2026 01:24 AM IST
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रविवार को आसमान में छाए बादल।
चरखी दादरी। जिले में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। रविवार को दिन का तापमान तीन डिग्री बढ़कर 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि रात का तापमान भी बढ़कर 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों को दिनभर परेशानी का सामना करना पड़ा। रविवार को करीब 19 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से लू चलने से हालात और अधिक कठिन हो गए। सुबह के समय हल्की बादलवाही देखने को मिली लेकिन कुछ समय बाद मौसम साफ हो गया और धूप तेज होने लगी।
सोमवार से नौतपा की शुरुआत हो गई है जो 2 जून तक चलेगा। नौतपा के दौरान सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करने के कारण गर्मी अपने चरम पर पहुंचती है और भीषण लू चलने की संभावना बनी रहती है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इन दिनों में तापमान में और वृद्धि हो सकती है तथा लोगों को दोपहर के समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नौतपा के दौरान जल, सत्तू, छाछ, आम, तरबूज तथा गेहूं-चावल जैसे खाद्य पदार्थों का दान शुभ माना जाता है। वहीं कई जगहों पर इन दिनों विवाह, गृह प्रवेश और सगाई जैसे मांगलिक कार्यों से भी परहेज किया जाता है।
जितनी गर्मी पड़ेगी, उतनी होगी बारिश
हिंदू ज्योतिष और पौराणिक मान्यताओं के अनुसार नौतपा का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि इन नौ दिनों में सूर्य की किरणें सीधे पृथ्वी पर प्रभाव डालती हैं, जिससे धरती अधिक तपती है। यह भी माना जाता है कि नौतपा के दौरान जितनी अधिक गर्मी पड़ती है, मानसून के समय उतनी बेहतर बारिश होने की संभावना रहती है। इसी कारण ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोग नौतपा को विशेष महत्व देते हैं और मौसम पर नजर बनाए रखते हैं।
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दोपहर के समय आवाजाही कम दिखाई दी
तेज गर्मी के चलते बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर दोपहर के समय लोगों की आवाजाही कम दिखाई दी। सुबह से ही गर्म हवाओं का असर महसूस होने लगा था। लोग धूप से बचने के लिए छाते, गमछे और सिर ढककर बाहर निकलते दिखाई दिए। वहीं ठंडे पेय पदार्थों, छाछ, शिकंजी, तरबूज और अन्य मौसमी फलों की मांग भी बढ़ गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि नौतपा के दौरान लू से बचाव बेहद जरूरी है। दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए। हल्के और सूती कपड़े पहनने चाहिए तथा शरीर में पानी की कमी न हो इसके लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
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सोमवार से नौतपा की शुरुआत हो गई है जो 2 जून तक चलेगा। नौतपा के दौरान सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करने के कारण गर्मी अपने चरम पर पहुंचती है और भीषण लू चलने की संभावना बनी रहती है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इन दिनों में तापमान में और वृद्धि हो सकती है तथा लोगों को दोपहर के समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नौतपा के दौरान जल, सत्तू, छाछ, आम, तरबूज तथा गेहूं-चावल जैसे खाद्य पदार्थों का दान शुभ माना जाता है। वहीं कई जगहों पर इन दिनों विवाह, गृह प्रवेश और सगाई जैसे मांगलिक कार्यों से भी परहेज किया जाता है।
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जितनी गर्मी पड़ेगी, उतनी होगी बारिश
हिंदू ज्योतिष और पौराणिक मान्यताओं के अनुसार नौतपा का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि इन नौ दिनों में सूर्य की किरणें सीधे पृथ्वी पर प्रभाव डालती हैं, जिससे धरती अधिक तपती है। यह भी माना जाता है कि नौतपा के दौरान जितनी अधिक गर्मी पड़ती है, मानसून के समय उतनी बेहतर बारिश होने की संभावना रहती है। इसी कारण ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोग नौतपा को विशेष महत्व देते हैं और मौसम पर नजर बनाए रखते हैं।
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दोपहर के समय आवाजाही कम दिखाई दी
तेज गर्मी के चलते बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर दोपहर के समय लोगों की आवाजाही कम दिखाई दी। सुबह से ही गर्म हवाओं का असर महसूस होने लगा था। लोग धूप से बचने के लिए छाते, गमछे और सिर ढककर बाहर निकलते दिखाई दिए। वहीं ठंडे पेय पदार्थों, छाछ, शिकंजी, तरबूज और अन्य मौसमी फलों की मांग भी बढ़ गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि नौतपा के दौरान लू से बचाव बेहद जरूरी है। दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए। हल्के और सूती कपड़े पहनने चाहिए तथा शरीर में पानी की कमी न हो इसके लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।