{"_id":"67d1c2fb8b3c4fc4690d58cd","slug":"holi-poojan-on-300-places-charkhi-dadri-news-c-126-1-cdr1003-133282-2025-03-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Charkhi Dadri News: जिले में 300 स्थानों पर होली पूजन आज, रात साढ़े 11 बजे रहेगा मुहूर्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Charkhi Dadri News: जिले में 300 स्थानों पर होली पूजन आज, रात साढ़े 11 बजे रहेगा मुहूर्त
Wed, 12 Mar 2025 10:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Wed, 12 Mar 2025 10:53 PM IST
विज्ञापन
शहर के एमसी कॉलोनी में लगाया गया होली का डांडा। संवाद
फोटो-37
शहर की एमसी कॉलोनी में लगाया गया होली का डांडा। संवाद
फोटो-38
आचार्य गौरव दीक्षित। संवाद
- बच्चों और महिलाओं में होलिका पूजन को लेकर बना उत्साह, चॉकलेट, टॉफियां और ड्राई फ्रूट की मांग बढ़ी
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। होली की पूर्व संध्या पर जिले के सभी स्थानों पर होली की सजावट का कार्य शुरू हो गया। आज जिले के करीब 300 स्थानों पर होली पूजन किया जाएगा। होलिका दहन की जगह भी आयोजक समितियों की ओर से तय की जा चुकी है। वहीं, पर्व के मद्देनजर बुधवार को बाजार में टॉफियों, चॉकलेट और ड्राई फ्रूट की मांग दिनभर बनी रही। महिलाओं व बच्चों में होली पूजन को लेकर काफी उत्साह बना हुआ है।
शहर के हर वार्ड में 3 से चार जगहों पर होली मनाई जा रही है। वहीं, गांवों में भी इसी तरह होलिका दहन किया जाएगा। वहीं, बाजार की स्थिति देखें तो खरीदारी ठीकठाक रही। गुलाल-पिचकारी की दुकानों पर लोगों ने सुबह से शाम तक खरीदारी की। होली के दिन पूरी तरह से होलिका का शृंगार किया जाएगा। इसको ढाल व बड़कूले, कलावा आदि से सजाकर होलिका दहन किया जाएगा।
आचार्य गौरव दीक्षित महाराज ने बताया कि शास्त्रों व परंपरा के अनुसार होलिका दहन भद्रा में निषेध माना गया है। इसमें होलिका दहन करने से लाभ नहीं मिल पाता है। इसलिए 13 मार्च को रात साढ़े 11 बजे तक भद्रा चलेगी। इसके बाद होलिका दहन का शुभ मुहूर्त है। होली के दूसरे दिन शूद्र वर्ण को दान करने से साधक को जीवन में सभी प्रकार के सुख प्राप्त होते हैं। बताया कि होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। हिरण्यकश्यप की बहन होलिका को अग्नि में न जलने का वरदान था, लेकिन, उसने भक्त प्रह्लाद को गोद में लेकर अग्नि में बैठने का प्रयास किया और भगवान विष्णु की कृपा से प्रह्लाद सुरक्षित रहे जबकि होलिका जल गई। सच्चाई की बुराई पर जीत होने के कारण होली मनाई जाती है।
विज्ञापन
- ये रहेगी होलिका दहन की तिथि और शुभ मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि 13 मार्च 2025 को सुबह 10:35 बजे से आरंभ होकर 14 मार्च 2025 को दोपहर 12:23 बजे समाप्त होगी। इस अवधि में होलिका दहन का शुभ मुहूर्त 13 मार्च की रात्रि 11:26 बजे से 12:30 बजे तक रहेगा, जो कुल 1 घंटा 4 मिनट का समय है।
होलिका दहन की पूजा सामग्री
कच्चा सूत, अक्षत (चावल), गुड़, फूल, माला, रोली, गुलाल, हल्दी, जल से भरा लोटा, नारियल, बताशा, गेहूं की बालियां, गन्ना आदि सामग्री से पूजा करें।
विज्ञापन
शहर की एमसी कॉलोनी में लगाया गया होली का डांडा। संवाद
फोटो-38
आचार्य गौरव दीक्षित। संवाद
- बच्चों और महिलाओं में होलिका पूजन को लेकर बना उत्साह, चॉकलेट, टॉफियां और ड्राई फ्रूट की मांग बढ़ी
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। होली की पूर्व संध्या पर जिले के सभी स्थानों पर होली की सजावट का कार्य शुरू हो गया। आज जिले के करीब 300 स्थानों पर होली पूजन किया जाएगा। होलिका दहन की जगह भी आयोजक समितियों की ओर से तय की जा चुकी है। वहीं, पर्व के मद्देनजर बुधवार को बाजार में टॉफियों, चॉकलेट और ड्राई फ्रूट की मांग दिनभर बनी रही। महिलाओं व बच्चों में होली पूजन को लेकर काफी उत्साह बना हुआ है।
शहर के हर वार्ड में 3 से चार जगहों पर होली मनाई जा रही है। वहीं, गांवों में भी इसी तरह होलिका दहन किया जाएगा। वहीं, बाजार की स्थिति देखें तो खरीदारी ठीकठाक रही। गुलाल-पिचकारी की दुकानों पर लोगों ने सुबह से शाम तक खरीदारी की। होली के दिन पूरी तरह से होलिका का शृंगार किया जाएगा। इसको ढाल व बड़कूले, कलावा आदि से सजाकर होलिका दहन किया जाएगा।
विज्ञापन
आचार्य गौरव दीक्षित महाराज ने बताया कि शास्त्रों व परंपरा के अनुसार होलिका दहन भद्रा में निषेध माना गया है। इसमें होलिका दहन करने से लाभ नहीं मिल पाता है। इसलिए 13 मार्च को रात साढ़े 11 बजे तक भद्रा चलेगी। इसके बाद होलिका दहन का शुभ मुहूर्त है। होली के दूसरे दिन शूद्र वर्ण को दान करने से साधक को जीवन में सभी प्रकार के सुख प्राप्त होते हैं। बताया कि होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। हिरण्यकश्यप की बहन होलिका को अग्नि में न जलने का वरदान था, लेकिन, उसने भक्त प्रह्लाद को गोद में लेकर अग्नि में बैठने का प्रयास किया और भगवान विष्णु की कृपा से प्रह्लाद सुरक्षित रहे जबकि होलिका जल गई। सच्चाई की बुराई पर जीत होने के कारण होली मनाई जाती है।
विज्ञापन
- ये रहेगी होलिका दहन की तिथि और शुभ मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि 13 मार्च 2025 को सुबह 10:35 बजे से आरंभ होकर 14 मार्च 2025 को दोपहर 12:23 बजे समाप्त होगी। इस अवधि में होलिका दहन का शुभ मुहूर्त 13 मार्च की रात्रि 11:26 बजे से 12:30 बजे तक रहेगा, जो कुल 1 घंटा 4 मिनट का समय है।
होलिका दहन की पूजा सामग्री
कच्चा सूत, अक्षत (चावल), गुड़, फूल, माला, रोली, गुलाल, हल्दी, जल से भरा लोटा, नारियल, बताशा, गेहूं की बालियां, गन्ना आदि सामग्री से पूजा करें।