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Charkhi Dadri News: छह महीने से अंधेरे में एनएच-148बी, 57 स्ट्रीट लाइटें बंद<bha>;</bha> 22 जगह पोल गायब

Tue, 27 Oct 2026 01:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Tue, 27 Oct 2026 01:56 AM IST
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Highway in darkness for six months
शहर के एनएच 148 बी स्थित डिवाइडर के बीच बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटें
...लोहारू चौक ओवरब्रिज से महेंद्रगढ़ चौक और ऑटो मार्केट तक सड़क पर पसरा अंधेरा डिवाइडर से ग्रिल भी नदारद; शिकायतों के बावजूद नहीं हुआ समाधान, हादसों का खतरा बढ़ा
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संवाद न्यूज एजेंसी

चरखी दादरी।
शहर के भिवानी-नारनौल राष्ट्रीय राजमार्ग-148बी पर लोहारू चौक ओवरब्रिज से महेंद्रगढ़ चौक और ऑटो मार्केट के सामने तक सड़क सुरक्षा व्यवस्था बदहाल है। इस मुख्य मार्ग पर करीब डेढ़ किलोमीटर हिस्से में पिछले छह महीने से 57 स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं। वहीं, 22 स्थानों पर बिजली के खंभे या तो गिरे हुए हैं या उनके बेस पर केवल बिजली की केबल दिखाई दे रही है। सड़क के बीच बने डिवाइडर से लोहे की ग्रिल भी गायब हैं। ऐसे में रात के समय वाहन चालकों को अंधेरे और खुले डिवाइडर के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लंबे समय से बनी इस स्थिति ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की कार्यशैली और सड़क सुरक्षा के इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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राष्ट्रीय राजमार्ग पर रात के समय पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था वाहन चालकों की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है, लेकिन इस मार्ग पर बड़ी संख्या में स्ट्रीट लाइटें बंद होने से सड़क के कई हिस्सों में अंधेरा छाया रहता है। लोहारू चौक ओवरब्रिज से महेंद्रगढ़ चौक और ऑटो मार्केट के सामने तक 57 लाइटें लंबे समय से बंद हैं। छह महीने बीतने के बाद भी इन्हें ठीक नहीं किया गया। व्यस्त मार्ग होने के कारण यहां शाम के समय भी छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही रहती है। रात के समय रोशनी की कमी से सड़क किनारे खड़े वाहनों, डिवाइडर और सड़क पर घूम रहे बेसहारा पशुओं को देख पाना मुश्किल हो जाता है।
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22 स्थानों पर पोल क्षतिग्रस्त, कहीं केबल ही सहारा
मार्ग पर केवल लाइटें बंद होने की समस्या नहीं है, बल्कि बिजली के खंभों की स्थिति भी चिंताजनक है। करीब डेढ़ किलोमीटर के हिस्से में 22 स्थानों पर पोल गिरे हुए हैं या उनके स्थान पर केवल बेस और बिजली की केबल नजर आती है। खंभों की मरम्मत और लाइटों को चालू करने की दिशा में कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी है। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि इस तरह की खामियों को लंबे समय तक नजरअंदाज करना किसी बड़े हादसे को न्योता देने जैसा है।

डिवाइडर से ग्रिल गायब, बेसहारा पशुओं पर भी खतरा
मुख्य मार्ग के बीच बने डिवाइडर से लोहे की ग्रिल गायब होने के कारण सड़क की सुरक्षा व्यवस्था अधूरी नजर आती है। स्थानीय दुकानदारों के अनुसार, मार्ग पर बेसहारा पशु अक्सर वाहनों की चपेट में आकर घायल हो जाते हैं। रात में अंधेरा होने के कारण वाहन चालकों को सड़क पर बैठे या अचानक सामने आ जाने वाले पशुओं का समय रहते पता नहीं चल पाता। ऐसे में वाहन अनियंत्रित होने और दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है। डिवाइडर की ग्रिल और स्ट्रीट लाइटों की कमी इस खतरे को और बढ़ा सकती है।
कोट

मार्ग की बदहाल स्थिति को लेकर कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। प्रशासन को चाहिए कि वो बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को चालू करने, क्षतिग्रस्त या गायब खंभों की मरम्मत कराने और डिवाइडर पर ग्रिल लगवाने का काम करवाए।

अशोक कुमार, स्थानीय दुकानदार
कोट
राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुविधाओं के नाम पर अंधेरा छाया रहता है। जिसके कारण मार्केट में चोरी की घटनाएं होने की आशंका बनी रहती है। डिवाइडर के बीच से टूटे पड़े पोल विभाग की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगा रहे हैं।
सुरेंद्रसिंह, स्थानीय दुकानदार
वर्सन: वैसे तो अधिकतर लाइटें चालू हालात में है। अगर कोई एकाध लाइट बंद है, तो कर्मचारी भेज कर जल्दी ही ठीक करवा दी जाएंगी।
अंकित कुमार, कनिष्ठ अभियंता एनएचएआई
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