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Charkhi Dadri News: माता-पिता की डगर पर हेमंत, रिंग में प्रतिद्वंद्वी पर भारी पड़ रहे पंच

Wed, 20 Mar 2024 12:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Wed, 20 Mar 2024 12:21 AM IST
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Hemant follows the path of his parents
प्रतियोगिता में दादरी के मुक्केबाज हेमंत का हाथ उठाकर विजेता घोषित करते रेफरी। 
चरखी दादरी। खेड़ी बूरा निवासी युवा मुक्केबाज हेमंत सांगवान अपने माता-पिता की डगर पर हैं। उसके पंच रिंग में प्रतिद्वंद्वी मुक्केबाजों पर भारी पड़ रहे हैं। हेमंत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीन और राष्ट्रीय-राज्यस्तरीय दो-दो पदक जीत चुके हैं।
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हेमंत की मां सुनीता पूर्व अंतरराष्ट्रीय एथलीट हैं, जबकि पिता विनोद सांगवान वॉलीबाल के राष्ट्रीय खिलाड़ी रह चुके हैं। खेल मैदान से जुड़ने की प्रेरणा हेमंत को अपने माता-पिता से ही मिली। हेमंत के पिता विनोद साल 2001 में पुलिस में भर्ती हुए थे और अब दिल्ली में एएसआई के पद पर कार्यरत हैं। नौकरी लगने पर उन्होंने खेल छोड़ दिया। करीब पांच साल पहले वे झज्जर में ड्यूटी करते थे। उसी दौरान दोस्त और बॉक्सिंग कोच हितेश देशवाल के कहने पर उन्होंने बेटे हेमंत को मुक्केबाजी का प्रशिक्षण दिलाया।
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हेमंत ने चार साल तक झज्जर में बॉक्सिंग का प्रशिक्षण लिया। इस अवधि में हेमंत ने राज्य और राष्ट्रस्तर पर चार पदक प्राप्त किए। पिछले वर्ष जुलाई से वह पुणे में कोच विजय शर्मा के पास अभ्यास कर रहे हैं। उन्होंने मुक्केबाजी की तीन अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में पदक जीते हैं।
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- इस साल दी है 12वीं की परीक्षा

विनोद कुमार ने बताया कि हेमंत ने इस साल 12वीं कक्षा की परीक्षा दी है। महज 18 वर्ष की आयु में ही विनोद ने सात पदक जीतकर गांव और जिले का नाम रोशन किया है। अब हेमंत अक्तूबर में प्रस्तावित विश्व यूथ चैंपियनशिप में अपना दम दिखाएंगे और इसमें पदक पाने के लिए वह कोच विजय शर्मा के पास अभ्यास कर रहे हैं।




- मां ने भी जीते हैं दस पदक

विनोद ने बताया कि हेमंत की मां सुनीता सांगवान भी एथलीट रह चुकी हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर की दौड़ स्पर्धाओं में 10 पदक जीते हैं। शादी के बाद भी उन्होंने कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर पदक जीते। साल 2003 में नौकरी लगने और घर की जिम्मेदारियों के कारण उन्होंने खेलना छोड़ दिया। फिलहाल वे झज्जर महिला पुलिस थाने में एएसआई के पद पर कार्यरत हैं।

ये हैं हेमंत की उपलब्धियां

- 2022 में प्रांतीय स्कूली खेलकूद में स्वर्ण पदक।

- 2022 में राष्ट्रीय मुक्केबाजी में स्वर्ण पदक।

- 2023 में प्रांतीय और राष्ट्रीय मुक्केबाजी में स्वर्ण पदक।

- सितंबर 2023 में एशियन चैंपियनशिप में रजत पदक।



- अक्टूबर 2023 में विश्व चैंपियनशिप में रजत पदक।



- मार्च 2024 में आयोजित विश्वकप में रजत पदक।
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