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पांच डॉक्टरों ने ज्वाइन किया तो पांच ने किया इनकार

Thu, 02 Apr 2020 10:18 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 02 Apr 2020 10:18 PM IST
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सिविल अस्पताल। - फोटो : CharkhiDadri
प्रदेश सरकार द्वारा चरखी दादरी जिले में नियुक्त किए गए 20 नए चिकित्सकों में से पांच ने ही अब तक ज्वाइन किया है। पांच चिकित्सक ज्वाइन करने से मना कर चुके हैं जबकि दस की ज्वाइनिंग का इंतजार लंबा ही खींचता चला जा रहा है। पांच चिकित्सकों के ज्वाइनिंग से किनारा करने और दस के अब तक ज्वाइन न करने से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की उम्मीद को झटका लगा है। चरखी दादरी में अब सरकारी चिकित्सकों की संख्या 44 हो गई है और इसमें सीएमओ और एसएमओ सहित एमओ शामिल हैं।
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चरखी दादरी जिले में लंबे समय से स्वास्थ्य सेवाएं बेपटरी हैं। जिले में सरकारी चिकित्सकों की कमी लंबे समय से बनी हुई है। जिला मुख्यालय पर बने 100 बेड के अस्पताल में स्वीकृत पदों में से 70 फीसदी खाली हैं। जिले में चिकित्सकों के 98 पद स्वीकृत्त हैं और इनमें से पांच नए चिकित्सकों के आने के बाद भी 44 ही पद अभी भरे हैं। चिकित्सकों के 54 पद जिले में अभी रिक्त हैं।
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करीब एक सप्ताह पहले ही प्रदेश सरकार ने भर्ती किए गए नए चिकित्सकों में से 20 की तैनाती चरखी दादरी जिले में की थी। इनमें से अब तक पांच ने ही ज्वाइन किया है। सीएमओ प्रदीप शर्मा ने बताया कि पांच चिकित्सकों ने ज्वाइन करने से इंकार कर दिया है। वहीं, बाकी दस चिकित्सकों ने अब तक ज्वाइनिंग नहीं की है। नए पांच चिकित्सकों के ज्वाइन करने से पहले चरखी दादरी जिले में 39 चिकित्सक थे।
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सीएमओ प्रदीप शर्मा ने बताया कि जिन चिकित्सकों ने ज्वानिंग से इंकार किया है उनकी रिपोर्ट निदेशालय को भेज दी है। चिकित्सकों ने ज्वाइन न करने का कारण पीजी में दाखिला होना बताया है। सीएमओ ने बताया कि नए पांच चिकित्सकों ने ज्वाइन करने के बाद अपनी सेवाएं शुरू कर दी हैं। इस समय 44 चिकित्सकों के भरोसे सिविल अस्पताल के अलावा मातृ-शिशु अस्पताल सहित तीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों सहित 14 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की जिम्मेदारी है।
जिले में नहीं एक भी स्पेशलिस्ट, तैनाती का इंतजार हुआ लंबा
चरखी दादरी जिले में पिछले करीब डेढ़ साल से एक भी स्पेशलिस्ट नहीं है। सर्जन की कमी इस समय बेहद खल रही है। सिविल अस्पताल में बनाए गए ऑपरेशन थिएटर में सर्जन नहीं होने से बड़े ऑपरेशन नहीं हो पा रहे। इसके अलावा जिले में एक भी बाल रोग विशेषज्ञ नहीं है। सरकार लंबा समय गुजर जाने के बाद भी जिले में किसी स्पेशलिस्ट की तैनाती नहीं कर पाई है और इसके चलते जिलावासियों को समीपवर्ती जिलों के अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
हेल्थ वेलनेस सेंटर में अपग्रेड होंगी पीएचसी, पर्याप्त नहीं अभी भी चिकित्सक
स्वास्थ्य विभाग ने 14 पीएचसी केंद्रों को हेल्थ वेलनेस सेंटर में अपग्रेड करने की योजना तैयार की है। विभाग की प्लानिंग मुताबिक 31 मार्च तक सभी पीएचसी अपग्रेड होनी थी लेकिन कोरोना वायरस के चलते यह प्रोजेक्ट भी अधर में लटक गया। सरकार ने इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को करीब एक करोड़ की राशि दी थी और इसके तहत पीएचसी पर ही सभी प्रकार के टेस्ट के प्रावधान के साथ मरीज को दाखिल करने की व्यवस्था भी की जानी है।

20 में से पांच चिकित्सकों ने ज्वाइन करने मना कर दिया है। उनका सलेक्शन पीजी में हो गया है। इसकी रिपोर्ट में हमने निदेशालय भेज दी है। बाकी पंद्रह चिकित्सकों में से अभी पांच ने ही ज्वाइन किया है। स्पेशलिस्ट तैनाती की डिमांड हम उच्चाधिकारियों के पास भेज चुके हैं।
-डॉ. प्रदीप शर्मा, सीएमओ, चरखी दादरी
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