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Charkhi Dadri News: बाढड़ा मंडी में बाजरे की आवक तेज, खरीद शुरू न होने से किसान परेशान
Mon, 05 Oct 2026 01:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 05 Oct 2026 01:36 AM IST
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अनाज मंडी के सामने लगी ट्रैक्टरों की लाइन।
बाढड़ा। कस्बे की जुई रोड स्थित अनाज मंडी में बाजरे की आवक बढ़ गई है। सरकारी खरीद शुरू नहीं होने से किसानों की परेशानी काफी बढ़ गई है। मंडी में ट्रैक्टरों की लंबी कतारें लगी हुई हैं जिससे किसानों और आढ़तियों में रोष है। खरीद एजेंसियों की ओर से स्थिति स्पष्ट नहीं की जा रही है।
किसानों का कहना है कि फसल मंडी में पहुंच चुकी है लेकिन सरकारी खरीद कब शुरू होगी, इसकी कोई जानकारी नहीं है। खरीद शुरू न होने के कारण कई किसान छोटे व्यापारियों को बाजरा बेचने को मजबूर हैं। उन्हें निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से काफी कम दाम मिल रहा है। बाजरे का एमएसपी 2900 रुपये प्रति क्विंटल है, जबकि किसानों को 500 से 600 रुपये प्रति क्विंटल तक कम भाव मिल रहा है।
बाजरे की आवक और सरकार के दावे
मंडी में तीन दिन के दौरान करीब 419 गेट पास काटे गए हैं। इससे लगभग नौ हजार क्विंटल बाजरे की आवक हुई है। शनिवार को करीब 198 किसानों की लगभग चार हजार क्विंटल बाजरे की फसल मंडी पहुंची थी। रविवार को बाजरे के गेट पास नहीं काटे गए। किसानों का कहना है कि सरकार ने मंडियों में खरीद की तैयारियां पूरी होने का दावा किया था। हालांकि, फसल मंडी में पहुंचने के बावजूद खरीद शुरू नहीं हुई है। इससे किसानों को एमएसपी का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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सोमवार से धरने पर विचार
बाजरे की सरकारी खरीद शुरू नहीं होने पर किसान संगठनों ने सोमवार से मंडी में धरना शुरू करने का एलान किया है। किसान मजदूर यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कौथ भी मंडी का दौरा कर चुके हैं। उन्होंने खरीद शुरू नहीं होने पर किसानों के साथ धरना देने की बात कही है। किसानों ने सरकार और खरीद एजेंसियों से जल्द सरकारी खरीद शुरू करवाने की मांग की है।
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किसानों का कहना है कि फसल मंडी में पहुंच चुकी है लेकिन सरकारी खरीद कब शुरू होगी, इसकी कोई जानकारी नहीं है। खरीद शुरू न होने के कारण कई किसान छोटे व्यापारियों को बाजरा बेचने को मजबूर हैं। उन्हें निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से काफी कम दाम मिल रहा है। बाजरे का एमएसपी 2900 रुपये प्रति क्विंटल है, जबकि किसानों को 500 से 600 रुपये प्रति क्विंटल तक कम भाव मिल रहा है।
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बाजरे की आवक और सरकार के दावे
मंडी में तीन दिन के दौरान करीब 419 गेट पास काटे गए हैं। इससे लगभग नौ हजार क्विंटल बाजरे की आवक हुई है। शनिवार को करीब 198 किसानों की लगभग चार हजार क्विंटल बाजरे की फसल मंडी पहुंची थी। रविवार को बाजरे के गेट पास नहीं काटे गए। किसानों का कहना है कि सरकार ने मंडियों में खरीद की तैयारियां पूरी होने का दावा किया था। हालांकि, फसल मंडी में पहुंचने के बावजूद खरीद शुरू नहीं हुई है। इससे किसानों को एमएसपी का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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सोमवार से धरने पर विचार
बाजरे की सरकारी खरीद शुरू नहीं होने पर किसान संगठनों ने सोमवार से मंडी में धरना शुरू करने का एलान किया है। किसान मजदूर यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कौथ भी मंडी का दौरा कर चुके हैं। उन्होंने खरीद शुरू नहीं होने पर किसानों के साथ धरना देने की बात कही है। किसानों ने सरकार और खरीद एजेंसियों से जल्द सरकारी खरीद शुरू करवाने की मांग की है।