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Charkhi Dadri News: स्थायी करने के लिए आंगनबाड़ी, आशा वर्कर्स का विरोध मार्च

Mon, 05 Oct 2026 01:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Mon, 05 Oct 2026 01:32 AM IST
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Anganwadi and ASHA workers' protest march seeking permanent status.
शहर में विरोध-प्रदर्शन करतीं योजना कर्मचारी। 
चरखी दादरी। विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत कार्यरत आंगनबाड़ी वर्कर्स, हेल्पर्स, आशा वर्कर्स और मिड-डे मील कर्मियों ने रविवार को सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला। बड़ी संख्या में महिला कर्मचारियों ने रोज गार्डन में एकत्रित होकर बैठक की।
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विधायक सुनील सांगवान के आवास तक विरोध मार्च निकाला गया। आवास पर पहुंचने के बाद उन्होंने दोपहर एक से तीन बजे तक धरना दिए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से अपनी लंबित मांगों पर तत्काल निर्णय लेने की मांग की। रोज गार्डन में आयोजित कार्यक्रम की संयुक्त अध्यक्षता आंगनबाड़ी जिला प्रधान सुनीता रामबास ने की। मिड-डे-मील जिला सचिव निर्मला जेवली और आशा वर्कर्स जिला प्रधान प्रेमपति भी इसमें शामिल थीं।
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जनसभा को सीटू जिला सह-संयोजक सुमेर सिंह ने संबोधित किया। आशा वर्कर्स यूनियन की राज्य उपप्रधान कमलेश सहित विभिन्न कर्मचारी व किसान नेताओं ने भी अपनी बात रखी। वक्ताओं ने 45वें श्रम सम्मेलन के निर्णयों को लागू करने पर जोर दिया। उन्होंने सभी स्कीम वर्कर्स को स्थायी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग की। यह मांग उनके लंबे समय से चले आ रहे संघर्ष का हिस्सा है।
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प्रदर्शनकारियों ने न्यूनतम 42 हजार रुपये मासिक वेतन की मांग रखी। इसके साथ ही 12 महीने का भुगतान सुनिश्चित करने को कहा गया। उन्होंने ग्रेच्युटी और सेवानिवृत्ति लाभ देने की भी मांग की। 21 हजार रुपये मासिक पेंशन देने की मांग भी उठाई गई। ज्ञापन में कुल सात मांगें शामिल थीं।
कर्मियों में रोष
महिला कर्मियों ने कहा कि वे वर्षों से आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य और विद्यालयों से जुड़ी योजनाओं को धरातल पर पहुंचा रही हैं। इसके बावजूद उन्हें नियमित कर्मचारियों के समान दर्जा नहीं मिल रहा है। उन्हें नियमित कर्मचारियों के समान वेतन और सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं। कम मानदेय में लगातार सेवाएं लेने के कारण उनमें रोष है। उन्होंने अपनी भूमिका को अहम बताया, लेकिन उसके अनुरूप सम्मान न मिलने पर नाराजगी जताई।

आंदोलन की चेतावनी
योजना कर्मचारी रोज गार्डन से विधायक सुनील सांगवान के आवास पर पहुंचे। विधायक सुनील सांगवान के मौजूद नहीं होने पर प्रदर्शनकारियों ने उनके निजी सचिव रविंद्र यादव को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने सरकार को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्षों से लंबित मुद्दों पर अब केवल आश्वासन नहीं बल्कि ठोस निर्णय चाहिए।
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