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Charkhi Dadri News: एंटी-मलेरिया माह के तहत स्वास्थ्य विभाग सतर्क, घर-घर जाकर की जा रही है लारवा की जांच
Tue, 23 Jun 2026 11:15 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Tue, 23 Jun 2026 11:15 PM IST
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गांव में घर में रखी पानी की टंकी में लार्वा की जांच करती विभाग की टीम।
चरखी दादरी। जलजनित और मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से गांव रानीला स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत विशेष जागरूकता एवं सर्वे अभियान चलाया जा रहा है। जून माह को एंटी-मलेरिया माह के रूप में मनाते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीमें क्षेत्र में लगातार घर-घर पहुंचकर लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ स्वास्थ्य जांच भी कर रही हैं। अभियान डॉ. मनदीप नैन के मार्गदर्शन और स्वास्थ्य निरीक्षक मुकेश कुमार की देखरेख में संचालित किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग ने अभियान को प्रभावी बनाने के लिए चार विशेष टीमों का गठन किया है जिनमें कुल 35 स्वास्थ्य कर्मचारी शामिल हैं। इनके साथ आशा वर्कर्स भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। टीमें घर-घर जाकर बुखार से पीड़ित लोगों की ब्लड स्लाइड तैयार कर रही हैं ताकि मलेरिया सहित अन्य बीमारियों की समय रहते पहचान की जा सके। साथ ही लोगों को डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और जापानी इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारियों से बचाव के उपायों की जानकारी भी दी जा रही है।
अभियान के दौरान अब तक 34,118 घरों का सर्वे किया जा चुका है। सर्वे में 192 घरों में मच्छरों का लारवा पाया गया। वहीं विभागीय टीमों ने 99,244 पानी के कंटेनरों की जांच की जिनमें से 194 कंटेनरों में लारवा मिला। स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित परिवारों को तुरंत आवश्यक सावधानियां बरतने और पानी जमा न होने देने के निर्देश दिए हैं।
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विभागीय अधिकारियों के अनुसार अब तक कुल 1004 ब्लड स्लाइड तैयार की गई हैं। राहत की बात यह है कि सभी जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई हैं और किसी भी व्यक्ति में मलेरिया संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है। आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2023 में डेंगू के 11 मामले सामने आए थे, जबकि वर्ष 2024 में यह संख्या घटकर पांच रह गई थी। वहीं 2024 में मलेरिया का एक मामला दर्ज किया गया था। वर्ष 2025 और 2026 में अब तक डेंगू या मलेरिया का कोई मामला सामने नहीं आया है।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें नालियों और जलभराव वाले क्षेत्रों में टेमीफोस दवा का छिड़काव भी कर रही हैं। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अपने घरों और आसपास पानी जमा न होने दें, कूलर व पानी की टंकियों की नियमित सफाई करें तथा स्वच्छता बनाए रखें, ताकि मच्छरजनित बीमारियों को फैलने से रोका जा सके।
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स्वास्थ्य विभाग ने अभियान को प्रभावी बनाने के लिए चार विशेष टीमों का गठन किया है जिनमें कुल 35 स्वास्थ्य कर्मचारी शामिल हैं। इनके साथ आशा वर्कर्स भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। टीमें घर-घर जाकर बुखार से पीड़ित लोगों की ब्लड स्लाइड तैयार कर रही हैं ताकि मलेरिया सहित अन्य बीमारियों की समय रहते पहचान की जा सके। साथ ही लोगों को डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और जापानी इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारियों से बचाव के उपायों की जानकारी भी दी जा रही है।
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अभियान के दौरान अब तक 34,118 घरों का सर्वे किया जा चुका है। सर्वे में 192 घरों में मच्छरों का लारवा पाया गया। वहीं विभागीय टीमों ने 99,244 पानी के कंटेनरों की जांच की जिनमें से 194 कंटेनरों में लारवा मिला। स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित परिवारों को तुरंत आवश्यक सावधानियां बरतने और पानी जमा न होने देने के निर्देश दिए हैं।
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विभागीय अधिकारियों के अनुसार अब तक कुल 1004 ब्लड स्लाइड तैयार की गई हैं। राहत की बात यह है कि सभी जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई हैं और किसी भी व्यक्ति में मलेरिया संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है। आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2023 में डेंगू के 11 मामले सामने आए थे, जबकि वर्ष 2024 में यह संख्या घटकर पांच रह गई थी। वहीं 2024 में मलेरिया का एक मामला दर्ज किया गया था। वर्ष 2025 और 2026 में अब तक डेंगू या मलेरिया का कोई मामला सामने नहीं आया है।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें नालियों और जलभराव वाले क्षेत्रों में टेमीफोस दवा का छिड़काव भी कर रही हैं। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अपने घरों और आसपास पानी जमा न होने दें, कूलर व पानी की टंकियों की नियमित सफाई करें तथा स्वच्छता बनाए रखें, ताकि मच्छरजनित बीमारियों को फैलने से रोका जा सके।