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छठी से आठवीं तक 30 फीसदी तो ओवरऑल 50 फीसदी विद्यार्थी पहुंचे स्कूल
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चरखी दादरी। चार माह बाद जिले के 241 निजी और सरकारी स्कूलों में छठी से 12वीं तक की कक्षाएं लगीं। पहले दिन स्कूलों में कोविड गाइडलाइन का पालन तो देखने को मिली, लेकिन छात्र संख्या कम रही। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार छठी से आठवीं तक छात्र संख्या 30 फीसदी तो ओवरऑल 50 फीसदी रही। जिला शिक्षा अधिकारी जयप्रकाश संभ्रवाल ने स्वयं चार स्कूलों में जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और वो संतुष्ट नजर आए। उन्होंने निरीक्षण के दौरान चेतावनी दी कि अगर कहीं कोविड गाइडलाइन की अवहेलना का मामला सामने तो सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
कोरोना की दूसरी लहर के चलते मार्च माह में बंद किए गए स्कूलों को खोलने की शिक्षा विभाग और सरकार ने सशर्त अनुमति दे दी है। स्कूलों में बुलाए जा रहे विद्यार्थियों की संख्या भी अब बढ़ाई जा रही है। इसके तहत अब स्कूलों से छठी से 12वीं तक की कक्षाएं लगाने को मंजूरी दी गई है। पहले दिन छठी से आठवीं तक के विद्यार्थी पहुंचने से स्कूल गुलजार हुए। हालांकि कक्षाओं में विद्यार्थियों की संख्या बेहद कम रही। कई राजकीय स्कूलों में तो छठी से आठवीं कक्षा तक महज 10 प्रतिशत विद्यार्थी ही पहुंचे। निजी स्कूलों में यह संख्या राजकीय के मुकाबले अधिक रही।
संवाददाता ने शुक्रवार को शहर के तीन स्कूलों का जायजा लिया। वहां विद्यार्थियों की संख्या बेहद कम मिली। शहर के शहीद दलबीर सिंह राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल में 400 में से 250 विद्यार्थी शुक्रवार को स्कूल पहुंचे। वहीं, राजकीय कन्या स्कूल में 280 छात्राओं में से महज 30 की उपस्थित रहीं। इसी प्रकार वैश्य कन्या स्कूल में 315 छात्राओं में से 183 उपस्थित रहीं। हालांकि इन तीनों स्कूलों कोविड गाइडलाइन के अनुरूप व्यवस्था मिलीं। लेकिन, कक्षा एक में पांच विद्यार्थी बिना मास्क बैठे मिले और संवाददाता को देखते ही उन्होंने भी बैग से निकालकर मास्क लगा लिया।
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- डीईओ ने चार तो बीईओ ने 20 स्कूलों का किया निरीक्षण
जिला शिक्षा अधिकारी जयप्रकाश संभ्रवाल ने शुक्रवार को अलग-अलग तीन राजकीय और एक निजी स्कूल का निरीक्षण किया। वह पहले जीआरवी मॉडल स्कूल पहुंचे। यहां उन्होंने निरीक्षण किया तो छठी से बारहवीं कक्षा तक के विद्यार्थी मौजूद मिले। इसके बाद वे खेड़ी बत्तर राजकीय स्कूल पहुंचे। वहां छात्र संख्या कम मिली, लेकिन व्यवस्थाएं दुरुस्त मिलीं। जिला शिक्षा अधिकारी के निर्देशों पर खंड शिक्षा अधिकारियों ने भी 20 से अधिक स्कूलों का निरीक्षण किया।
- स्कूल और कक्षाओं में ये की गईं व्यवस्थाएं
स्कूलों के मुख्य द्वार पर स्कैनिंग और हाथों को सैनिटाइज करवाया गया। इस दौरान जिनके पास मास्क नहीं थे, उन विद्यार्थियों को मास्क दिए गए। कक्षा में हर बेंच पर एक विद्यार्थी बैठाया गया। इतना ही नहीं स्कूल परिसर के अलावा बसों को भी दिन में दो बार सैनिटाइज किया गया।
- राजकीय स्कूल में भरा पानी, डीईओ ने लिखा पत्र
छठी से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थी शुक्रवार को शहीद दलबीर सिंह राजकीय स्कूल में पहुंचे और यहां उन्हें जलभराव की स्थिति का सामना करना पड़ा। स्कूल का शौचालय भी पानी में डूबा हुआ है। मामले पर संज्ञान लेते हुए शुक्रवार को जिला शिक्षा अधिकारी ने जनस्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखा है, जिसमें मोटर लगाकर पानी की निकासी करवाने की मांग की गई है।
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वर्जन::
स्कूलों में पहले दिन व्यवस्थाएं दुरुस्त मिलीं। हालांकि छात्र संख्या शुक्रवार को कम रही। मैंने चार स्कूलों का स्वयं निरीक्षण किया और वहां शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार ही व्यवस्थाएं पाई गईं। कोविड नियमों और विभाग की गाइडलाइन की अवहेलना करने वाले स्कूल संचालकों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जयप्रकाश संभ्रवाल, जिला शिक्षा अधिकारी
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कोरोना की दूसरी लहर के चलते मार्च माह में बंद किए गए स्कूलों को खोलने की शिक्षा विभाग और सरकार ने सशर्त अनुमति दे दी है। स्कूलों में बुलाए जा रहे विद्यार्थियों की संख्या भी अब बढ़ाई जा रही है। इसके तहत अब स्कूलों से छठी से 12वीं तक की कक्षाएं लगाने को मंजूरी दी गई है। पहले दिन छठी से आठवीं तक के विद्यार्थी पहुंचने से स्कूल गुलजार हुए। हालांकि कक्षाओं में विद्यार्थियों की संख्या बेहद कम रही। कई राजकीय स्कूलों में तो छठी से आठवीं कक्षा तक महज 10 प्रतिशत विद्यार्थी ही पहुंचे। निजी स्कूलों में यह संख्या राजकीय के मुकाबले अधिक रही।
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संवाददाता ने शुक्रवार को शहर के तीन स्कूलों का जायजा लिया। वहां विद्यार्थियों की संख्या बेहद कम मिली। शहर के शहीद दलबीर सिंह राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल में 400 में से 250 विद्यार्थी शुक्रवार को स्कूल पहुंचे। वहीं, राजकीय कन्या स्कूल में 280 छात्राओं में से महज 30 की उपस्थित रहीं। इसी प्रकार वैश्य कन्या स्कूल में 315 छात्राओं में से 183 उपस्थित रहीं। हालांकि इन तीनों स्कूलों कोविड गाइडलाइन के अनुरूप व्यवस्था मिलीं। लेकिन, कक्षा एक में पांच विद्यार्थी बिना मास्क बैठे मिले और संवाददाता को देखते ही उन्होंने भी बैग से निकालकर मास्क लगा लिया।
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- डीईओ ने चार तो बीईओ ने 20 स्कूलों का किया निरीक्षण
जिला शिक्षा अधिकारी जयप्रकाश संभ्रवाल ने शुक्रवार को अलग-अलग तीन राजकीय और एक निजी स्कूल का निरीक्षण किया। वह पहले जीआरवी मॉडल स्कूल पहुंचे। यहां उन्होंने निरीक्षण किया तो छठी से बारहवीं कक्षा तक के विद्यार्थी मौजूद मिले। इसके बाद वे खेड़ी बत्तर राजकीय स्कूल पहुंचे। वहां छात्र संख्या कम मिली, लेकिन व्यवस्थाएं दुरुस्त मिलीं। जिला शिक्षा अधिकारी के निर्देशों पर खंड शिक्षा अधिकारियों ने भी 20 से अधिक स्कूलों का निरीक्षण किया।
- स्कूल और कक्षाओं में ये की गईं व्यवस्थाएं
स्कूलों के मुख्य द्वार पर स्कैनिंग और हाथों को सैनिटाइज करवाया गया। इस दौरान जिनके पास मास्क नहीं थे, उन विद्यार्थियों को मास्क दिए गए। कक्षा में हर बेंच पर एक विद्यार्थी बैठाया गया। इतना ही नहीं स्कूल परिसर के अलावा बसों को भी दिन में दो बार सैनिटाइज किया गया।
- राजकीय स्कूल में भरा पानी, डीईओ ने लिखा पत्र
छठी से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थी शुक्रवार को शहीद दलबीर सिंह राजकीय स्कूल में पहुंचे और यहां उन्हें जलभराव की स्थिति का सामना करना पड़ा। स्कूल का शौचालय भी पानी में डूबा हुआ है। मामले पर संज्ञान लेते हुए शुक्रवार को जिला शिक्षा अधिकारी ने जनस्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखा है, जिसमें मोटर लगाकर पानी की निकासी करवाने की मांग की गई है।
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वर्जन::
स्कूलों में पहले दिन व्यवस्थाएं दुरुस्त मिलीं। हालांकि छात्र संख्या शुक्रवार को कम रही। मैंने चार स्कूलों का स्वयं निरीक्षण किया और वहां शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार ही व्यवस्थाएं पाई गईं। कोविड नियमों और विभाग की गाइडलाइन की अवहेलना करने वाले स्कूल संचालकों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जयप्रकाश संभ्रवाल, जिला शिक्षा अधिकारी