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विकट परिस्थितियों से नहीं मानी हार, तीसरे प्रयास में एचसीएस बने प्रदीप

Rohtak Bureauरोहतक ब्यूरो Updated Sun, 22 Dec 2019 12:00 AM IST
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विकट परिस्थितियों से नहीं मानी हार, तीसरे प्रयास में एचसीएस बने प्रदीप
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सांवड़ निवासी पंप ऑपरेटर रामौतार शर्मा का बेटा डीएफएसओ से बनने गांव में खुशी की लहर, पांच साल से दिल्ली की एक यूनिवर्सिटी में बतौर प्रोफेसर हैं नियुक्त
अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। हरियाणा सरकार द्वारा घोषित किए गए एचसीएस परीक्षा के परिणाम में गांव सांवड़ निवासी प्रदीप कुमार ने सफलता प्राप्त की है। उनका चयन डीएफएसओ के तौर पर हुआ है। प्रदीप ने विकट परिस्थितियों से पार पाकर तीसरे प्रयास में यह मुकाम हासिल किया है। उनका कहना है कि दो प्रयास विफल रहने से उन्हें और मजबूती मिली। तीसरे प्रयास में पूर्व की गलतियों को न दोहराते हुए प्रदीप ने एचसीएस की परीक्षा पास कर ली। उनके पिता जनस्वास्थ्य विभाग में पंप ऑपरेटर हैं। नवचयनित एचसीएस प्रदीप एमटेक गोल्ड मेडलिस्ट हैं।
जन स्वास्थय विभाग में बतौर पंप ऑपरेटर कार्यरत गांव सांवड निवासी रामौतार शर्मा के पुत्र प्रदीप कुमार एचसीएस के रूप में चयनित हुए हैं। उनके चयन का मौजिज ग्रामीणों ने स्वागत किया व मिठाई बांटकर अपनी खुशी का इजहार किया। पंप ऑपरेटर रामौतार शर्मा के घर जन्मे प्रदीप ने बताया कि उन्होंने सांवड के बाल शिक्षा निकेतन स्कूल से दसवी कक्षा उत्तीर्ण की। गांव के ही राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय से बारहवीं पास की। उनके पिता रामौतार व माता कमलेश देवी ने हमेशा शिक्षा के महत्व को समझा व अपनी कमजोर आर्थिक स्थिति को कभी प्रदीप कुमार के अध्ययन में आड़े नहीं आने दिया। इसके चलते ही उन्होंने बारहवीं के उपरांत बीएसी मेडिकल पंडित नेकीराम कॉलेज रोहतक, एमएससी फूड टैक जीजेयू एस एंड टी हिसार, एम टैक एसएलआईईटी लोंगवाल से गोल्ड मेडलिस्ट के रूप में उत्तीर्ण की। इसके उपरांत ग्रेरट नोएडा उतर प्रदेश के गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में पांच साल तक शिक्षण कार्य करवाया।
तैयारी के लिए कभी नहीं ली कोचिंग, सेल्फ स्टडी पर रखा फोकस
अमर उजाला से बातचीत में प्रदीप के पिता रामौतार शर्मा ने बताया कि प्रदीप ने कभी कोचिंग नहीं ली। केवल गुरुओं के मार्गदर्शन व कठिन परिश्रम को प्राथमिकता प्रदान की। इसके अलावा प्रदीप ने सेल्फ स्टडी ही की है। उन्होंने बताया कि पढ़ाई के प्रति प्रदीप कार बचपन से ही रुझान था और पिछले पांच सालों से दिल्ली की एक यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं।
ग्राम पंचायत ने किया सम्मानित
प्रदीप के एचसीएस बनने से गांव सांवड़ में खुशी का माहौल है। प्रदीप को सरपंच मदन सिंह परमार, नंबरदार अजीत सिंह, सतबीर शर्मा, अमित शर्मा, पप्पी शर्मा, पंच सोना शर्मा, बजरंग लाल, योगी मणिक लाल, कैलाश भारद्वाज, नितिश शर्मा, अनिल शर्मा, आनंद शर्मा, नंद किशोर शर्मा, ओम शर्मा, सतीश शर्मा, कुलदीप शर्मा, श्याम सुंदर शर्मा विष्णुदत, रामफल, नंबरदार राजपाल, सुबेदार महाबीर प्रसाद, नंबरदार आदि ने बधाई देकर सम्मानित किया है।
परिणाम घोषित होते ही मां-बाप से लिया आशीर्वाद
प्रदीप ने बताया कि शुक्रवार को घोषित होने वाले परिणाम की उसे बेसब्री से इंतजार था। परिणाम देखते ही सबसे पहले अपने मां-बाप को इसकी जानकारी दी और उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। प्रदीप कुमार ने बताया कि सेल्फ स्टडी से बेहतर तैयारी का कोई जरिया नहीं है।
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माता-पिता से आशीर्वाद लेते नवचयनित एचसीएस प्रदीप शर्मा।
फोटो 06
एचसीएस परीक्षा पास करने पर प्रदीप शर्मा का मुंह मीठा कराते ग्रामीण।
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