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Charkhi Dadri: 10 दिन पहले छुट्टी काटकर सिक्किम ड्यूटी पर लौटे थे हवलदार अरविंद, सिक्किम हादसे में हुए शहीद
Sat, 24 Dec 2022 03:40 PM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी/झोझूकलां (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी/झोझूकलां (हरियाणा)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 24 Dec 2022 03:40 PM IST
सार
झोझूकलां निवासी अरविंद करीब 15 साल पहले सेना में भर्ती हुए थे। उनकी मौजूदा पोस्टिंग सिक्किम में थी। शुक्रवार रात हादसे में उनकी जान जाने की खबर पता चलने के बाद झोझूकलां में शोक की लहर दौड़ गई।
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हवलदार अरविंद
- फोटो : फाइल
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विस्तार
सिक्किम में शुक्रवार को गहरी खाई में वाहन गिरने से 16 सैनिकों की जान चली गई थी। इन जवानों में दादरी जिले के झोझूकलां निवासी हवलदार अरविंद भी शामिल थे। शुक्रवार देर रात परिजनों को सैन्य अधिकारियों से हादसे की सूचना मिली। परिजनों के अनुसार अरविंद दस दिन पहले छुट्टी बिताकर ड्यूटी पर लौटे थे। जनवरी में वो सेवानिवृत्ति के लिए आवेदन करने वाले थे। उससे पहले ही वे शहीद हो गए।
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झोझूकलां निवासी अरविंद करीब 15 साल पहले सेना में भर्ती हुए थे। उनकी मौजूदा पोस्टिंग सिक्किम में थी। शुक्रवार रात हादसे में उनकी जान जाने की खबर पता चलने के बाद झोझूकलां में शोक की लहर दौड़ गई। उनके पिता राजेंद्र सांगवान ने बताया कि अरविंद राजपूत राइफल्स में तैनात था। उन्होंने बताया कि उनकी पुत्रवधू पिंकी हरियाणा पुलिस में हवलदार है और उसकी पोस्टिंग दादरी महिला थाने में है। अभी वह गर्भवती है। अरविंद का एक आठ साल का बेटा भी है।
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परिजनों के अनुसार उन्हें सूचना मिली है कि शनिवार रात तक अरविंद की पार्थिव देह दिल्ली स्थित राजपूताना राइफल सेंटर पहुंचेगी और रविवार दोपहर तक गांव में पहुंचने की उम्मीद है। उनका अंतिम संस्कार पैतृक गांव झोझूकलां में किया जाएगा। पिता राजेंद्र कुमार का कहना है कि उन्हें बेटे के जाने का गम जरूर है, लेकिन इस बात की खुशी भी है कि उनके लाल ने देशसेवा करते हुए अपने प्राण की आहुति दी।
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फोन पर पिता को मिली सूचना
राजेंद्र सांगवान ने बताया कि सेना का वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना उन्हें शुक्रवार दोपहर को मिल गई थी, लेकिन यह नहीं पता था कि उस वाहन में उनका बेटा भी सवार है। उन्होंने बताया कि देर रात उन्हें सैन्य अधिकारियों ने बताया कि उत्तर सिक्क्मि में चटन से थिंगू की ओर जाते वक्त सेना का वाहन गहरी खाई में गिरा और इस हादसे में 16 जवानों की जान चली गई।
सांत्वना देने वालों का लगा रहा तांता
शनिवार सुबह से ही जाबांज अरविंद के घर सांत्वना देने वालों का तांता लगा रहा। झोझूकलां के अलावा आस-पास के गांवों के लोग भी उनके घर पहुंचे और पिता व अन्य परिजनों की हिम्मत बढ़ाते नजर आए।