जल संरक्षण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशानुसार चलाए गए जल-शक्ति अभियान को ग्राम पंचायतें एक आंदोलन के रूप में लें। सुरक्षित जीवन के लिए पानी का संरक्षण जरूरी है। गांव पंचायतें आने वाले 10-12 दिन में अपने-अपने गांव में दिए गए लक्ष्य के अनुरूप कम से कम 25 सोखता गड्डों का निर्माण करवाएं। ये बात उपायुक्त धर्मवीर सिंह ने वीरवार को लघु सचिवालय स्थित सभागार में जल-शक्ति अभियान के तहत जिले में किए रहे कार्यों की समीक्षा के दौरान पंचायत प्रतिनिधियों व संबंधित अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहीं।
कार्यक्रम में पंचायत प्रतिनिधियों व अधिकारियों को जल संरक्षण की शपथ दिलाई गई। डीसी ने कहा कि दादरी जिला भी देश के उन 270 जिलों में शामिल है, जहां पर भूजल स्तर बहुत नीचे है। इसमें मुख्य रूप से बाढड़ा और झोझू ब्लॉक हैं। उन्होंने कहा कि जल शक्ति अभियान के तहत गांवों में पंचायतों द्वारा 25-25 सोखता गड्डों को निर्माण किया जाना है, जो अभी तक नहीं किया गया है। उन्होंने सरपंचों को निर्देश दिए कि यह कार्य 10 से 12 दिन में पूरा करें। उन्होंने कहा कि सोखता गड्डे स्कूल, पशु अस्पताल, पंचायत भवन, स्वास्थ्य केंद्र, आंगनबाड़ी केंद्र, सोसायटी भवन व चौपाल आदि सरकारी भवनों में बनवाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि ये सोखता गड्डे ऐसी जगह पर बनवाएं, जहां पर इनका प्रयोग हो और ये सही सलामत रहें। उन्होंने बारिश के पानी का संचयन करने के लिए स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, वृद्धाश्रम, डाकघर व श्मशान घाट में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाने को कहा। उपायुक्त ने जोहड़ों में पानी पर जमने वाली काई व अन्य गंदगी की सफाई करने के भी निर्देश दिए। इस दौरान मानव संसाधन मंत्रालय के संयुक्त निदेशक डॉ. दिनेश कपिला और निदेशक रजनीश कुमार ने भी अपने विचार रखे और जल संरक्षण के लिए जरूरी निर्देश दिए। इस दौरान एसडीएम संदीप अग्रवाल, जिला वन मंडल अधिकारी सतबीर सिंह, परिषद के कार्यकारी अधिकारी विकास यादव, नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी सुंदर सिंह व जेई सौहार्द आदि विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।