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Charkhi Dadri News: शिक्षा की राह दिखाई...बबीता ने बच्चों के हाथों से भीख का कटाेरा ले किताबें थमाईं
Fri, 24 Jan 2025 01:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Fri, 24 Jan 2025 01:22 AM IST
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पाठशाला में शिक्षण के दौरान बच्चों के साथ बबीता। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। सामाजिक कार्यकर्ता बबीता संविधान में प्रदत्त अधिकाराें और कर्तव्यों के प्रति अलख जगा रही हैं। बबीता ने बहुत से बच्चों के हाथों से भीख का कटोरा छुड़वाकर शिक्षा की राह दिखाई है। बबीता इस समय 80 बच्चों को निशुल्क शिक्षा दे रही हैं।
उन्होंने किसान भवन में पंजीकृत पाठशाला खोल कर रखी है। वह विजन फाउंडेशन इंंडिया व खुशियों की दीवार संगठन चलाती हैं। छह साल से सामाजिक कार्यकर्ता के तौर पर काम रहीं बबीता एमएससी, बीएड हैं। वह अविवाहित हैं। बबीता ने बताया कि जब वह यूनिवर्सिटी में पढ़ती थीं तब प्रोफेसर की प्रेरणा से उन्होंने यह राह चुनी है।
उन्होंने बताया कि कई बच्चे हाथ में कटोरा लेकर भीख मांगते थे। उन्होंने इन बच्चों के हाथ से भीख का कटोरा छुड़वाकर शिक्षा की राह दिखाई है। इन बच्चों के माता-पिता को समझाया। इनके माता-पिता मजदूरी करते हैं।
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इन बच्चों की पुस्तकें, ड्रेस और फीस सब निशुल्क है। बबीता इन बच्चों के लिए समाज के अन्य लोगों से भी मदद ले लेती हैं। क्षेत्र के लोग भी अपनी मर्जी से इन बच्चोंं को ड्रेस, पुस्तकें आदि उपलब्ध करवा देते हैं।
इतना नहीं, बबीता नारी को भी सशक्त बनाने की दिशा मेंं काम कर रही हैं। वह पर्यावरण के क्षेत्र में भी अपना योगदान दे रही हैं। हर साल बड़ी संख्या में पौधरोपण करती हैं। समय-समय पर जागरूकता रैली निकालती हैं।
बबीता ने बताया कि गणतंत्र दिवस पर उनका यही संदेश है कि समाज के हर वर्ग के बच्चे को शिक्षित किया जाए। बच्चा यदि शिक्षित होगा तो समाज व देश स्वत: प्रगति कर लेगा।
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चरखी दादरी। सामाजिक कार्यकर्ता बबीता संविधान में प्रदत्त अधिकाराें और कर्तव्यों के प्रति अलख जगा रही हैं। बबीता ने बहुत से बच्चों के हाथों से भीख का कटोरा छुड़वाकर शिक्षा की राह दिखाई है। बबीता इस समय 80 बच्चों को निशुल्क शिक्षा दे रही हैं।
उन्होंने किसान भवन में पंजीकृत पाठशाला खोल कर रखी है। वह विजन फाउंडेशन इंंडिया व खुशियों की दीवार संगठन चलाती हैं। छह साल से सामाजिक कार्यकर्ता के तौर पर काम रहीं बबीता एमएससी, बीएड हैं। वह अविवाहित हैं। बबीता ने बताया कि जब वह यूनिवर्सिटी में पढ़ती थीं तब प्रोफेसर की प्रेरणा से उन्होंने यह राह चुनी है।
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उन्होंने बताया कि कई बच्चे हाथ में कटोरा लेकर भीख मांगते थे। उन्होंने इन बच्चों के हाथ से भीख का कटोरा छुड़वाकर शिक्षा की राह दिखाई है। इन बच्चों के माता-पिता को समझाया। इनके माता-पिता मजदूरी करते हैं।
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इन बच्चों की पुस्तकें, ड्रेस और फीस सब निशुल्क है। बबीता इन बच्चों के लिए समाज के अन्य लोगों से भी मदद ले लेती हैं। क्षेत्र के लोग भी अपनी मर्जी से इन बच्चोंं को ड्रेस, पुस्तकें आदि उपलब्ध करवा देते हैं।
इतना नहीं, बबीता नारी को भी सशक्त बनाने की दिशा मेंं काम कर रही हैं। वह पर्यावरण के क्षेत्र में भी अपना योगदान दे रही हैं। हर साल बड़ी संख्या में पौधरोपण करती हैं। समय-समय पर जागरूकता रैली निकालती हैं।
बबीता ने बताया कि गणतंत्र दिवस पर उनका यही संदेश है कि समाज के हर वर्ग के बच्चे को शिक्षित किया जाए। बच्चा यदि शिक्षित होगा तो समाज व देश स्वत: प्रगति कर लेगा।