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निष्काम प्रेम से ही हो सकती है भगवान की प्राप्ति : शास्त्री
Thu, 01 Jan 2026 02:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Thu, 01 Jan 2026 02:24 AM IST
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श्रीमद्भागवत का वाचन करते गोबिंद कृष्ण शास्त्री।
चरखी दादरी। प्रभु हम भी शरणागत हैं, स्वीकार करो तो जानें... राम के बिना मनुष्य का जीवन अधूरा है। निष्काम प्रेम की भावना से ही भगवान की प्राप्ति हो सकती है। दादरी के बस स्टैंड के समीप स्थित श्री दादी सती रानी मंदिर में श्रीमद् भागवत कथा की सरस व्याख्या करते हुए बुधवार को आचार्य गोविंद कृष्ण शास्त्री ने ये उद्गार व्यक्त किए।
सोने वाले जाग जा, संसार मुसाफिरखाना है.. भजन सुनाते हुए उन्होंने कहा कि विपुल धन संपदा भी राम नाम के बगैर माटी के समान है। वृंदावन में गोपी शब्द का पर्याय उस साधक से है, जो आठों याम कृष्ण की भक्ति में डूबा रहता हो। कृष्ण की मोहिनी छवि ऐसी है, जिसे देखने के लिए भोलेनाथ स्वयं गोपी का रूप धारण कर रास में आ गए थे। एक दिन भोले भंडारी, बन के बृज की नारी, गोकुल में आ गए हैं।
कथा के सातवें और अंतिम दिन बुधवार को गोविंद कृष्ण शास्त्री ने कृष्ण-रुक्मिणी विवाह, कर्मा बाई का भगवान के प्रति सेवा भाव, जरासंध वध, कृष्ण-सुदामा, शुकदेव-परीक्षित आदि प्रसंगों की सारगर्भित विवेचना की। मोहन आओ तो सही, माधो रा मंदिर में मीरा बाई एकली खड़ी.. भजन सुन कर श्रद्धालु झूम उठे। सूबेदार दिलबाग शर्मा ने श्री दादी सती रानी चैरिटेबल ट्रस्ट की तरफ से कथा के आयोजन में सहयोग देने के लिए सभी भक्तों का आभार व्यक्त किया।
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सोने वाले जाग जा, संसार मुसाफिरखाना है.. भजन सुनाते हुए उन्होंने कहा कि विपुल धन संपदा भी राम नाम के बगैर माटी के समान है। वृंदावन में गोपी शब्द का पर्याय उस साधक से है, जो आठों याम कृष्ण की भक्ति में डूबा रहता हो। कृष्ण की मोहिनी छवि ऐसी है, जिसे देखने के लिए भोलेनाथ स्वयं गोपी का रूप धारण कर रास में आ गए थे। एक दिन भोले भंडारी, बन के बृज की नारी, गोकुल में आ गए हैं।
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कथा के सातवें और अंतिम दिन बुधवार को गोविंद कृष्ण शास्त्री ने कृष्ण-रुक्मिणी विवाह, कर्मा बाई का भगवान के प्रति सेवा भाव, जरासंध वध, कृष्ण-सुदामा, शुकदेव-परीक्षित आदि प्रसंगों की सारगर्भित विवेचना की। मोहन आओ तो सही, माधो रा मंदिर में मीरा बाई एकली खड़ी.. भजन सुन कर श्रद्धालु झूम उठे। सूबेदार दिलबाग शर्मा ने श्री दादी सती रानी चैरिटेबल ट्रस्ट की तरफ से कथा के आयोजन में सहयोग देने के लिए सभी भक्तों का आभार व्यक्त किया।
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