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एनीमिया का समय रहते करवाएं इलाज: डॉ. कृष्ण
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चरखी दादरी। सिविल सर्जन डॉ. कृष्ण कुमार ने कहा है कि एनीमिया अर्थात शरीर में खून की कमी की समस्या का यदि समय रहते निदान न किया जाए तो यह गंभीर रूप ले सकता है। इसलिए जरूरी है कि लोग इसके लक्षणों व कारणों की पहचान कर समय रहते इसका इलाज करवाएं।
उन्होंने बताया कि एनीमिया रक्त और आयरन की कमी से होता है। यह सभी वर्ग के बच्चों व गर्भवती महिलाओं में अधिक पाया जाता है। शारीरिक कमजोरी, थकान, सिर दर्द, चक्कर आना, त्वचा का पीला होना, दिल की धड़कन का बढ़ना, नाखून और जीभ का सफेद होना आदि एनीमिया के लक्षण हैं। हमें समय-समय पर हिमोग्लोबिन की जांच करवानी चाहिए।
सिविल सर्जन ने बताया कि एनीमिया को दूर करने के लिए हरी पत्तेदार सब्जियों जैसे पालक, सरसों, मेथी, बथुआ, गाजर व चुकंदर आदि का सेवन करना चाहिए। इनके साथ भोजन में विटामिन-सी व ए युक्त खाद्य पदार्थ जैसे नींबू, मौसमी, आंवला और संतरा आदि का सेवन करना चाहिए। इसके अलावा, घर में लोहे से बने बर्तन जैसे कढ़ाई का प्रयोग करना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि लोहे की बनी कढ़ाई में हरी पत्तेदार सब्जी बनानी चाहिए। पत्तेदार, हरी सब्जी को पहले धोना चाहिए और उसके उपरांत काटना चाहिए। खाना खाने के बाद गुड़ या गुड़ से बनी चीजें जैसे टिक्ड़ी या तिल से बनी गुड़ की पट्टी अवश्य खानी चाहिए। आयरन की कमी होने पर बच्चों को आयरन की गोलियां खिलाई जा सकती है।
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उन्होंने बताया कि एनीमिया रक्त और आयरन की कमी से होता है। यह सभी वर्ग के बच्चों व गर्भवती महिलाओं में अधिक पाया जाता है। शारीरिक कमजोरी, थकान, सिर दर्द, चक्कर आना, त्वचा का पीला होना, दिल की धड़कन का बढ़ना, नाखून और जीभ का सफेद होना आदि एनीमिया के लक्षण हैं। हमें समय-समय पर हिमोग्लोबिन की जांच करवानी चाहिए।
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सिविल सर्जन ने बताया कि एनीमिया को दूर करने के लिए हरी पत्तेदार सब्जियों जैसे पालक, सरसों, मेथी, बथुआ, गाजर व चुकंदर आदि का सेवन करना चाहिए। इनके साथ भोजन में विटामिन-सी व ए युक्त खाद्य पदार्थ जैसे नींबू, मौसमी, आंवला और संतरा आदि का सेवन करना चाहिए। इसके अलावा, घर में लोहे से बने बर्तन जैसे कढ़ाई का प्रयोग करना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि लोहे की बनी कढ़ाई में हरी पत्तेदार सब्जी बनानी चाहिए। पत्तेदार, हरी सब्जी को पहले धोना चाहिए और उसके उपरांत काटना चाहिए। खाना खाने के बाद गुड़ या गुड़ से बनी चीजें जैसे टिक्ड़ी या तिल से बनी गुड़ की पट्टी अवश्य खानी चाहिए। आयरन की कमी होने पर बच्चों को आयरन की गोलियां खिलाई जा सकती है।