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खेतों में जमा पाला, शीत लहर से ठिठुरे लोग
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फोटो 30 ढाणी फौगाट के खेत में बनी पगडंडी की घास पर जमी पाले की परत।
- फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। जिले में दूसरे दिन भी शीत लहर का प्रकोप बना रहा। दिन के समय धूप खिलने पर लोगों को ठिठुरन से कुछ राहत जरूर मिली, लेनिक शाम होते हुए ठंड फिर बढ़ने लगी। रविवार सुबह जिला के विभिन्न भागों में पाला पड़ा। हालांकि शनिवार के मुकाबले न्यूनतम व अधिकतम तापमान में 1.03 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई। रविवार को अधिकतम तापमान 21.3 और न्यूनतम 10.1 डिग्री दर्ज किया गया।
मौसम वैज्ञानिक डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि उत्तर पर्वतीय भागों में हिमपात होने की वजह से मैदानी राज्यों पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली.एनसीआर में शीतलहर का प्रकोप बन गया है। कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि पाला पड़ने से फसलों में नुकसान हो सकता है, जबकि कोहरा फसलों के लिए फायदेमंद है।
ठंड से बचाव के लिए बरतें ये सावधानियां
- आयुर्वेदिक काढ़े का सेवन करें
- त्वचा पर स्नेहक पदार्थ घी, तेल लगाएं।
- विटामिन सी युक्त भोजन लें और प्रतिरोधक क्षमता बनाएं रखने के लिए गर्म चीजों का सेवन करें।
- हीटर और अंगीठी का इस्तेमाल करते समय कमरे को बंद न करें।
- सांस और दमा के मरीजों को अतिरिक्त सुरक्षा और देखभाल करें।
- वाहन चलाते समय फॉग लाइट का इस्तेमाल करें।
- मुंह को ढंककर ही घर से बाहर निकलें।
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मौसम वैज्ञानिक डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि उत्तर पर्वतीय भागों में हिमपात होने की वजह से मैदानी राज्यों पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली.एनसीआर में शीतलहर का प्रकोप बन गया है। कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि पाला पड़ने से फसलों में नुकसान हो सकता है, जबकि कोहरा फसलों के लिए फायदेमंद है।
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ठंड से बचाव के लिए बरतें ये सावधानियां
- आयुर्वेदिक काढ़े का सेवन करें
- त्वचा पर स्नेहक पदार्थ घी, तेल लगाएं।
- विटामिन सी युक्त भोजन लें और प्रतिरोधक क्षमता बनाएं रखने के लिए गर्म चीजों का सेवन करें।
- हीटर और अंगीठी का इस्तेमाल करते समय कमरे को बंद न करें।
- सांस और दमा के मरीजों को अतिरिक्त सुरक्षा और देखभाल करें।
- वाहन चलाते समय फॉग लाइट का इस्तेमाल करें।
- मुंह को ढंककर ही घर से बाहर निकलें।