{"_id":"643995f79a0f09dcbc062f79","slug":"four-member-sit-will-investigate-pahad-scam-case-charkhidadri-news-c-21-1-106711-2023-04-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Charkhi Dadri News: चार सदस्यीय एसआईटी करेगी पहाड़ घोटाला मामले की जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Charkhi Dadri News: चार सदस्यीय एसआईटी करेगी पहाड़ घोटाला मामले की जांच
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बाढड़ा। माईकलां और माईखुर्द पहाड़ मामले में केस दर्ज होने के तीन साल बाद पुलिस अधीक्षक नितिका गहलोत ने जांच के लिए चार सदस्यीय एसआईटी गठित की है। आम आदमी पार्टी के हलका अध्यक्ष ने एसपी से मुलाकात कर तीन साल पहले दर्ज किए गए मुकदमे में कार्रवाई की मांग की थी। इस संबंध में उनकी शिकायत पर ही बाढड़ा थाने में वर्ष 2020 में विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था।
राकेश चांदवास ने बताया कि वर्ष 2019 में उन्होंने बाढड़ा विधानसभा क्षेत्र के गांव माईकलां व माई खुर्द पहाड़ घोटाला उठाया था। तत्कालीन पुलिस अधीक्षक को उन्होंने मामला दर्ज करने के लिए शिकायत सौंपी थी और इसके बाद पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से शिकायत उपायुक्त कार्यालय में भेजी गई थी। तत्कालीन उपायुक्त ने जांच की जिम्मेदारी बाढड़ा एसडीएम को दी थी। इसके बाद एसडीएम ने मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट वर्ष 2020 में उपायुक्त कार्यालय में सौंपी थी।
एसडीएम जांच में पंचायतों को मिलने वाली रॉयल्टी राशि का समय पर भुगतान न करने की बात सामने आई थी। इसके अलावा पंचायतों को एक करोड़ 61 लाख रुपये से ज्यादा का वित्तीय नुकसान पहुंचाने की बात भी सामने आई थी। इसके आधार पर पुलिस ने वर्ष 2020 में धारा 406, 420, 467, 468 व 471 के तहत केस दर्ज किया था। राकेश चांदवास ने बताया कि तीन साल बाद इस मामले में किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की गई। अब उन्होंने एसपी नितिका गहलोत से मुलाकात की। उन्होंने इस मामले में एसआईटी गठित कर दी है।
विज्ञापन
- इन्हें किया गया एसआईटी में शामिल
एसआईटी में डीएसपी देशराज, इकॉनोमी सेल प्रभारी, बाढड़ा एसएचओ व ईएसआई महेंद्र को शामिल किया गया है। डीसएपी देशराज को एसआईटी का प्रभारी नियुक्त किया गया है।
एसडीएम जांच में दोनों सरपंचों के हस्ताक्षर मिले थे फर्जी
मामले के शिकायतकर्ता राकेश चांदवास ने बताया कि उपायुक्त की ओर से कराई गई जांच के दौरान एग्रीमेंट पर गांव माईकलां और माई खुर्द सरपंच के फर्जी हस्ताक्षर पाए गए थे। इतना ही नहीं एग्रीमेंट भी झूठा मिला था।
विज्ञापन
राकेश चांदवास ने बताया कि वर्ष 2019 में उन्होंने बाढड़ा विधानसभा क्षेत्र के गांव माईकलां व माई खुर्द पहाड़ घोटाला उठाया था। तत्कालीन पुलिस अधीक्षक को उन्होंने मामला दर्ज करने के लिए शिकायत सौंपी थी और इसके बाद पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से शिकायत उपायुक्त कार्यालय में भेजी गई थी। तत्कालीन उपायुक्त ने जांच की जिम्मेदारी बाढड़ा एसडीएम को दी थी। इसके बाद एसडीएम ने मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट वर्ष 2020 में उपायुक्त कार्यालय में सौंपी थी।
विज्ञापन
एसडीएम जांच में पंचायतों को मिलने वाली रॉयल्टी राशि का समय पर भुगतान न करने की बात सामने आई थी। इसके अलावा पंचायतों को एक करोड़ 61 लाख रुपये से ज्यादा का वित्तीय नुकसान पहुंचाने की बात भी सामने आई थी। इसके आधार पर पुलिस ने वर्ष 2020 में धारा 406, 420, 467, 468 व 471 के तहत केस दर्ज किया था। राकेश चांदवास ने बताया कि तीन साल बाद इस मामले में किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की गई। अब उन्होंने एसपी नितिका गहलोत से मुलाकात की। उन्होंने इस मामले में एसआईटी गठित कर दी है।
विज्ञापन
- इन्हें किया गया एसआईटी में शामिल
एसआईटी में डीएसपी देशराज, इकॉनोमी सेल प्रभारी, बाढड़ा एसएचओ व ईएसआई महेंद्र को शामिल किया गया है। डीसएपी देशराज को एसआईटी का प्रभारी नियुक्त किया गया है।
एसडीएम जांच में दोनों सरपंचों के हस्ताक्षर मिले थे फर्जी
मामले के शिकायतकर्ता राकेश चांदवास ने बताया कि उपायुक्त की ओर से कराई गई जांच के दौरान एग्रीमेंट पर गांव माईकलां और माई खुर्द सरपंच के फर्जी हस्ताक्षर पाए गए थे। इतना ही नहीं एग्रीमेंट भी झूठा मिला था।