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मानसून सीजन में वन विभाग एक लाख पौध लोगों को दगा निशुल्क
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चरखी दादरी। मानसून सीजन में वन विभाग एक लाख पौधे आम लोगों को फ्री में उपलब्ध करवाएगा। विभाग ने पौधरोपण के लिए अभी से गड्ढे खोदने का काम शुरू कर दिया है ताकि मानसून की पहली बारिश में ही पौधरोपण किया जा सके। विभाग ने जिले में इस बार छह पौध नर्सरी तैयार की है। जून अंत तक सभी नर्सरी तैयार हो जाएंगी। विभाग ने इस बार जिले के लिए 7.50 लाख की पौध तैयार की है। यह पौधे गांव शामलात जमीन, सड़क व नहरों के किनारे, स्कूल, कॉलेज प्रांगण, सरकारी कार्यालयों के परिसरों में लगाए जाने हैं। नर्सरी के लिए बीज हिसार स्थित विभाग के केंद्र से मंगवाए गए थे।
पर्यावरण प्रदूषण विकट समस्या बनी रहती है। पेड़ों की संख्या लगातार घट रही है। सड़कों की चौड़ाई बढ़ने और नए रेलमार्ग बनने की वजह से हर साल राज्य के विभिन्न जिलों से लाखों की संख्या में हरे पेड़ों की कटाई मजबूरीवश करनी पड़ती है। इनके बदले नए पौधे लगाना और उनका कम से कम तीन साल रख रखाव करना बड़ा मुश्किल कार्य होता है जितने पौधे रोपित होते हैं उनमें से मुश्किल से 40 प्रतिशत ही पेड़ बन पाते हैं। पर्यावरण को संतुलित बनाए रखने में पेड़ों की सर्वोपरि भूमिका है। पेड़ से ही जीवों को ऑक्सीजन मिलती है।
वन विभाग ने आने वाले मानसून सीजन के लिए जिले में छह स्थानों पर पौध नर्सरी लगा रखी हैं। गांव बरसाना में लोहारु नहर के समीप और गांव रामनगर-कपूरी में बधवाना नहर के समीप पौधे तैयार करने की नर्सरी लगा रखी है। इसी प्रकार जिले के बाढड़ा, वृंदावन, सांजरवास, नीमड़ बडेसरा गांवों में नर्सरियां हैं। नर्सरियों में 50 हजार से ज्यादा टाल ट्री भी हैं। यह पौध जून माह के अंत तक तैयार हो जाएगी। इन पौध की नियमित रूप से देखरेख की जा रही है। बारिश होते ही विभाग पौधरोपण अभियान शुरू कर देगा। विभाग ने अभी से गड्ढे खोदने का काम शुरू कर दिया है।
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- इन प्रजातियों की पौध हो रही तैयार
जिले की तीनो नर्सरियों में गूगल बेल, बकान, शहतूत, पीपल, नीम, गुलमोहर, हारसिंगार, पालम खीरा, चक्रासिया, पापड़ी, जामुन, अनार, अमरूद, बेर, पपीता, कनेर, गूगल वीलिया, खेरी, रोंज सहित विभिन्न प्रजातियों की पौध तैयार की जा रही है।
- स्वयंसेवकों की ली जाएगी मदद
वन विभाग की योजना है कि मानसून सीजन में अधिक से अधिक पौधरोपण किया जाए। इसके लिए विभाग ग्राम पंचायतों के अलावा स्वयंसेवकों की भी मदद लेगा। विभाग ने इस बार साढ़े सात लाख पौध नर्सरियों में तैयार की हैं, जिनका रोपण के साथ वितरण भी किया जाएगा।
फरवरी माह में ही नर्सरियों में बीज रोपण का कार्य कर दिया गया था। विभाग की कोशिश रहती है कि हर साल पौधों की संख्या बढ़े ताकि पर्यावरण संतुलित बना रहे। एक लाख पौधे फ्री में आमजन को दिए जाएंगे। मानसून की पहली बारिश होते ही पौधरोपण शुरू कर दिया जाएगा।
-दलीप सिंह, जिला वन अधिकारी
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पर्यावरण प्रदूषण विकट समस्या बनी रहती है। पेड़ों की संख्या लगातार घट रही है। सड़कों की चौड़ाई बढ़ने और नए रेलमार्ग बनने की वजह से हर साल राज्य के विभिन्न जिलों से लाखों की संख्या में हरे पेड़ों की कटाई मजबूरीवश करनी पड़ती है। इनके बदले नए पौधे लगाना और उनका कम से कम तीन साल रख रखाव करना बड़ा मुश्किल कार्य होता है जितने पौधे रोपित होते हैं उनमें से मुश्किल से 40 प्रतिशत ही पेड़ बन पाते हैं। पर्यावरण को संतुलित बनाए रखने में पेड़ों की सर्वोपरि भूमिका है। पेड़ से ही जीवों को ऑक्सीजन मिलती है।
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वन विभाग ने आने वाले मानसून सीजन के लिए जिले में छह स्थानों पर पौध नर्सरी लगा रखी हैं। गांव बरसाना में लोहारु नहर के समीप और गांव रामनगर-कपूरी में बधवाना नहर के समीप पौधे तैयार करने की नर्सरी लगा रखी है। इसी प्रकार जिले के बाढड़ा, वृंदावन, सांजरवास, नीमड़ बडेसरा गांवों में नर्सरियां हैं। नर्सरियों में 50 हजार से ज्यादा टाल ट्री भी हैं। यह पौध जून माह के अंत तक तैयार हो जाएगी। इन पौध की नियमित रूप से देखरेख की जा रही है। बारिश होते ही विभाग पौधरोपण अभियान शुरू कर देगा। विभाग ने अभी से गड्ढे खोदने का काम शुरू कर दिया है।
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- इन प्रजातियों की पौध हो रही तैयार
जिले की तीनो नर्सरियों में गूगल बेल, बकान, शहतूत, पीपल, नीम, गुलमोहर, हारसिंगार, पालम खीरा, चक्रासिया, पापड़ी, जामुन, अनार, अमरूद, बेर, पपीता, कनेर, गूगल वीलिया, खेरी, रोंज सहित विभिन्न प्रजातियों की पौध तैयार की जा रही है।
- स्वयंसेवकों की ली जाएगी मदद
वन विभाग की योजना है कि मानसून सीजन में अधिक से अधिक पौधरोपण किया जाए। इसके लिए विभाग ग्राम पंचायतों के अलावा स्वयंसेवकों की भी मदद लेगा। विभाग ने इस बार साढ़े सात लाख पौध नर्सरियों में तैयार की हैं, जिनका रोपण के साथ वितरण भी किया जाएगा।
फरवरी माह में ही नर्सरियों में बीज रोपण का कार्य कर दिया गया था। विभाग की कोशिश रहती है कि हर साल पौधों की संख्या बढ़े ताकि पर्यावरण संतुलित बना रहे। एक लाख पौधे फ्री में आमजन को दिए जाएंगे। मानसून की पहली बारिश होते ही पौधरोपण शुरू कर दिया जाएगा।
-दलीप सिंह, जिला वन अधिकारी